{"_id":"62ce1743cee0bb5dc952fd6a","slug":"banks-lose-rs-13000-crore-due-to-increase-in-bond-yields","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bond Yields: बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बैंकों को 13000 करोड़ का नुकसान, जानें कहां पड़ सकता है असर","category":{"title":"Banking Beema","title_hn":"बैंकिंग बीमा","slug":"banking-beema"}}
Bond Yields: बॉन्ड यील्ड बढ़ने से बैंकों को 13000 करोड़ का नुकसान, जानें कहां पड़ सकता है असर
Wed, 13 Jul 2022 06:22 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 13 Jul 2022 06:22 AM IST
सार
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के निवेश पोर्टफोलियो में सरकारी प्रतिभूतियां अधिक हैं। खासकर वे प्रतिभूतियां ज्यादा हैं, जो लंबी अवधि की हैं। बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से लाभ के नजरिये से चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) बढ़ने से बैंकों को अप्रैल-जून तिमाही में अपने निवेश पर मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से 13,000 करोड़ रुपये का नुकसान (मार्क टू मार्केट) हो सकता है। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा ने मंगलवार को कहा कि 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही में लाभ कुछ नरम होगा। लेकिन, कर्ज में अच्छी वृद्धि और परिचालन लाभ से बैंकों का मुनाफा 2022-23 में लगातार बने रहने की उम्मीद है। बैंकों के कर्ज में 2022-23 में 10.1 से 11 फीसदी वृद्धि की उम्मीद है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों के निवेश पोर्टफोलियो में सरकारी प्रतिभूतियां अधिक हैं। खासकर वे प्रतिभूतियां ज्यादा हैं, जो लंबी अवधि की हैं। बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से लाभ के नजरिये से चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बॉन्ड पोर्टफोलियो पर 8,000 से 10,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। निजी क्षेत्र के बैंकों को 2,400 से 3,000 करोड़ की चपत लग सकती है।
विज्ञापन
...तो लाभ पर पड़ सकता है असर
इक्रा के उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा, नुकसान के बावजूद 2022-23 में परिचालन लाभ 11-12 फीसदी बढ़ने की संभावना को देखते हुए हमारा अनुमान है कि बैंकों का मुनाफा बना रहेगा। मुख्य परिचालन लाभ बढ़ने से ‘मार्क टू मार्केट’ नुकसान का असर कम होगा।
विज्ञापन
अगर प्रतिफल आने वाले समय में और अधिक बढ़ता है तो 2022-23 में लाभ पर कुछ असर पड़ सकता है।
ब्याज दर बढ़ने से कर्ज मांग पर पड़ेगा असर
बैंकों के लिए कर्ज वृद्धि 2022-23 की पहली तिमाही में सकारात्मक बनी हुई है। यह वृद्धि कर्ज के सभी मोर्चों पर है। इक्रा ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने से आने वाले समय में कर्ज की मांग पर असर पड़ने की आशंका है।