एक समय था जब परमाणु बम बनाने की होड़ में दुनियाभर के देश जुटे हुए थे। 50-60 के दशक में अमेरिकी और सोवियत संघ दो ऐसे देश थे, जिनके पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार थे। वैसे ये तो आप जानते ही होंगे कि अमेरिका ने जापान के दो शहरों हिरोसिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए थे, जिससे लाखों लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया था, जब अमेरिका का ही परमाणु बम उसी के देश में गिर गया था और वो तबाह होते-होते बचा था। यह घटना आज से 59 साल पहले की है।
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जब अपने ही परमाणु बम से तबाह होने वाला था अमेरिका
- फोटो : Social media
साल 1961 की बात है। अमेरिका में उस वक्त की सबसे बड़ी तबाही आ सकती थी, जब चार मेगाटन का एक परमाणु बम फटने से बस एक बटन दूर था। साल 2013 में सार्वजनिक हुए अमेरिका के कुछ गुप्त दस्तावेजों से यह बात सामने आई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social media
गुप्त दस्तावेजों के मुताबिक, 23-24 जनवरी, 1961 को अमेरिका का एक बी-52 विमान उत्तरी कैरोलिना के ऊपर से गुजर रहा था, लेकिन अचानक विमान में कुछ खराबी आ गई और वो अनियंत्रित होने लगा, जिसके बाद विमान में रखे दो मार्क 39 परमाणु बम नीचे जमीन पर गिर गए और उनमें से एक में डिटोनेशन प्रक्रिया शुरू हो गई, यानी बम के फटने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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जब अपने ही परमाणु बम से तबाह होने वाला था अमेरिका
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हालांकि यह परमाणु बम फट नहीं पाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक कम-वोल्टेज के स्विच के नाकाम हो जाने की वजह से यह खौफनाक दुर्घटना टल गई थी। बाद में अमेरिकी वायु सेना के जवानों ने उस बम को जमीन के अंदर बने एक गहरे गड्ढे से निकाला था।
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परमाणु बम विस्फोट (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
कहा जाता है कि यह परमाणु बम हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए बमों से 260 गुना ज्यादा शक्तिशाली था। अमेरिकी सरकार ने इस घटना के बारे में पहले भी स्वीकार किया था, लेकिन कभी भी यह सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया गया था कि अमेरिका परमाणु बम विस्फोट के कितने करीब था।