बच्चों और बड़ों का दिल बहलाने के लिए दुनिया भर में अम्यूजमेंट पार्क बनाए जाते हैं। ऐसा पहला पार्क बीसवीं सदी में यानी 1946 में बना था। इसके बाद दुनिया भर में सबसे ज्यादा मशहूर डिज्नीलैंड को 1955 में शुरू किया गया था। आपको ऐसा लगेगा कि ये चलन नया है, मगर ऐसा है नहीं। इटली में एक ऐसा बागीचा है, जो अजीबो-गरीब शक्लों वाले बुतों का खजाना है। इसे करीब पांच सौ साल पहले बनवाया गया था।
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सार्को बोस्को
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इसे सार्को बोस्को यानी पवित्र जंगल के नाम से जाना जाता है। ये इटली के शहर बोमार्जो में स्थित है, जो राजधानी रोम से करीब 92 किलोमीटर उत्तर में है। इस अजब किस्म के बागीचे को सोलहवीं सदी में इटली के मशहूर लड़ाके पियर फ्रांसेस्को विसिनो ओर्सिनी ने बनवाया था।
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सार्को बोस्को
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उस दौर में करीने से कटे बागों का चलन था। जहां खूबसूरत, तराशे हुए हुस्न से लबरेज बुत लगाए जाते थे। हर ऐसे बाग को बहुत करीने से बनाया जाता था। उस दौर के बागों को इटली में पुनर्जागरण के दौर के बाग कहा जाता है। मगर सार्को बोस्को में उस दौर का कोई भी चलन नहीं दिखता। ओर्सिनी ने जो पार्क बनवाया, वहां उसने न तो जंगलों और झाड़ियों की काट-छांट की, न ही बाग में तराशे हुए बुत लगवाए।
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सार्को बोस्को
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सार्को बोस्को में आपको इंसान की कलाकारी की अलग ही दुनिया देखने को मिलेगी। यहां तरह-तरह के राक्षसों के बुत बनाकर लगाए गए हैं। कहीं जल दैत्य है, कहीं उड़ने वाला घोड़ा रचा गया है तो कहीं विशालकाय कछुआ है। कुल मिलाकर सार्को बोस्को का माहौल बड़ा डरावना है। ये अपने दौर से एकदम अलग दैत्यों की दुनिया मालूम होता है।
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सार्को बोस्को
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इसे बनवाने वाले इटली के योद्धा ओर्सिनी ने पूरे बाग को ऐसे ही भद्दे और डरावने बुतों से भरवा दिया था, लेकिन उसकी मौत के बाद इटली के लोगों ने राक्षसों के इस बाग में दिलचस्पी लेना बंद कर दिया। कई सदियों तक ये वीरान पड़ा रहा। इसकी देखभाल नहीं हुई।