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CNG पंपों पर लग जाएगा ताला! अगर सरकार ने इस योजना पर किया अमल

Sat, 29 Jun 2019 11:28 AM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 29 Jun 2019 11:28 AM IST
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NIti aayog's electric vehicles policy may shut the cng pumps in india
cng station - फोटो : अमर उजाला

सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को जल्द से जल्द सड़क पर उतारने के लिए बेकरार है। सरकार के रोडमैप के मुताबिक 2023 से सड़कों से पेट्रोल और डीजल वाहनों को हटाना शुरू हो जाएगा। सरकार के थिंकटैंक नीति आयोग ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 2030 के बाद केवल इलेक्ट्रिक कारों को ही बेचने का प्रस्ताव दिया है। वहीं सरकार के इस फैसले से गैस कंपनियों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

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1.2 लाख करोड़ रुपयों के खोने का डर

गैस वितरण बिजनेस से जुड़ी कंपनियों को इस व्यवसाय में निवेश अपने 1.2 लाख करोड़ रुपयों के खोने का डर सता रहा है। नीति आयोग के प्रस्ताव में अप्रैल 2023 से तिपहिया वाहनों और अप्रैल 2025 से 150सीसी तक के दोपहिया वाहनों और अप्रैल 2026 से टैक्सियों को सड़कों से बाहर करने की योजना है।
 

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ऑटो कंपनियों की नीदें उड़ी

वहीं इलेक्ट्रिक वाहन नीति से ऑटो कंपनियों की नीदें उड़ी हुई हैं, हाल ही में हुई सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन की बोली में लाइसेंस हासिल कर चुकीं कई कपनियां को अपने रुपये खोने का डर सता रहा है। कंपनियों को डर है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के चलते सीएनजी की बिक्री पर असर पड़ेगा।         
 

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बैंक भी सिटी गैस प्रोजेक्टस को फाइनेंस नहीं करेंगे

ईटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से एक कन्फ्यूजन पैदा हो गया है, जिससे इस सेक्टर में ने केवल निवेश घटेगा बल्कि लाइसेंस हासिल करने वाली कंपनियां अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगी। इसके चलते बैंक भी सिटी गैस प्रोजेक्टस को फाइनेंस नहीं करेंगे।
 

20 राज्यों में 7200 सीएनजी स्टेशंस बनाने हैं

हाल ही में एक रेगुलेटर को 136 लाइसेंस मिले हैं, जिसमें 20 राज्यों में 7200 सीएनजी स्टेशंस बनाने हैं और 3.5 करोड़ घरों में गैस पाइपलाइन पहुंचानी है, जिसके लिए 1.2 लाख करोड़ का निवेश होगा। वहीं इस बिजनेस से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से सीएनजी की सेल पर असर पड़ेगा, जिससे गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और महानगर गैस का रेवेन्यू गिरेगा।
 

सबसे ज्यादा रेवेन्यू तिपहिया वाहनों, टैक्सियों से

इनका कहना है कि फिलहाल सीएनजी कंपनियों को सबसे ज्यादा रेवेन्यू तिपहिया वाहनों, टैक्सियों और शहरों में चलने वाली बसों से आता है। वहीं ज्यादातर प्राइवेट ग्राहक सीएनजी गाड़ियां लेना इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि उन्हें लंबी लाइनों में लगना अच्छा नहीं लगता। वहीं दो पहिया वाहनों के इलेक्ट्रिक पर स्विच होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
 

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