गाय के DNA टेस्ट से पता चला असली मालिक का
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आपने जमीन के मालिकाना हक को लेकर तो कई केसेज सुने होंगे। लेकिन, एक जानवर से जुड़ा ऐसा केस आपने यकीनन इससे पहले नहीं सुना होगा।
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक केरला के कोलम में पिछले दो सालों से चल रहे एक गाय के मालिकाना हक को लेकर दो औरतों में चल रहा विवाद खत्म हुआ।
लेकिन, आपको हैरत होगी जानकर कि कोर्ट किस तरह ये तय कर पाई कि गाय की असली मालकिन कौन है।
कहानी कुछ ऐसे शुरू होती है। दो साल पहले गीता नाम की औरत ने अपने गाय के गुम हो जाने की कंप्लेंट दर्ज कराई थी।
उसका कहना था कि उसकी गाय घास चरने के लिए आस-पास ही कहीं चली गई थी। पर, काफी देर हो जाने के बाद भी लौटी नहीं।
कर दिया दावा
जब गाय नहीं लौटी तो गीता ने कुछ समय बाद पास के गांव की एक औरत शशिलेखा पर गाय के चोरी का इल्जाम लगा दिया।
शशिलेखा के पास भी एक गाय थी और वो गीता के आरोप को मानने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं कि उसने गीता की गाय चुराई है। इस चोरी के इल्जाम का जिम्मेदार उसने शशिलेखा के बेटे को भी बताया।
रिपोर्ट दर्ज हो जाने के बाद पुलिस शशिलेखा को गिरफ्तार करके ले गई। हांलाकि उन्हें बेल पर केरला हाई कोर्ट ने छोड़ दिया।
गाय के मालिकाने हक को लेकर चल रहा विवाद अभी भी नहीं सुलझा था। तभी, जांच करने पर पुलिस को पता लगा कि जो गाय शशिलेखा के पास है, उसकी मां अभी जिंदा है।
फिर पता चली बात
इस बात की जानकारी मिलते ही कोर्ट ने गाय और उसकी मां के डीएनए जांच के ऑर्डर दे दिए। अब सभी को इंतजार था कि गाय रखने का हक किसको होगा।
डीएनए टेस्ट भी हुआ और रिपोर्ट भी आ गई। गाय और गाय की मां के डीएनए आपस में मिले। इस तरह साबित हो गया कि शशिलेखा ही उस गाय की असली मालकिन है।
ये एक दुर्लभ मामला है। ऐसा पहली बार ही हुआ होगा जब एक गाय के मालिकाना हक को लेकर ऐसा विवाद छिड़ा होगा और गाय के डीएनए ने केस का खुलाया किया।
अब, शशिलेखा गाय के विवाद को लेकर हुई मानसिक तनाव और अन्य हानियों को लेकर गीता पर जुर्माना करने की प्लानिंग कर रही हैं।