शरीर से निकले ये भयानक ट्यूमर, डॉक्टर तक रह गए दंग
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शरीर में कब क्या हो जाए, इसका पता लगा पाना मुश्किल होता है। कई बार सालों बाद लोगों को पता चलता है कि वो किसी जानलेवा बीमारी से ग्रस्त हैं।
अगर इंसान गरीब हो, तब तो बीमारी को नजरअंदाज करना तय सा हो जाता है। चीन की एक 35 वर्षीय महिला के पूरे बदन पर काफी बड़े आकार का ट्यूमर फैल चुका था।
युआन नाम की इस औरत की पीठ से ये ट्यूमर बढ़ना शुरू हुआ और उसके पीठ के निचले हिस्से से लेकर पैर और ऐड़ी तक जा पहुंचा।
सड़कों पर लोगों के जूते पॉलिश कर अपना गुजर बसर करने वाली युआन बताती हैं कि जब उनका जन्म हुआ था तब से ही पूरे बदन में भूरे रंग के दाग धब्बे थे।
पिछले 10 सालों में युआन का ट्यूमर बढ़ी तेजी से फैला और उसका वजन 25 किलो हो गया। युआन की ऐसी स्थिति देखकर किसी शख्स ने युआन की मदद की। युआन की सर्जरी होना बहुत जरूरी था। अगर ऐसा ना किया जाता, तो उसकी मौत हो जाती।
युआन के ट्यूमर को हटाने के लिए कई सर्जनों ने मिलकर 10 घंटे तक ऑपरेशन किया। इसके बाद जाकर युआन को अपने शरीर के वजन से ज्यादा भारी ट्यूमर से निजात मिली।
बट पर निकल आया 110 किलो का ट्यूमर
ट्यूमर के मामले दंग कर देने वाला दूसरा मामला भी चीन से ही था।
बीजिंग शहर में 37 साल के यांग जायबिन को दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूमर था।
उनके बट पर बढ़ रहा ट्यूमर इतना ज्यादा बड़ा था कि उन्हें बेड पर लेटने में भी तकलीफ होती थी। वो इतने बड़े ट्यूमर की वजह से न ठीक से बैठ पाते थे और न ही लेट पाते थे।
सोचिए जब कोई इंसान 70 से 80 किलो का होता है, तो ही हम उसे बहुत मोटा कहने लगते हैं, लेकिन जरा यांग के बारे में जानिए जिसके ट्यूमर का वजन ही 110 किलो था।
यांग बताते हैं कि जब उनकी उम्र नौ साल की थी तभी उनके बट का मस्सा बढ़ने लगा था।
इससे बचने के लिए उन्होंने सर्जरी भी करवाई। लेकिन उससे कोई फायदा नहीं मिला और मस्सा धीरे-धीरे बढ़कर ट्यूमर बन गया।
16 घंटे चले इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने यांग के शरीर से ट्यूमर को बाहर निकाल डाला। ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा लेकिन कुछ दिनों तक यांग अभी ऑस्पिटल में ही रहेंगे।
कहीं और नहीं गर्भाशय में बढ़ गया विशाल ट्यूमर
ये मामला अपने ही देश से था। चेन्नई में रहने वाली 52 साल की लता को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उसके गर्भाशय में पिछले बीस सालों से जानलेवा ट्युमर बढ़ रहा था।
लता को हमेशा ही सांस लेने में दिक्कत और थकान जैसी मुसीबतों की शिकायत बनी रहती थी। लेकिन उसे जरा भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके ही गर्भाशय में किसी तरबूज के बराबर ट्युमर आकार ले चुका था।
रिपोर्ट देखते ही डॉक्टर ने कहा कि लता की जान बचाने के लिए उसका तुरंत ऑपरेशन करना होगा। तीन घंटे से ज्यादा चले इस ऑपरेशन में तरबूजे के साइज के 15 किलो भारी ट्यूमर को गर्भाशय से बाहर निकाला गया।
चार लोगों के सर्जनों की टीम ने बताया कि ट्यूमर गर्भाशय से चिपका हुआ बाहर की तरफ बढ़ रहा था।
