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Nepal: हिमालय क्षेत्र में दो ग्लेशियर झीलों के फटने से आई नेपाल के गांव में तबाही, विशेषज्ञों ने की पुष्टि

Sat, 17 Aug 2024 07:36 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 17 Aug 2024 07:36 PM IST
सार

Nepal: विशेषज्ञों और अधिकारियों की एक टीम को हेलीकॉप्टर की मदद से आपदा स्थल का निरीक्षण और अचानक आई बाढ़ की जांच करने के लिए भेजा गया। हेलीकॉप्टर ने ऊंचाई पर ग्लेशियर झीलों तक उड़ान भरी। उन्होंने पुष्टि की बाढ़ आने के पीछे की वजह ग्लेशियर झीलों का फटना है। 

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Experts confirm glacial lake outburst devastated village in Everest region in Nepal
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सेना के अधिकारियों, नगर निकाय और वैज्ञानिकों ने आज पुष्टि की कि नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में ऊंचाई पर स्थित थामे गांव में विनाशकारी बाढ़ दो ग्लेशियर झीलों के फटने से आई थी। जिससे भारी तबाही मची। बाढ़ ने गांव के आधे से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचाया। यह घटना शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। बाढ़ बड़े पत्थर, मलबा और कीचड़ को अपने साथ ले आई, जिससे गांव को बहुत नुकसान हुआ। 

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सेना के कैंप में 92 लोगों को दी गई शरण
अधिकारियों ने बताया कि थामे गांव खुम्बू सासंग ल्हामू ग्रामीण नगर पालिका-5 के तहत आता है। करीब 93 लोग जो ऊंचाई वाले इलाके की ओर भाग गए थे या जिन्हें बचाया गया, उन्हें अब सेना के कैंप में शरण दी गई है। जबकि 42 अन्य लोगों को पास के एक सामुदायिक भवन में अस्थायी रूप से रखा गया है। 
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विशेषज्ञों की टीम ने किया आपदा स्थल का निरीक्षण
अब तक किसी के मौत की खबर नहीं है। हालांकि, एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। बाढ़ ने दुधकोशी नदी की एक सहायक नदी को प्रभावित किया है। एक विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम को हेलीकॉप्टर की मदद से आपदा स्थल का निरीक्षण और अचानक आई बाढ़ की जांच करने के लिए भेजा गया। हेलीकॉप्टर ने ऊंचाई पर ग्लेशियर झीलों तक उड़ान भरी। 
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झील फटने से आई गांव में तबाही
हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, हवाई निरीक्षण के बाद पुष्टि की गई कि बाढ़ ग्लेशियर झील के फटने से आई, जो घाटी के ऊपर स्थित कई झीलों में से एक थी। काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, थामे गांवे के ऊपर बनी पांच ग्लेशियर झीलों में से दो झील फट गईं, जिसने बाढ़ के रूप में निचले क्षेत्रों को प्रभावित किया। 



पर्वतारोही तेंजिंग नॉर्गे का जन्मस्थल है थामे गांव
थामे गांव एवरेस्ट क्षेत्र का प्रवेश द्वार माने जाने वाले नामचे बाजार से 16 किलोमीटर की दूरी पर है। यह समुद्र तल से करीब 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और प्रसिद्ध शेरपा तेंजिंग नॉर्गे का जन्मस्थल है। तेंजिंग नॉर्गे ने न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी के साथ मिलकर मई 1953 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी। यह अपा शेरपा, कामी रीता शेरपा और लाकपा रीता शेरपा जैसे जाने-माने एवरेस्ट पर्वतारोहियों का भी घर है। 

नगलपालिका ने फेसबुक पर पोस्ट किया वीडियो
नगरपालिका ने फेसबकु पेज पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जो हेलीकॉप्टर से लिया गया था। वीडियो में थामे गांव के ऊपर के हिस्सों, फटे ग्लेशियर झील और अन्य झीलों को दिखागया गया है। साथ ही बाढ़ से मची तबाही को भी दिखाया गया है। 

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