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नोटबंदी: जुगाड़ से भी काम चला रहे हैं बैंककर्मी

Mon, 21 Nov 2016 01:31 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 21 Nov 2016 01:31 PM IST
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Bank employees using jugad to tackle customers
coins - फोटो : ANI

500 और 1,000 रुपये के नोटबंदी के बाद नोट बदलने, पुराने नोटों को जमा करने तथा नकदी की निकासी के लिए उमड़ रही भीड़ को शांत करने के लिए बैंकों को जुगाड़ से भी काम चलाना पड़ रहा है। कहीं पुराने नोटों से काम चलाया जा रहा है तो कहीं सिक्कों की थैली ग्राहकों को थमायी जा रही है। ऐसा इसलिए, ताकि अधिक से अधिक ग्राहकों का काम चल सके। पंजाब नेशनल बैंक की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक उषा अनंतसुब्रमणियन ने अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया कि बैंककर्मी ग्राहकों को शांत करने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं।

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इन उपायों में ग्राहकों को सिक्कों की थैली सौंपना भी शामिल है। उनके मुताबिक छोटे शहरों, कस्बों या ग्रामीण इलाकों में अधिकतर ग्राहक 2,000 रुपये के नोट नहीं लेना चाहते। ऐसे ग्राहकों को 10, 20, 50 और 100 रुपये के नए और पुराने नोट देकर काम चलाया जा रहा है। कहीं-कहीं ग्राहकों को सिक्के ही दिए जा रहे हैं। बैंककर्मी पहले से ही प्लास्टिक की थैली में
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सिक्कों को पैक करके रखते हैं ताकि ग्राहक जैसे ही मांग करें, उन्हें थैली थमा दी जाए।

एचडीएफसी बैंक के एक प्रबंधक ने बताया कि उनके यहां अधिकतर ग्राहक नए और छोटे नोटों की गड्डी मांग रहे हैं। सच्चाई यह है कि बैंकों में नए नोटों की गड्डी आ ही नहीं रही है। यहां नॉन इश्यूबल नोट भेजे जा रहे हैं, जिनमें मैले-कुचैले और कटे-फटे नोट शामिल हैं। ग्राहक जब ऐसे नोट लेने से इंकार करते हैं तो उन्हें समझाया जाता है कि अभी इसी से काम चला लीजिए। बाद में नए नोट आने पर उन्हें बदल दिया जाएगा।

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अभी इतना ही रखिए, फिर आ जाइएगा

Bank employees using jugad to tackle customers

उत्तर प्रदेश के वाराणसी मंडल में तैनात इलाहाबाद बैंक के एक प्रबंधक ने बताया कि ग्राहक अखबार लेकर चले आते हैं कि सरकार ने सप्ताह में 24 हजार रुपये तक निकालने की छूट दी है।

गांव की छोटी ब्रांचों में हर रोज ढाई-तीन लाख रुपये की ही सप्लाई आ रही है, ऐसे में यदि एक ही ग्राहक को इतने पैसे दे दिए जाएं तो फिर दूसरे ग्राहक तो हंगामा ही करेंगे। इसलिए सभी ग्राहकों को हाथ जोड़कर समझाया जा रहा है कि फिलहाल 4,000 रुपये रखिए, अगले एक-दो दिन में फिर से बैंक आ जाइएगा। बैंक आपका ही है और पैसे भी आपके हैं। अभी नकदी का संकट है, सहयोग कीजिए। इससे अधिकतर ग्राहक मान जा रहे हैं।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि शादी के मौसम में अधिकतर ग्राहक नए नोट मांगते हैं। उन्हें समझाया जाता है कि नए नोट एटीएम में लोड किये जा रहे हैं। यदि नए नोट चाहिए तो वहां से निकालिये। कुछ लोग मान जाते हैं, जबकि कुछ अड़ जाते हैं। उन्हें भी निराश ही लौटना पड़ता है क्येांकि नए नोटों की सप्लाई उतनी ही आ रही है, जिनता एटीएम में भरना जरूरी है।

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