देश में BS-6 गाड़ियों के आने से आपके जीवन पर क्या असर पड़ेगा? जानिये यहां

बनी कालरा, अमर उजाला Updated Sat, 01 Jun 2019 09:58 PM IST
विज्ञापन
BS6
BS6 - फोटो : Google

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
भारत में एक अप्रैल 2020 से सिर्फ बीएस-6 मानक वाली ही गाड़ियां बिकेंगी। लेकिन पहले से ही जो लोग पहले से ही बीएस-4 गाड़ियां चला रहे हैं उन्हें हटाया या बंद नहीं किया जाएगा। सिर्फ नई गाड़ियां ही बीएस-6 इंजन के साथ आएगी। काफी लोग ऐसे भी हैं जिन्हें बीएस-6 के बारे बहुत अधिक जानकारी नहीं है। बीएस-6 क्या है ? और इसके आने से क्या फर्क पड़ेगा हमारे जीवन पर? बीएस-4 की तुलना में यह कितना बेहतर है? इन सब सवालों के जवाब आपको इस रिपोर्ट में मिलेंगे।
विज्ञापन

 

जानिये क्या है बीएस-6

सबस पहले तो आपको बता देते हैं कि बीएस (BS) का मतलब होता है भारत स्टेज। इसका सीधा संबंध उत्सर्जन मानकों से होता है। दरअसल बीएस-6 इंजन से लैस वाहनों में खास फिल्टर लगेंगे, जिससे 80-90 फीसदी पीएम 2.5 जैसे कण रोके जा सकेंगे इससे नाइट्रोजन ऑक्साइड पर नियंत्रण लग सकेगा। जिसकी वजह से प्रदूषण पर काफी रोक लगेगी।
 

बीएस-6 से क्या होगा फायदा

परिवहन विशेषज्ञों और ऑटो एक्सपर्ट के मुताबिक बीएस-6 गाड़ियों में हवा में प्रदूषण के कण 0.05 से घटकर 0.01 रह जाएंगे। जिससे वातावरण साफ़ रहेगा। बीएस-6 इंजन से लैस गाड़ियों से (पेट्रोल और डीजल) होने पर प्रदूषण 75 फीसदी तक कम होगा।  

 
बीएस-4 की तुलना में कितना अलग

यह सवाल काफी अहम् है कि बीएस-4 की तुलना में बीएस-6 कितना अलग है। तो यहां हम आपको बता दें कि  
बीएस-6 में प्रदूषण फैलाने वाले खतरनाक पदार्थ काफी कम होंगे। जानकारी के लिए बता दें कि बीएस4 और बीएस-3 फ्यूल में सल्फर की मात्रा 50 पीपीएम तक होती है जोकि हमारे लिए काफी खतरनाक है जबकि बीएस-6 में यह सिर्फ 10 पीपीएम तक रह जाती है, यानी प्रदूषण काफी कम होगा।
 

तो इसलिए महंगी होंगी गाड़ियां

बीएस-6 इंजन से लैस गाड़ियों की कीमत में भी इजाफा होगा क्योकिं बीएस-6 के लिए नया इंजन और इसमें इलेक्ट्रिकल वायरिंग बदलने कॉस्ट बढ़ जायेगी। इतना ही नहीं बीएस-6 से गाड़ियों की इंजन की क्षमता बढ़ेगी जिससे उत्सर्जन कम होगा। जिसकी वजह से कंपनी को गाड़ियों के दाम बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ेगा।  बीएस-6 गाड़ियां 15 फीसदी तक महंगी होंगी। इतना ही नहीं बीएस-6 फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) की कीमत 1.5 से 2 रुपये प्रति लीटर तक महंगी हो सकती है।
 

माइलेज पर पड़ेगा असर

बीएस-6 इंजन से लैस नई गाड़ियों की माइलेज पर भी असर पड़ेगा। जी हां नई गाड़ियां ज्यादा माइलेज देंगी। वही माइलेज को लेकर कोई भी वाहन कंपनी माइलेज का झूठा दावा भी नहीं कर सकेगी क्योकिं नियम लागू होने पर कंपनियों को इसका पालन करना होगा। बीएस-6 गाड़ियों के आने से न केवल गाड़ियां बेहतर होंगी वही प्रदूषण पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी। जिस तरह देश में सड़कों पर लगातार गाड़ियां बढ़ रही हैं उसे देखते हुए बीएस-6 इंजन वाले वाहन काफी उपयोगी साबित होंगे। प्रदूषण कम होगा तो लाइफ कुछ और बेहतर होगी। कुछ और नहीं तो कम से कम खुलकर सांस ही ले सकेंगे।   
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us