इससे पहले यूटराइन ट्यूमर का अब तक का सबसे बड़ा मामला साउथ अफ्रीका में सामने आया था। उस महिला के ट्युमर का वजन 11 किलो था।
अच्छी बात ये रही कि ट्यूमर को सक्सेसफुली बाहर निकाल लिया गया। लता की जान बच गई और अब वो धीरे-धीरे रिकवर कर रही है। ट्युमर जब बाहर निकला तो उसका डायामीटर 21 इंच का था।
15 किलो का पेट का ट्यूमर, 2 फुटबॉल के बराबर
ट्यूमर के इस साल एक से बढ़कर एक मामले आए। इसमें ये छोटी सी बच्ची भी शामिल है।
डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक चीन के हीलॉन्गजीयांग में रहने वाली 11 साल की छोटी सी बच्ची हैन बिंगबिंग पिछले 5 सालों से इस ट्यूमर के साथ जी रही थी।
पिछले पांच सालों से लड़की के पेट में ये ट्यूमर विकराल रूप लेता जा रहा था। वो इतना बढ़ गया था कि एक नजर में देखकर ऐसा लगता था कि बच्ची मानो नौ महीनों की प्रेगनेंसी में हो।
उसके पेट में असल में ओवेरियन टेराटोमा नाम का ट्यूमर इतना बढ़ चुका था कि वो दो फुटबॉल के बराबर था।
हैन की बिगड़ती हालत के बारे में जब ग्वांजाउ स्थित एक अस्पताल को पता चला, तो उन्होंने हैन को ऑपरेट करने का जिम्मा उठाया।
हैन का ऑपरेशन भी किया जो तीन घंटों से भी ज्यादा चला। उन लोगों ने बताया कि हैन के पेट से ट्यूमर निकाल लिया गया है और वो धीरे-धीरे अब ठीक हो रही है।
तो ये था दुनिया का सबसे बड़ा फेशियल ट्यमर
ये आदमी मेडलंग नाम की दुर्लभ बीमारी से ग्रस्त था।
डेली मेल के मुताबिक इस वजह से उसके मुंह के नीचे चारों तरफ एक ट्यूमर निकल आया और फिर वो समय के साथ बढ़ता ही चला गया।
सालों बाद तो ऐसे हालात हो गए कि उसका ट्यूमर का वजन लगभग सात किलो का हो गया जिससे उसे अपने मुंह के नीचे हर सामय एक भार जैसा लगने लगा।
स्लोवाकिया में रहने वाले स्टीफन जोलिक के मोटे ट्यूमर समय के साथ इतने बढ़े कि एक कान से दूसरे कान और उनकी ठुड्डी के भी नीचे पहुंच गए।
आखिरकार, स्टीफन इगोर हमोला नाम के एक सर्जन के पास गए जिन्होंने स्टीफन के ट्यूमर की जांच कि और उन्हें ऑपरेट करने को कहा।
ऑपरेशन के बाद उन्हें अपने सात किलो के ट्यूमर से बहुत हद तक राहत मिली। दस सालों तक परेशान रहने के बाद अब जाकर वो कुछ हल्का महसूस कर रहें हैं।
बाप रे बाप! पेट से निकले दो ट्यूमर, वजन 21.5 किलो
ऐरिजोना में रहने वाली मारसी डी कैरो को पेट का कैंसर था। उन्हें इस बात का पता भी था उसके पेट में ट्यूमर बढ़ता ही चला जा रहा था।
रुपयों की कमी के कारण वो अपना इलाज नहीं करा रही थी। पेट के ट्यूमर का नाम लिपोसारकोमा था जो मारसी के पेट के अलावा किडनी और गॉल ब्लैडर में भी फैल गया था।
21.5 किलो का ट्यूमर इतना बढ़ चुका था कि मारियो को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी थी। वो पेट के भारीपन और भयंकर दर्द से भी परेशान थी।
मारियो अपनी जिंदगी में बराक ओबामा स्पेशल हेल्थ केयर की हमेशा शुक्रगुजार रहेंगी जिसने मारियो के दुर्लभ और जानलेवा केस को समझा और उसकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
मारियो का ऑपरेशन घंटों चला और डॉक्टरों ने उसके पेट के ट्यूमर को निकाल बाहर किया।
मारियो ने ऑपरेशन के बाद बताया कि अगर उनका ऑपरेशन न हुआ होता तो उनकी मौत बहुत जल्द ही दर्दनाक तरीके से होती।