सुशांत राजपूत केस: सियासी बयानबाजी तेज, सीएम नीतीश कुमार ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले पर सियासी बयानबाजी लगातार जारी है। इसे लेकर बिहार और महाराष्ट्र सरकार आमने-सामने है। भाजपा, कांग्रेस, रांकापा व शिवसेना नेताओं में भी जमकर बयानबाजी हो रही है। इस बीच आज नीतीश सरकार ने सुशांत मौत मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। जानिए अपडेट-
स्व० सुशांत सिंह राजपूत के पिता श्री के०के० सिंह द्वारा पटना में स्व० सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित दर्ज कराए गए मामले की सी०बी०आई० से जांच कराने हेतु राज्य सरकार ने अनुशंसा भेज दी है। Bihar Government recommends CBI investigation in Sushant Singh Rajput death case: JDU Spokesperson Sanjay Singh pic.twitter.com/MZd6YW37Jw
आदित्य ठाकरे का ट्वीट
सुशांत मामले पर आदित्य ठाकरे ने ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर तुच्छ राजनीति हो रही है पर मैंने संयम बरता। बता दें कि इस मामले में कहीं भी किसी ने औपचारिक तौर पर आदित्य ठाकरे का नाम नहीं लिया है।
सीबीआई जांच की सिफारिश
सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले पर बिहार सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश कर दी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र से इस मामले की सीबीआई जांच सिफारिश कर दी है। इससे पहले आज सुबह सुशांत के पिता केके सिंह ने मुख्यमंत्री से बात करके सीबीआई जांच की मांग की थी। खुद सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
मुलाकात के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा, 'सुशांत सिंह राजपूत के पिता से मेरी बात हुई। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की। उनकी मांग के आधार पर बिहार सरकार, सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी। आज शाम तक कागजी कार्यवाही पूरी हो जाएगी। पिता के कहने के बाद ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकते हैं। आज ही सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र को भेज देंगे। जब एफआईआर दर्ज हुई तो बिहार पुलिस ने उसकी जांच के लिए टीम भेजी। हम सब कोशिश कर रहे हैं। हालांकि महाराष्ट्र से सहयोग नहीं मिल रहा है। महाराष्ट्र सरकार, पुलिस को सूचना दी गई थी। तब वहां बिहार पुलिस पहुंची थी लेकिन एक आईपीएस अधिकारी को क्वारंटीन कर दिया गया। ये ठीक व्यवहार नहीं है, फिर भी बिहार पुलिस लगातार जांच में लगी हुई थी।'
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राकांपा और कांग्रेस ने की आलोचना
वहीं, महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ राकांपा और कांग्रेस ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश करने पर बिहार सरकार की मंगलवार को आलोचना की और कहा कि यह राज्य सरकार के अधिकार का अतिक्रमण करता है और संविधान को तबाह करने में भाजपा की मदद करता है।
महाराष्ट्र के मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करके कोविड-19 से निपटने में अपनी नाकामी से ध्यान हटाने की शायद कोशिश कर रही है। इससे कुछ घंटा पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को बताया कि उनकी सरकार ने राजपूत की मौत की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। राजपूत के पिता ने इसका अनुरोध किया था।
यह भी पढ़ें- बिहार के डीजीपी बोले- महाराष्ट्र पुलिस की मंशा साफ नहीं, हमारे चार अधिकारी मुंबई में छिपे हैं
नारायण राणे बोले- सुशांत की हुई हत्या
भाजपा नेता नारायण राणे ने कहा, सुशांत राजपूत ने आत्महत्या नहीं की थी, उनकी हत्या हुई थी। महाराष्ट्र सरकार कुछ छुपाने की कोशिश कर रही है। सरकार इस मामले पर ध्यान नहीं दे रही है।
बिहार चुनाव में फायदा लेना चाहते हैं नीतीश: संजय राउत
शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सुशांत मामले को लेकर कहा कि नीतीश कुमार राजनीति कर रहे हैं। वे बिहार चुनाव में इसका फायदा लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस मुंबई आकर जांच नहीं कर सकती है।
बिहार सरकार ने की सीबीआई जांच की मांग
बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा, 'बिहार सरकार ने सिफारिश की है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच का जिम्मा संभाले।'
मुंबई पुलिस पर सुशांत के वकील का आरोप
सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर जांच में सहयोग न करने और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है। विकास सिंह का कहना है कि मुंबई पुलिस जांच में अड़ंगा डाल रही है। पहली बार ऐसा हुआ है कि जांच अधिकारियों को कान करने नहीं दिया जा रहा है। इससे आरोपी को फायदा मिलता है।
बता दें कि सुशांत की मौत के बाद से ही मामले की सीबीआई जांच की मांग उठ रही थी। वहीं बिहार विधानसभा में भी भाजपा सहित कई विधायकों ने सीबीआई जांच की मांग का मुद्दा उठाया था। इसका नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने समर्थन किया था।