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महाराष्ट्र में पेट्रोल से नहीं चलेंगी बाइक टैक्सी!: सरकार ने ईवी में शिफ्ट होने के लिए कितना समय दिया?
Mon, 05 Oct 2026 11:41 PM IST
Amar Sharma
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amar Sharma
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:41 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने Ola, Uber और Rapido समेत बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स को अपना पूरा बेड़ा इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए जुलाई 2027 तक की समयसीमा दी है।
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Maharashtra Electric Bikes
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में काम कर रही ओला (Ola), उबर (Uber) और रेपिडो (Rapido) जैसी प्रमुख बाइक टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों को अपने बेड़े को 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में बदलने के लिए जुलाई 2027 की अंतिम समय सीमा तय कर दी है।
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के बाद राज्य परिवहन विभाग ने इस आदेश का औपचारिक पत्र सभी राइड-हेलिंग कंपनियों और राज्य भर के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को भेज दिया है।
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इलेक्ट्रिक फ्लीट में बदलाव के लिए कंपनियों को कितना समय और क्या चरणबद्ध योजना मिली है?
परिवहन विभाग ने इस पूर्ण इलेक्ट्रिक परिवर्तन को लागू करने के लिए कंपनियों को 9 महीने की चरणबद्ध संक्रमण अवधि दी है:- पहला चरण (6 महीने): वर्तमान में पेट्रोल से चलने वाली मोटरसाइकिलों का संचालन कर रहे बाइक टैक्सी ऑपरेटरों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर शिफ्ट होने के लिए शुरुआती 6 महीने का समय मिलेगा।
- अतिरिक्त रियायत (3 महीने): जिन एग्रीगेटर कंपनियों ने महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स, 2025 के तहत प्रोविजनल या अस्थायी लाइसेंस के लिए पहले ही आवेदन कर दिया है, उन्हें इस बदलाव को पूरा करने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
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राइडर्स और एसोसिएशनों ने इस फैसले पर क्या चिंताएं जताई हैं?
राज्य सरकार के इस सख्त रुख के बीच बाइक टैक्सी चालकों और उनके संघों ने वित्तीय संकट की आशंका जताई है। महाराष्ट्र बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री, राज्य परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त से गुहार लगाई थी।एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया था कि:
- अधिक समय की मांग: राइडर्स को पेट्रोल बाइक से इलेक्ट्रिक बाइक पर शिफ्ट होने के लिए कम से कम 18 महीने (डेढ़ साल) का समय दिया जाए।
- 2030 तक का विस्तार: एग्रीगेटर कंपनियों ने भी महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक वाहन नीति और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का हवाला देते हुए समय सीमा को 2030 तक बढ़ाने का अनुरोध किया था।
कम समय में इलेक्ट्रिक बाइक पर शिफ्ट होना राइडर्स के लिए कठिन क्यों है?
महाराष्ट्र बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गावडे के अनुसार, अधिकांश बाइक टैक्सी राइडर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग से आते हैं। उनके लिए अचानक एक महंगी इलेक्ट्रिक बाइक खरीदना बहुत मुश्किल भरा फैसला है।उन्होंने प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कहा:
- भारी वित्तीय निवेश: राइडर्स के पास एक ही बार में नई ईवी खरीदने के लिए पर्याप्त बजट नहीं होता।
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: राज्य में अभी भी पर्याप्त ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है।
- कम बैटरी लाइफ: इलेक्ट्रिक वाहनों की सीमित बैटरी लाइफ और बार-बार चार्जिंग की जरूरत भी राइडर्स के दैनिक काम को प्रभावित करती है।