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Hydrogen Vehicle: सरकार ने हाइड्रोजन बसों-ट्रकों को चलाने के लिए शुरू कीं पायलट परियोजनाएं, गडकरी ने किया एलान
Wed, 09 Apr 2025 04:42 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 09 Apr 2025 04:42 PM IST
सार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत हाइड्रोजन से चलने वाले बसों और ट्रकों के लिए 5 पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं।
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Hydrogen Truck
- फोटो : X/@nitin_gadkari
विस्तार
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को बताया कि सरकार ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत हाइड्रोजन से चलने वाले बसों और ट्रकों के लिए 5 पायलट प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद भारत में परिवहन के क्षेत्र में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।
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37 गाड़ियां और 9 हाइड्रोजन स्टेशन बनाए जाएंगे
इन पायलट प्रोजेक्ट्स में कुल 37 गाड़ियां शामिल होंगी, जिनमें से 15 गाड़ियां हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी और 22 गाड़ियां हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) पर चलेंगी। इसके अलावा, देशभर में 9 हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जो इन वाहनों की टेस्टिंग के दौरान इस्तेमाल किए जाएंगे।
इन पायलट प्रोजेक्ट्स में कुल 37 गाड़ियां शामिल होंगी, जिनमें से 15 गाड़ियां हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी और 22 गाड़ियां हाइड्रोजन इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) पर चलेंगी। इसके अलावा, देशभर में 9 हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जो इन वाहनों की टेस्टिंग के दौरान इस्तेमाल किए जाएंगे।
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कौन-कौन से रूट होंगे शामिल
सरकार ने देश के 10 प्रमुख रूट्स को इन ट्रायल्स के लिए चुना है, जिनमें शामिल हैं:
इन रूट्स पर हाइड्रोजन गाड़ियों की परफॉर्मेंस, सुरक्षा और कारगर संचालन को देखा जाएगा।
सरकार ने देश के 10 प्रमुख रूट्स को इन ट्रायल्स के लिए चुना है, जिनमें शामिल हैं:
- ग्रेटर नोएडा–दिल्ली–आगरा
- भुवनेश्वर–कोणार्क–पुरी
- अहमदाबाद–वडोदरा–सूरत
- साहिबाबाद–फरीदाबाद–दिल्ली
- पुणे–मुंबई
- जमशेदपुर–कलिंग नगर
- तिरुवनंतपुरम–कोच्चि
- कोच्चि–एडप्पल्ली
- जामनगर–अहमदाबाद
- एनएच-16 विशाखापट्टनम–बय्यावरम
इन रूट्स पर हाइड्रोजन गाड़ियों की परफॉर्मेंस, सुरक्षा और कारगर संचालन को देखा जाएगा।
बड़ी कंपनियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी देश की कुछ बड़ी कंपनियों को दी गई है। इनमें टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, अशोक लेलैंड, एएनईआरटी, एचपीसीएल, बीपीसीएल, और आईओसीएल शामिल हैं। ये कंपनियां न सिर्फ गाड़ियां तैयार करेंगी बल्कि हाइड्रोजन स्टेशन और अन्य जरूरी ढांचे पर भी काम करेंगी।
208 करोड़ रुपये का बजट, 2 साल में पूरी होगी तैयारी
सरकार ने इन पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 208 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सभी प्रोजेक्ट्स को अगले 18 से 24 महीनों के भीतर चालू कर देने का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी देश की कुछ बड़ी कंपनियों को दी गई है। इनमें टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, अशोक लेलैंड, एएनईआरटी, एचपीसीएल, बीपीसीएल, और आईओसीएल शामिल हैं। ये कंपनियां न सिर्फ गाड़ियां तैयार करेंगी बल्कि हाइड्रोजन स्टेशन और अन्य जरूरी ढांचे पर भी काम करेंगी।
208 करोड़ रुपये का बजट, 2 साल में पूरी होगी तैयारी
सरकार ने इन पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए कुल 208 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। सभी प्रोजेक्ट्स को अगले 18 से 24 महीनों के भीतर चालू कर देने का लक्ष्य रखा गया है।
भविष्य के लिए रास्ता बनाएंगे ये प्रोजेक्ट
गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ये पायलट प्रोजेक्ट यह दिखाएंगे कि हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियां सुरक्षित और प्रभावी हैं। इनसे उनकी तकनीकी क्षमता, असल परिस्थितियों में परफॉर्मेंस और आर्थिक व्यावहारिकता की जांच की जाएगी।"
इस पहल से भविष्य में देशभर में हाइड्रोजन आधारित ट्रांसपोर्ट को बड़े पैमाने पर अपनाने का रास्ता साफ होगा।
गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ये पायलट प्रोजेक्ट यह दिखाएंगे कि हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियां सुरक्षित और प्रभावी हैं। इनसे उनकी तकनीकी क्षमता, असल परिस्थितियों में परफॉर्मेंस और आर्थिक व्यावहारिकता की जांच की जाएगी।"
इस पहल से भविष्य में देशभर में हाइड्रोजन आधारित ट्रांसपोर्ट को बड़े पैमाने पर अपनाने का रास्ता साफ होगा।