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Vehicles: क्या होता है CKD, SKD और CBU गाड़ियों में अंतर? किसमें लगता है सबसे कम टैक्स, जानिए डिटेल्स

Tue, 04 Feb 2025 04:05 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Tue, 04 Feb 2025 04:05 PM IST
सार

जब वाहनों का बाहर के देशों से आयात होता है तो CKD, SKD और CBU जैसे टर्म्स का इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के संदर्भ में इनका क्या मतलब होता है।

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What Is The Difference Between CKD, SKD And CBU Vehicles Which Attract More Taxes
अलग-अलग प्राकार में इम्पोर्ट होती हैं गाड़ियां - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

जब भी गाड़ियों के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट की बात आती है, तो आपने तीन प्रमुख टर्म्स – CKD (Completely Knocked Down), SKD (Semi Knocked Down), और CBU (Completely Built Unit) के बारे में जरूर सुना होगा। बाहर में बनने वाली गाड़ियों को इन तीन प्रकार से ही देश में लाया जाता है। अगर आप नहीं जानते इन तीनों टर्म्स का क्या मतलब होता है, तो यह लेख आपके लिए काम की हो सकती है। दरअसल, इनका मुख्य अंतर वाहनों के असेंबली और इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट प्रक्रिया से जुड़ा होता है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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CKD (Completely Knocked Down)

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Automobile Factory - फोटो : iStock
CKD का मतलब होता है कि वाहन के सभी पार्ट्स को अलग-अलग हिस्सों में पैक करके किसी दूसरे देश में भेजा जाता है और वहां असेंबल किया जाता है। इससे जिस देश में ऐसे वाहनों को बेचा जाता है वहां लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलता है। इन वाहनों पर कस्टम ड्यूटी कम होती है क्योंकि इन्हें पूरी गाड़ी के बजाय "पार्ट्स" के रूप में आयात किया जाता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं क्योंकि स्थानीय स्तर पर असेंबली प्लांट में काम होता है। भारत में Mercedes-Benz, BMW, Audi, Volkswagen जैसी कई कंपनियां CKD किट्स को इम्पोर्ट कर यहां असेंबल करती हैं।
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SKD (Semi Knocked Down)

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Car Tips - फोटो : Freepik
SKD का मतलब आंशिक रूप से असेंबल किए गए वाहन होता है। वाहन को एक्सपोर्ट करने की इस प्रक्रिया में किसी गाड़ी को बड़े-बड़े हिस्सों में बांटकर असेंबल किया जाता है। ये वाहन जिस देश में जाता है, वहां उसकी फाइनल असेंबली की जाती है। CKD की तुलना में SKD में असेंबली आसान होती है, क्योंकि वाहन को पूरी तरह से अलग नहीं किया जाता। सरकार की नीतियों के अनुसार, कुछ देशों में CKD से ज्यादा SKD इम्पोर्ट पर कम टैक्स लगता है। उदाहरण के तौर पर, Harley-Davidson और Kawasaki कुछ मॉडलों को SKD फॉर्म में भारत लाती हैं और यहां असेंबल करती हैं।
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CBU (Completely Built Unit)

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सीबीयू में पूरी तरह बनकर आती है गाड़ी - फोटो : Audi India
CBU का मतलब होता है कि वाहन पूरी तरह से बना हुआ, तैयार हालत में एक देश से दूसरे देश में एक्सपोर्ट किया जाता है। इसमें किसी भी तरह की असेंबली की जरूरत नहीं होती। ऐसे वाहन सीधे शोरूम या डीलर के पास भेजे जाते हैं। CBU गाड़ियों के भी अपने फायदे हैं। इस रूट से आने वाली गाड़ियां बिना किसी देरी के सीधे डीलरशिप पर उपलब्ध हो जाती है। इन गाड़ियों में क्वालिटी कंट्रोल बेहतर होता है क्योंकि वाहन पूरी तरह मूल देश में ही बना होता है। हालांकि, CBU वाहनों पर कस्टम ड्यूटी और टैक्स ज्यादा लगते हैं, जिससे वाहन महंगे हो जाते हैं। Toyota Land Cruiser, Ford Mustang, BMW M-Series, और Audi RS-Series जैसी लग्जरी गाड़ियां भारत में CBU के रूप में आती हैं।
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