कब लगेगा 2027 का पहला सूर्य ग्रहण? जानिए तारीख, समय और भारत में दिखेगा या नहीं
साल 2027 में पहला ग्रहण 6 फरवरी, शनिवार के दिन लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भारतीय समय के मुताबिक, शाम 6 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगा और रात 12 बजकर 32 मिनट पर खत्म होगा।
विस्तार
खगोलीय घटनाओं में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए साल 2027 बेहद खास है। अगले साल आसमान में कई खगोलीय घटनाएं होंगी। इसमें सूर्य ग्रहण भी शामिल है। लोगों के मन में सवाल है कि साल 2027 में सूर्य ग्रहण कब लगेगा, कितनी देर तक रहेगा और क्या भारत में दिखेगा?
साल 2027 का पहला सूर्य ग्रहण 6 फरवरी, शनिवार के दिन लगेगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। 6 फरवरी 2027 को लगने वाला वलयाकार सूर्य ग्रहण भारतीय समय के मुताबिक, शाम 6 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगा और रात 12 बजकर 32 मिनट पर खत्म होगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा।
कहां दिखेगा 2027 का पहला सूर्य ग्रहण?
6 फरवरी 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ इलाकों में नजर आएगा। दक्षिण अमेरिका, अंटार्कटिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखेगा। भारत में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा।
क्यों लगता है सूर्य ग्रहण?
सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा के आने पर सूर्य का बिंब कुछ समय के लिए पूरी तरह से ढक जाता है। इस घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान जिस स्थान पर परछाई पड़ती है वहां आसमान में सूर्य आधा या पूरा ढका दिखाई देता। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं, तब सूर्य ग्रहण की घटना होती है। सूर्य ग्रहण तीन प्रकार का होता है, पूर्ण सूर्य ग्रहण, वलयाकार सूर्य ग्रहण और आंशिक सूर्य ग्रहण।
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तीन तरह के होते हैं सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब धरती और सूर्य के बीच चंद्रमा आ जाता है। चंद्रमा की छाया पूरी तरह धरती को ढक लेती है। इस स्थिति में चंद्रमा की पूर्ण छाया धरती पर पड़ती है, जिससे अंधेरा सा नजारा हो जाता है। इस अवस्था को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
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वलयाकार सूर्य ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण में धरती से चंद्रमा दूर होता है। इस समय चांद, सूर्य को पूरी तरह नहीं ढकता है, लेकिन इस दौरान सूर्य रिंग आफ फायर जैसा दिखता है और आकार में भी छोटा दिखता है।
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आंशिक सूर्य ग्रहण
आंशिक सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच से चंद्रमा गुजरता है, लेकिन एक पक्ति में सूर्य, चंद्रमा और धरती नहीं होते हैं। सूर्य का सिर्फ एक भाग ही ढका हुआ नजर आएगा। आंशिक सूर्य ग्रहण को ही खंडगास सूर्य ग्रहण कहा जाता है।