फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Traffic Rules Fine For Honking In Restricted Areas Under Motor Vehicle Rule 2019

Traffic Rules: बेवजह हॉर्न बजाने से होते हैं कई गंभीर नुकसान, 90% लोग नहीं जानते इसके कारण भी कट सकता है चालान

Mon, 03 Feb 2025 04:05 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Mon, 03 Feb 2025 04:05 PM IST
सार

Unnecessary Honking: वाहन चलाने वाले 90% लोगों को पता भी नहीं होता कि प्रतिबंधित क्षेत्रो में बेवजह हॉर्न बजाना अपराध है और ऐसा करते पकड़े जाने पर चालान कट सकता है। आइए समझते हैं कि बेवजह हॉर्न बजाने के क्या-क्या नुकसान हैं।

विज्ञापन
Traffic Rules Fine For Honking In Restricted Areas Under Motor Vehicle Rule 2019
बेवजह हॉर्न बजाने के हैं कई नुकसान - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

भारत की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और शोर-शराबा आम बात है, लेकिन इसमें सबसे ज्यादा परेशान करने वाली चीज है बेवजह हॉर्न बजाना। कुछ लोग जरा-सी देरी होने पर भी तेज हॉर्न बजाने लगते हैं, जिससे न केवल सड़क पर मौजूद लोगों को परेशानी होती है, बल्कि इसका असर हमारे स्वास्थ्य, समाज और पर्यावरण पर भी पड़ता है। 
विज्ञापन


दरअसल, वाहन चलाने वाले 90% लोगों को पता भी नहीं होता कि प्रतिबंधित क्षेत्रो में बेवजह हॉर्न बजाना अपराध है और ऐसा करते पकड़े जाने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। आइए समझते हैं कि बेवजह हॉर्न बजाने के क्या-क्या नुकसान हैं और ऐसे करने पर मोटर वाहन नियम के तहत ट्रैफिक पुलिस कितने रुपये का चालान काट सकती है।
विज्ञापन

सेहत पर पड़ता है बुरा असर

Traffic Rules Fine For Honking In Restricted Areas Under Motor Vehicle Rule 2019
सेहत पर पड़ता है बुरा असर - फोटो : Freepik.com
लगातार तेज हॉर्न सुनने से कानों पर दबाव पड़ता है और लंबे समय तक शोर में रहने से सुनने की शक्ति कम हो सकती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, 85 डेसिबल (dB) से ज्यादा के शोर के वजह से सुनने की क्षमता को नुकसान हो सकता है। भारत में ट्रैफिक हॉर्न अक्सर 90-110 डेसिबल के बीच होते हैं, जो कानों के लिए बेहद खतरनाक है।

तेज हॉर्न का शोर दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और तनाव, गुस्सा और चिड़चिड़ापन बढ़ाता है। लंबे समय तक शोर में रहने से नींद खराब हो सकती है, जिससे थकान और एकाग्रता में कमी आती है।

इसके अलावा, हार्ट और ब्लड प्रेशर के मरीजो पर भी इसका बुरा असर होता है। तेज हॉर्न सुनने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा होता है। ज्यादा शोर वाले इलाकों में रहने वालों को हाई BP और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है।

कानूनी प्रावधान और जुर्माना

Traffic Rules Fine For Honking In Restricted Areas Under Motor Vehicle Rule 2019
कानूनी प्रावधान और जुर्माना - फोटो : Adobe Stock
मोटर वाहन संशोधित अधिनियम 2019 के तहत अनावश्यक हॉर्न बजाना गैरकानूनी है। कई राज्यों में नो हॉर्न जोन बनाए गए हैं, जैसे कि हॉस्पिटल, स्कूल और रेजिडेंशियल एरिया। अनावश्यक हॉर्न बजाने पर ₹1,000 से ₹2,000 तक का जुर्माना लग सकता है।

कुछ शहरों में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियम भी लागू किए गए हैं, जिनके तहत जरूरत से ज्यादा शोर करने पर जेल भी हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed