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FASTag Misuse: घर पर फरमा रहे थे आराम और फास्टैग से कट गए पैसे, लुधियाना के शख्स का दावा; जानें पूरा मामला

Thu, 15 Aug 2024 06:36 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Thu, 15 Aug 2024 06:36 PM IST
सार

लुधियाना के एक व्यक्ति का दावा है कि उसके फास्टैग से पैसे काट लिए गए जबकि वह "घर पर आराम फरमा रहे थे।" 

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Ludhiana man claims money deducted from FASTag while he was at home
Toll Plaza - फोटो : PTI

विस्तार

लुधियाना के एक व्यक्ति का दावा है कि उसके फास्टैग से पैसे काट लिए गए जबकि वह "घर पर आराम फरमा रहे थे।" प्रिंसपायर टेक्नोलॉजीज के सीईओ सुंदरदीप सिंह ने एक स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें उन्हें यह सूचित किया गया था कि उनके खाते से पंजाब के एक टोल प्लाजा पर 220 रुपये काट लिए गए हैं।
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फास्टैग एक ऐसा डिवाइस है जो इलेक्ट्रॉनिक रूप से टोल भुगतान करने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसे वाहन की विंडशील्ड पर लगाया जाता है और एक प्रीपेड खाते से लिंक किया जाता है।
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सिंह के मामले में, उनके फास्टैग खाते से पैसे काट लिए गए थे, भले ही वह टोल बूथ से नहीं गुजरे थे। लुधियाना स्थित सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पूछा, "जब मैं घर पर आराम कर रहा हूं और इस महीने उस रूट की यात्रा भी नहीं की है, तो पैसे कैसे कट गए?"
 
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उन्होंने जो स्क्रीनशॉट साझा किया उसमें दिखाया गया है कि 14 अगस्त को लादोवाल टोल प्लाजा पर टोल के रूप में 220 रुपये काट लिए गए थे। सिंह का दावा है कि वह दिनों से उस रूट के पास नहीं थे। उन्होंने फास्टैग अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की। 

यह कोई पहली घटना नहीं
उनकी एक्स पोस्ट की कमेंट सेक्शन में देश भर के लोगों की इसी तरह की शिकायतों से भरा हुआ है। जो इस तकनीक पर पूरी तरह से निर्भर रहने की कमियों को उजागर करता है।

एक्स यूजर सिद्धार्थ गुप्ता ने लिखा, "हमारे साथ पिछले 1 साल से ऐसा ही हो रहा है। कोई और कार हमारी कार का रजिस्ट्रेशन नंबर इस्तेमाल कर रहा है। उनके सभी चालान और फास्टैग कटौती हमारे पास आ रहे हैं। अनगिनत पुलिस स्टेशन और बैंक शाखाओं में जाने के बाद, हमने इसे एक अलग घरेलू खर्च के रूप में मानना शुरू कर दिया है।" 

प्रकाश नाम के एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी कार गुजरात में होने पर उसके फास्टैग पर आंध्र प्रदेश में शुल्क लगाया गया था।
 

चेन्नई के नारायणन हरिहरन ने कहा कि उन्होंने इसी तरह की घटना के बाद एक शिकायत दर्ज कराई था। इस बीच, एक्स यूजर बालामुरुगन ने दावा किया कि उन्हें ऐसा ही मुद्दा आने के बाद कई फोन कॉल करने पड़े और अपनी कार की तस्वीरें शेयर करनी पड़ीं। 

फास्टैग अधिकारियों की प्रतिक्रिया
FASTag NETC ने सुंदरदीप सिंह को जवाब दिया है। और उनसे फास्टैग से गलत कटौती की जानकारी अपनी बैंक को देने का आग्रह किया।

FASTag NETC के अकाउंट से जवाब दिया गया, "नमस्ते, कृपया गलत कटौती की समस्या की रिपोर्ट करने के लिए जारी करने वाले बैंक की ग्राहक सेवा डेस्क से संपर्क करें। वे आपकी शिकायत की समीक्षा करेंगे। और गलत तरीके से काटे गए किराए के लिए इसके आधार पर चार्जबैक करेंगे। धन्यवाद।"
 

सिंह की पोस्ट को एक्स पर लाखों यूजर्स ने देखा है। और हजारों लोगों ने इसे लाइक किया है। साथ ही बड़ी संख्या में यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। 

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