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दर्दनाक! एक ऐसी परंपरा जिसके बारे में सुनते ही कांप जाए रूह

Mon, 09 Jun 2014 04:25 PM IST
Updated Mon, 09 Jun 2014 04:25 PM IST
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peircing by sharp hooks

हम सभी भगवान के प्रति आस्था दिखाने के लिए कुछ न कुछ करते हैं। फिर चाहे वो रोज की पूजा हो, मंदिर जाना या फिर व्रत और कथा-पाठ का हिस्सा बनकर उनको याद करना।

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ऑडी के मुताबिक लेकिन हर जगह की तरह हमारे भी देश में केरल में एक ऐसी जगह है जहां लोग भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा दिखाने के लिए देते हैं खुद को एक भयानक सजा।
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वो अपने आप को लोहे के हुक के सहारे अपनी पीठ को ठुकवाते हैं और फिर हवा में उलटे लटके रहते हैं।

नहीं रहते हैं आम इंसान

peircing by sharp hooks

केरल के काली मंदिर में हर साल कुछ लोग गरूडन ठोक्कम बनते हैं। इसका मतलब होता है एक हिंदु देवता। ऐसा बनने के बाद वो पूरा कार्यक्रम पूरा न हो जाने तक खुद को भूल जाते हैं।

जो चुनिंदा लोग ये बनते हैं वो सबसे पहले तो मंदिर के सामने डांस करते हैं उसके बाद खुद की पीठ के सहारे लंबे लकड़ी के फट्टों पर टंग जाते हैं।

ऐसा करने के बाद उन्हें मंदिर के चारों ओर घुमाया जाता है। इस दौरान उनके शरीर से खून भी बह रहा होता है लेकिन वो मगन होकर बस अपनी परंपरा निभा रहे होते हैं।


बच्चे भी साथ

peircing by sharp hooks
इन्हीं में से कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो न सिर्फ खुद को टंगवाकर घूमते हैं बल्कि इसी दौरान छोटे बच्चों को अपने हाथों में ही पकड़े रहते हैं।

इस तरह से उनकी आस्था को और भी मजबूती मिलती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान को अपनी तरफ से तोहफा देने का इससे बेहतर और कोई तरीका नहीं हो सकता है।

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