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चश्मा पहनने वाले लोग होते हैं अधिक बुद्धिमानी, रिसर्च में हुआ खुलासा
एजेंसी, लंदन
Updated Thu, 31 May 2018 08:25 AM IST
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चश्में
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रीसाइकिल निर्माताओं द्वारा ब्लैक प्लास्टिक के स्रतो के रूप में रीसाइकिल इलेक्ट्रिकल उपकरणों के इस्तेमाल से खाने पीने की चीजें तथा अन्य उत्पाद लेड (शीशा) जैसे हानिकारक रसायनों के संपर्क में आ रहे हैं।
यह सामान लैपटॉप और संगीत प्रणालियों जैसे उपकरणों में इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे लौ रेट्राडेंट और रंगने के एक पदार्थ के रूप में होता है। जो उन उत्पादों के भीतर मौजूद रहते हैं। अमेरिका में प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया है कि ब्लैक प्लास्टिक की बढ़ती मांग के कारण दूषित सामग्री को पुनर्नवीनीकरण में पेश किया जा रहा है।
अध्ययन से पता चला है कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही तटीय इलाकों को भी दूषित कर सकता है। शोधकर्ताओं ने 600 से अधिक ब्लैक प्लास्टिक उत्पादों जैसे कपड़े, खिलौने, आभूषण, कार्यालय के सामान और नए और पुराने इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों में तत्वों की एक श्रृंखला के स्तर का आकलन करने के लिए एक्सआरएफ स्पेक्ट्रोमेट्री का उपयोग किया।
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अध्ययन से पता चला है यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने के साथ-साथ समुद्री और तटीय क्षेत्रों पर के रूप में उत्पादों के प्रसार के माध्यम से संभावित रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी के एंड्रयू टर्नर ने कहा, ‘प्लास्टिक के उत्पादन और उपयोग से सामान्य रूप से पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभाव के हानिकारक परिणाम उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन ब्लैक प्लास्टिक अधिक जोखिम पैदा करने वाले होते हैं।’
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यह सामान लैपटॉप और संगीत प्रणालियों जैसे उपकरणों में इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे लौ रेट्राडेंट और रंगने के एक पदार्थ के रूप में होता है। जो उन उत्पादों के भीतर मौजूद रहते हैं। अमेरिका में प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया है कि ब्लैक प्लास्टिक की बढ़ती मांग के कारण दूषित सामग्री को पुनर्नवीनीकरण में पेश किया जा रहा है।
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अध्ययन से पता चला है कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकता है। साथ ही तटीय इलाकों को भी दूषित कर सकता है। शोधकर्ताओं ने 600 से अधिक ब्लैक प्लास्टिक उत्पादों जैसे कपड़े, खिलौने, आभूषण, कार्यालय के सामान और नए और पुराने इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों में तत्वों की एक श्रृंखला के स्तर का आकलन करने के लिए एक्सआरएफ स्पेक्ट्रोमेट्री का उपयोग किया।
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अध्ययन से पता चला है यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करने के साथ-साथ समुद्री और तटीय क्षेत्रों पर के रूप में उत्पादों के प्रसार के माध्यम से संभावित रूप से हानिकारक प्रभाव पड़ते हैं। प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी के एंड्रयू टर्नर ने कहा, ‘प्लास्टिक के उत्पादन और उपयोग से सामान्य रूप से पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभाव के हानिकारक परिणाम उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन ब्लैक प्लास्टिक अधिक जोखिम पैदा करने वाले होते हैं।’