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नितिन गडकरी: भारत में 2020 में हुई 1.58 लाख से ज्यादा दोपहिया सड़क दुर्घटनाएं, 56 हजार से अधिक लोग मरे
Wed, 30 Mar 2022 06:31 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 30 Mar 2022 06:31 PM IST
सार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद में कहा कि 2020 में भारत में 1.58 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहनें सड़क दुर्घटना का शिकार हुईं, जिसमें 56 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई।
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Road Accident
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद में कहा कि साल 2020 में भारत में 1,58,964 दोपहिया वाहनें सड़क दुर्घटना का शिकार हुईं, जिसमें 56,873 लोगों को आपनी जान से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में पूरे भारत में दोपहिया वाहनों से जुड़ी सड़क दुर्घटनाओं में 56,136 लोग मारे गए, जबकि दोपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं की कुल संख्या 167,184 थी।
गडकरी ने आगे कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की है जो शिक्षा, सड़कों और वाहनों की इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को लागू करेगी।
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गडकरी ने आगे कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक बहु-आयामी रणनीति तैयार की है जो शिक्षा, सड़कों और वाहनों की इंजीनियरिंग, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल के आधार पर सड़क सुरक्षा के मुद्दे को लागू करेगी।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : For Reference Only
'हर चार मिनट में होती है एक मौत'
भारत उन देशों में से एक है जहां सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं और गंभीर चोटें आती हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, भारत में हर साल लगभग 4,50,000 दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे लगभग 1,50,000 लोग मारे जाते हैं और कई विकलांग या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। वास्तव में, भारत सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे अधिक मौतों वाला देश है। एक अनुमान में यह दावा किया गया है कि भारत में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और हर चार मिनट में एक मौत होती है।
भारत उन देशों में से एक है जहां सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं और गंभीर चोटें आती हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, भारत में हर साल लगभग 4,50,000 दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे लगभग 1,50,000 लोग मारे जाते हैं और कई विकलांग या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। वास्तव में, भारत सड़क दुर्घटनाओं के कारण सबसे अधिक मौतों वाला देश है। एक अनुमान में यह दावा किया गया है कि भारत में हर घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और हर चार मिनट में एक मौत होती है।
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बाइक एक्सीडेंट
- फोटो : For Reference Only
दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं ज्यादा
इनमें से ज्यादातर सड़क हादसों में दोपहिया वाहन शामिल होते हैं। जहां इन हादसों का एक कारण यातायात नियमों का पालन नहीं करना है। वहीं सड़क की विवादित खराब हालत भी अन्य कारणों में से एक है। साथ ही, इनमें से ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं नेशनल हाईवे पर होती हैं।
इनमें से ज्यादातर सड़क हादसों में दोपहिया वाहन शामिल होते हैं। जहां इन हादसों का एक कारण यातायात नियमों का पालन नहीं करना है। वहीं सड़क की विवादित खराब हालत भी अन्य कारणों में से एक है। साथ ही, इनमें से ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं नेशनल हाईवे पर होती हैं।
ABS Bike
- फोटो : For Reference Only
बचाव के लिए सरकार की कोशिशें
दोपहिया वाहनों से जुड़े इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की कोशिश में, MoRTH ने कई अलग-अलग कदम उठाए हैं। इसने दोपहिया निर्माताओं से 125cc से ज्यादा इंजन डिस्प्लेसमेंट वाले सभी दोपहिया वाहनों में ABS (एंट्री ब्रेक सिस्टम) का फीचर देने के लिए कहा है।
दोपहिया वाहनों से जुड़े इन सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की कोशिश में, MoRTH ने कई अलग-अलग कदम उठाए हैं। इसने दोपहिया निर्माताओं से 125cc से ज्यादा इंजन डिस्प्लेसमेंट वाले सभी दोपहिया वाहनों में ABS (एंट्री ब्रेक सिस्टम) का फीचर देने के लिए कहा है।
CBS Bikes
- फोटो : For Reference Only
जबकि 125cc या उससे कम पावर वाले इंजन मॉडल में CBS (कॉम्बी-ब्रेकिंग सिस्टम) अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। यह आदेश 1 अप्रैल 2019 से लागू है। दूसरी ओर, सरकार ने यातायात नियमों को तोड़ने के लिए जुर्माने की राशि में काफी बढ़ोतरी की है।