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11:11 पर ही घड़ी पर जाती है नजर तो ये इत्तेफाक नहीं, जानिए क्या है इसकी वजह
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
Updated Fri, 01 Dec 2017 01:15 PM IST
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दिनभर में हमारी जिंदगी कई अजीबोगरीब घटनाओं से होकर गुजरती है, लेकिन इनकी ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता है। आज हम आपको ऐसी ही एक अजीब बात बताने जा रहे हैं जिस पर आपने अब तक गौर नहीं किया होगा।
आपने शायद ही कभी ये नोटिस किया हो कि ज्यादातर एक खास समय पर ही हमारी नजर घड़ी की ओर जाती हैं। ऐसा दिन या रात के 11 बजकर 11 मिनट पर ही होता है। अक्सर आपके साथ ये घटना जरूर हुई होगी। दरअसल, ये कोई इत्तेफाक नहीं...
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आपने शायद ही कभी ये नोटिस किया हो कि ज्यादातर एक खास समय पर ही हमारी नजर घड़ी की ओर जाती हैं। ऐसा दिन या रात के 11 बजकर 11 मिनट पर ही होता है। अक्सर आपके साथ ये घटना जरूर हुई होगी। दरअसल, ये कोई इत्तेफाक नहीं...
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दरअसल, ये कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि इसके पीछे एक खास कारण जुड़ा है। कई बार लोगों को अपनी घड़ी में रिपीटेड टाइम दिखाई देता है। इसका मतलब ये हुआ कि इससे पहले जब उन लोगों ने घड़ी देखी होगी उस दौरान भी वही टाइम हुआ होगा। तो वहीं कुछ की नजर 11:11 में घड़ी पर जाती है। क्या आप जानते है इसका कारण..?
कुछ साइंटिस्ट्स इसके पीछे लॉजिक लगाते हैं। उनका मत है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि न्यूम्रोलॉजी का सीधा संबंध संख्याओं से होता है और ये 'आक्टल' के शिष्टाचार के संबंध से जुड़ा है। इसी के आधार पर हम अपने जीवन में वर्तमान और आगामी प्रवृत्तियों का पता लगाते हैं। इसके संख्या पद्धतियाँ (Numeral system) में प्रत्येक भाषा में कुछ न कुछ अंक अवश्य होते हैं। इकाई की संकल्पना से "एक" की और अनेकता की संकल्पना से "दो" की रचना हुए बिना नहीं रहती। लेकिन मानव स्वभाव हमेशा इकाई से ही शुरूआत करता है। इसलिए ज्यादातर ध्यान घड़ी में 11:11 बजने पर ही जाता है।
कुछ साइंटिस्ट्स इसके पीछे लॉजिक लगाते हैं। उनका मत है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि न्यूम्रोलॉजी का सीधा संबंध संख्याओं से होता है और ये 'आक्टल' के शिष्टाचार के संबंध से जुड़ा है। इसी के आधार पर हम अपने जीवन में वर्तमान और आगामी प्रवृत्तियों का पता लगाते हैं। इसके संख्या पद्धतियाँ (Numeral system) में प्रत्येक भाषा में कुछ न कुछ अंक अवश्य होते हैं। इकाई की संकल्पना से "एक" की और अनेकता की संकल्पना से "दो" की रचना हुए बिना नहीं रहती। लेकिन मानव स्वभाव हमेशा इकाई से ही शुरूआत करता है। इसलिए ज्यादातर ध्यान घड़ी में 11:11 बजने पर ही जाता है।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें वैज्ञानिक इसका कनेक्शन माया सभ्यता से भी जोड़कर देखते हैं। 26 हजार साल पुरानी इस सभ्यता को एस्ट्रोलॉजी के मामले में काफी एडवांस समझा जाता है। आपको बता दें कि इसी सभ्यता ने 21 दिसंबर, 2012 को 11 बजकर 11 मिनट पर ही दुनिया के अंत की बात कही थी। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ।
इस सभ्यता के कैलेंडर के मुताबिक, चूंकि इस समय के सारे अंक समान हैं, उसी के आधार पर सभी इंसान एक सामान शुरुआत भी करेंगे। ऐसे में अगर आपकी नजर बार-बार किसी एक ही संख्या पर पड़ रही है, तो आपकी जिंदगी में जरूर कुछ नया होने वाला है जो आपके लिए खास होगा।
इस सभ्यता के कैलेंडर के मुताबिक, चूंकि इस समय के सारे अंक समान हैं, उसी के आधार पर सभी इंसान एक सामान शुरुआत भी करेंगे। ऐसे में अगर आपकी नजर बार-बार किसी एक ही संख्या पर पड़ रही है, तो आपकी जिंदगी में जरूर कुछ नया होने वाला है जो आपके लिए खास होगा।