आज हम 125 साल पीछे जाएंगे। विक्टोरियन इंग्लैंड में जहां एक सीरियल किलर अपने मिशन पर है। 'जैक द रिपर'। एक बेहद खौफनाक हत्यारा जो केवल नशे में धुत्त वेश्याओं को ही अपना शिकार बनाता था। कौन था वो और क्यों करता था वेश्याओं की हत्या? बीबीसी विटनेस कार्यक्रम के आधार पर साइमन व्हॉट्स बता रहे हैं, 'जैक द रिपर' की सच्ची कहानी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
सितंबर 1888, लंदन के अखबार में एक सनसनीखेज खत छपा। कहा जाता है कि वह खत लंदन के पूर्वी इलाके में घूम रहे एक खतरनाक हत्यारे ने लिखा था। अखबार में छपे खत में उसने अपनी पहली हत्या के बारे में वीभत्स तरीके से जानकारी दी थी। उसने यह भी बताया कि वह और हत्याएं करने वाला है। अखबार में छपे इस सनसनीखेज खत के बारे में पुख्ता जानकारी नहीं थी कि इसे उस सीरियल किलर ने ही लिखा है। मगर इस खत ने उस हत्यारे को एक पहचान, एक नाम दे दिया 'जैक द रिपर'।
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जैक द रिपर ने पांच हत्याएं की। सब की जान वह एक खास तरीके से लेता था। उन पांचों के गर्दन किसी तेज धार वाले हथियार से रेते गए थे। लंदन का व्हाइट चैपल इलाका वेश्याओं का गढ़ माना जाता था। जैक ने इसी इलाके में ज्यादातर हत्याओं को अंजाम दिया।
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31 अगस्त, 1988, जैक ने अपना पहला शिकार किया। वह मेरी एन निकोलस थी। मेरी निकोलस का शव सुबह-सुबह दो कारोबारियों को मिला। एक कारोबारी ने बताया, 'हम वहां गए। देखा एक औरत जमीन पर पड़ी हुई है। पहली नजर में पता नहीं चल रहा था कि वह नशे में धुत्त होकर पड़ी है या मर गई है। मेरे साथी ने टार्च दिखाई। उसका गला रेता हुआ था।' इस हत्या को बस एक ही सप्ताह गुजरा था कि एक और वेश्या, ऐनी चैपमेन की हत्या हो गई। हत्या लगभग एक ही तरीके से की गई थी।
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'द स्टार', 8 सितंबर 1888। अखबार में खबर आई, 'लंदन खूनी साए के गिरफ्त में है। वह अनाम वहशी, आधा दानव, आधा इंसान, अभी तक फरार है। रोज सड़कों पर खतरनाक इरादों के साथ निकलता है, बेबस और कमजोर वर्ग के लोगों को अपना शिकार बनाता है। वह खून के नशे में है। बचो, उसे और शिकार चाहिए।'