मां-बाप ने कलंकित किया रिश्ता, बेटी को अलमारी में बंद कर सालों किया रेप
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ये जुल्म की एक ऐसी कहानी है जिसे सुनकर आपका दिल रो पड़ेगा। कोई मां अपनी ही बच्ची के साथ ऐसा काम भी कर सकती है, सोचकर ही होश उड़ जाते हैं।
डेली मेल के मुताबिक अमेरिका के टेक्सस में रहने वाली लॉरेन कैवनॉग घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न की बहुत बड़ी शिकार रही हैं।
21 साल की लॉरा बताती हैं कि जब वो मात्र 3 साल की थी, तभी से उसकी मां को उससे एक अजीब से किस्म का द्वेष रहता था। वो जब भी रोना शुरू करती थी तो उसकी मां बारबारा एटकिंसन उसे घर में मौजूद एक छोटी सी अलमारी में बंद कर देती थी।
अलमारी में बिताए छह साल
बारबारा का दूसरा पति केनी एटकिंसन उसके साथ मिलकर लॉरा पर जुल्म ढहाता था। सिर्फ तीन साल की बच्ची से तंग आकर दोनों ने उसे छह सालों के लिए चार बाय नौ की अलमारी में बंद रखा।
वो उसे खाने को भी कुछ नहीं देते थे। बस कुछ भी ऐसा दे देते थे ताकि लॉरा मर ना जाए। बाकी अलमारी के अंदर अपनी जिंदगी का छह साल बिताने वाली लॉरा कहती हैं कि उन्हें मूत्र त्यागने के लिए भी बाहर नहीं आने दिया जाता था।
वहीं वो मूत्र त्याग करती और उसी में सोती। ना बदलने के लिए उसे कपड़े दिए जाते और ना ठंड में ओढ़ने के लिए मोटी रजाई।
किसी से नहीं था कोई संपर्क
लॉरा कहां है, कैसी है और जिंदा भी है या नहीं, इस बात की खबर किसी को नहीं थी। अलमारी में पड़े पड़े तीन साल की बच्ची आठ साल की हो गई।
लॉरा को जब भी उसके मां-बाप अलमारी से बाहर निकालते, उसको पीटते और उसका यौन उत्पीड़न करते। दर्द में बच्ची कराहती रहती लेकिन कोई उसको सुनने के लिए नहीं था।
आपको सुनकर हैरत होगी कि जब सालों बाद एक पड़ोसी को घर में बच्ची के होने का शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी। संदिग्ध हालात देखते हुए पुलिस बारबारा के घर पहुंची और मामले को आड़े हाथों लिया।
सूख की लकड़ी बन गई थी लॉरा
छह सालों बाद कोई लॉरा को तलाशते हुए घर आया। इन छह सालों में उसने पूरी एक दुनिया खो दी थी। कोई और तीसरा शख्स भी हो सकता है, उसे यकीन ही नहीं था।
जब पुलिस ने घर के चप्पे-चप्पे को तलाशा तो उसमें से उन्हें एक अलमारी दिखी। अलमारी के खोलते ही जो नजारा दिखा वो कभी ना भूल सकने वाला था। पूरी अलमारी अंदर से सड़ चुकी थी। बदबू इतनी भयावह, कि किसी की जान चली जाए।
वहीं कोने में पड़ी थी लॉरा जो बस 11 किलो की बची थी। लॉरा के हाथ-पैर हो या फिर चेहरा सब कुछ अंदर धंस गया था। उसका पेट कुपोषण के कारण फूल आया था।
जरूरी अंग तोड़ने वाले थे दम
लॉरा उस वक्त मरने ही वाली थी जिस वक्त पुलिस उसको बचाने चली आई। उसके लगभग सभी अंदरूनी अंद काम करना बंद कर रहे थे।
कुपोषण इतना ज्यादा कि ना कुछ दिखाई दे और ना ही सुनाई। उसके नन्हे से बदन पर इतनी हैवानियत दिखाई गई कि उसकी कई सर्जरी करनी पड़ी।
उसकी जान को बचाए जाना बहुत ही मुश्किल था। कई महीनों तक तो वो ठीक से खाना भी नहीं खा पाई। उसे फीड़िग की मदद से धीरे-धीरे खाने के योग्य बनाया गया।
अब कर रही है पढ़ाई
उसे जब उस अंधेरी जगह से निकाला गयाच उसे ठीक से होश में आते आते लंबा समय बीता। फिर दरिंदे मां-बाप से दूर होने के बाद वो ढ़ंग से जी पाई।
साल 2002 में बारबारा और उसके पति को तमाम तरह के उत्पीड़न करने के जुल्म में गिरफ्तार किया गया। दोनों को 2031 तक बिना पेरौल के जेल में ही रहना है।
इस बीच अब लॉरा 21 साल की हो गई है। वो साइकॉलोजी की छात्रा हैं और अब हिंसा से जूझ रहें बच्चों की मदद करती हैं। आने वाले दिनों में वो एक लॉयर बनकर काम करना चाहती हैं।