PMC बैंक घोटालाः RBI के कदम से एक हफ्ते पहले तोड़ी गई 16 करोड़ रुपये की 49 एफडी
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पंजाब एंड महाराष्ट्र बैंक घोटाले में आरबीआई के कदम उठाने की जानकारी कुछ खास लोगों को पहले से दे दी गई थी, जिसके बाद बैंक में मौजूद 49 एफडी खातों को बंद करके 16 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिया गया। इससे बैंक की गिरती वित्तीय हालत को और झटका लगा।
मुंबई से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक जानकारी ज्यादा लोगों को लीक होने से पहले ही आरबीआई ने 10 हजार रुपये निकालने की लिमिट को तय कर दिया। इसके बाद ही ज्यादातर खाताधारकों को बैंक में चल रहे घपले के बारे में जानकारी मिली। 23 सितंबर से पहले आरबीआई को पता चला कि कुल जमा 11, 617 करोड़ रुपये में से 29 फीसदी यानी कि 3368 करोड़ रुपये इन एफडी खातों से निकाल लिया गया था।
आरबीआई कर रहा है जांच
जिन 49 एफडी खातों से पैसा निकाला गया है, अब उनकी जांच आरबीआई कर रहा है। इतना पैसा निकलने के बाद ही केंद्रीय बैंक ने पीएमसी पर रोक लगाई है। सितंबर के तीसरे सप्ताह में व्हिसलब्लोअर की शिकायत करने के ठीक कुछ दिन पहले ही पीएमसी बैंक के कई खातों से पैसे निकाले गए, जिसके बाद 23 सितंबर को आरबीआई ने छह महीने का प्रतिबंध लगा दिया।
सूत्रों के अनुसार, रिजर्व बैंक ने अपनी शुरुआती जांच में पाया है कि कुछ निश्चित खातों से थोड़े ही समय में बड़ी धनराशि निकाली गई है। इसी कारण बैंक पर प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया है। आरबीआई का यह कदम इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि बैंक के दो तिहाई खाते छोटे जमाकर्ताओं के हैं।
सूत्रों का कहना है कि पिछले महीने बैंक के बोर्ड सदस्यों में से ही किसी ने वित्तीय अनियमितता के मामले को आरबीआई के सामने उजागर कर दिया था। व्हिसलब्लोअर ने अपनी शिकायत में कहा था कि बैंक ने एनपीए हो चुके कई खातों की गलत जानकारी उपलब्ध कराई है।
उसकी कुल लोन बुक का 73 फीसदी कर्ज सिर्फ एचडीआईएल डेवलपर्स को दिया गया है। बैंक की लोन बुक में कुल 8,880 करोड़ का कर्ज बांटा गया है, जिसमें से एचडीआईएल को 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। यह बात बैंक के निलंबित एमडी जॉय थॉमस भी स्वीकार कर चुके हैं।
इसके बाद आरबीआई ने बैंक को त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) के फ्रेमवर्क में डाल दिया और छह महीने तक नया कर्ज बांटने पर रोक लगा दी। साथ ही जमाकर्ताओं के लिए छह महीने में सिर्फ 10 हजार रुपये निकासी की सीमा तय कर दी।