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SBI के बाद इस बैंक के फंसे कर्ज में आरबीआई ने पाया अंतर

Sun, 15 Dec 2019 01:28 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 15 Dec 2019 01:28 PM IST
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after SBI now PNB under reported bad loans shows RBI report

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने पंजाब नेशनल बैंक की ओर से दिए गए नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) यानी फंसे हुए कर्ज को लेकर दिए गए आंकड़ों में अंतर पाया है। इस संदर्भ में पीएनबी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 आरबीआई के आकलन में 2,617 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है। 

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बैड लोन की प्रोविजनिंग में 2,091 करोड़ का अंतर

इतना ही नहीं, आरबीआई ने पिछले वित्त वर्ष में बैड लोन की प्रोविजनिंग में 2,091 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया था। यानी इन आंकड़ों को जोड़ने के बाद वित्त वर्ष में पीएनबी को 9,975.49 करोड़ रुपये नहीं, बल्कि 11,335.90 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।

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आरबीआई ने पाया इतना अंतर

पंजाब नेशनल बैंक ने 78,472.70 करोड़ रुपये के सकल एनपीए की सूचना दी थी। हालांकि, आरबीआई के आकलन के अनुसार, यह आंकड़ा 81,089.70 करोड़ रुपये का रहा। पीएनबी ने 30,037.66 करोड़ रुपये का नेट एनपीए की जानकारी दी थी, लेकिन आरबीआई ने अपने आकलन में यह आंकड़ा 32,654.66 करोड़ रुपये का पाया था। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान, बैंक ने एनपीए के लिए 48151.15 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग की थी। हालांकि आरबीआई के अनुसार, पीएनबी को 50,242.15 करोड़ रुपये की प्रोविजनिंग करने की जरूरत थी। 

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SBI के फंसे कर्ज में भी अंतर

बता दें कि पिछले सप्ताह आरबीआई ने एसबीआई के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स और प्रोविजनिंग के आकंड़ों में भी अंतर पाया था, जिसकी जानकारी एसबीआई ने दी थी। 

ग्रॉस एनपीए में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर

बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एसबीआई ने 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष (2018-19) में ग्रॉस एनपीए एक लाख 72 हजार 750 करोड़ रुपये बताया था। हालांकि आरबीआई के अनुसार, यह आंकड़ा एक लाख 84 हजार 682 करोड़ रुपये होना चाहिए। इस तरह ग्रॉस एनपीए में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर आ रहा है। नेट एनपीए की रिपोर्टिंग में 11,932 करोड़ रुपये का अंतर मिला है। एसबीआई के अनुसार, यह 65,895 करोड़ रुपये है। लेकिन आरबीआई के मुताबिक, इसे 77,827 करोड़ रुपये होना चाहिए। 

प्रोविजनिंग राशि में 12,036 करोड़ रुपए का फर्क

सिर्फ एनपीए ही नहीं, आरबीआई के मुताबिक एसबीआई की प्रोविजनिंग राशि में भी अंतर है। आरबीआई और एसबीआई के आंकड़ों में 12,036 करोड़ रुपये का फर्क पाया गया है। एसबीआई के मुताबिक इसका आंकड़ा एक लाख छह हजार 856 करोड़ रुपये है, जबकि आरबीआई के मुताबिक यह रकम एक लाख 18 हजार 892 करोड़ रुपये है। 

बता दें कि बैंकों को केंद्रीय बैंक की फाइनल रिस्क एसेसमेंट रिपोर्ट मिलने के 24 घंटे के अंदर एनपीए और प्रोविजनिंग के आंकड़ों में फर्क की जानकारी सार्वजनिक करनी होती है।

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