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आधारः ईकेवाईसी बंद होने से ऑनलाइन कर्ज, म्यूचुअल फंड की बिक्री पर असर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 01 Oct 2018 02:20 PM IST
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आधार नंबर को बैंकिंग व अन्य वित्तीय सेवाओं पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाने के बाद अब कई सेवाओं पर इसका असर दिखने लगा है, जिनमें इसका प्रयोग ईकेवाईसी के तौर पर किया जाता था।
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इन सेवाओं पर पड़ा असर
ईकेवाईसी बंद होने से अब कर्ज लेना, म्यूचुअल फंड में निवेश करना या फिर इंटरनेट से बीमा पॉलिसी खरीदना भी मुश्किल हो गया है। ईकेवाईसी होने से किसी भी ग्राहक को अपना खाता खुलवाना या फिर कर्ज लेना आसान हो गया था। लेकिन अब इस तरह की सुविधाओं का प्रोसेस होने में अधिकतम तीन दिन का समय लगेगा। अभी ग्राहकों को ई-केवाईसी कराने पर यह सभी सुविधाएं 15 मिनट में मिल जाती हैं।
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2016 में आरबीआई ने दिया था निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2016 में ओटीपी के जरिए ईकेवाईसी करने का निर्देश दिया था। आरबीआई ने तब अपने आदेश में बैंकों को कहा था कि वो ओटीपी के जरिए ग्राहकों की सहमति से ईकेवाईसी कर सकते हैं। हालांकि ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहक एक साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा पैसा जमा नहीं कर सकते हैं।
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ईकेवाईसी से बढ़ी कर्ज लेने वालों की संख्या
आधार के जरिए ईकेवाईसी कराने वाले ग्राहकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली थी। इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटा राशि का कर्ज लेने वालों हुआ था। फिनटेक कंपनियों का भी खर्च इस प्रोसेस के जरिए काफी कम हो गया था। 2017 में जहां 4.8 करोड़ लोगों का ईकेवाईसी हुआ था, वहीं 2018 में यह बढ़कर 13.8 करोड़ हो गया था। बैंकों को भी ईकेवाईसी से अपना नेटवर्क और ग्राहक संख्या बढ़ाने में मदद मिली थी।