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एनपीए में कमी: अगले बजट में सरकारी बैंकों में पूंजी नहीं डालेगा केंद्र, 2021-22 की दूसरी तिमाही में 17132 करोड़ का हुआ लाभ
Mon, 13 Dec 2021 06:41 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Mon, 13 Dec 2021 06:41 AM IST
सार
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2022 को मोदी 2.0 सरकार का चौथा बजट पेश करेंगी। सूत्रों के मुताबिक, अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए बैंकों को बाजार से धन जुटाने के साथ अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
केंद्र सरकार अगले बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में पूंजी नहीं डालेगी। सूत्रों का कहना है कि सरकारी बैंकों के फंसे कर्ज में कमी आई है। उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। ऐसे में सरकार की 2022-23 के बजट में पीएसबी में पूंजी डालने की किसी घोषणा की संभावना नहीं है। सरकार ने बैंकों से वसूली प्रक्रिया पर ध्यान देने को कहा है, जिससे उनकी वित्तीय सेहत और सुधरेगी।
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी, 2022 को मोदी 2.0 सरकार का चौथा बजट पेश करेंगी। सूत्रों के मुताबिक, अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए बैंकों को बाजार से धन जुटाने के साथ अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने इन बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिए 20,000 करोड़ रुपये तय किए हैं। 2021-22 की पहली तिमाही में सरकारी बैंकों का शुद्ध लाभ बढ़कर 14,012 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 17,132 करोड़ रुपये हो गया।
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एनपीए में कमी, पांच साल में सबसे ज्यादा लाभ
आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी बैंकों का एनपीए 31 मार्च, 2019 को 7,39,541 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा 31 मार्च, 2020 तक घटकर 6,78,317 करोड़ और 31 मार्च, 2021 (अस्थायी आंकड़े) तक 6,16,616 करोड़ रह गया। महामारी की वजह से 2020-21 में अर्थव्यवस्था में गिरावट के बावजूद सरकारी बैंकों को कुल 31,816 करोड़ का लाभ हुआ, जो पांच साल में सबसे ज्यादा है।
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