Indian Army Vehicle: भारतीय सेना की सवारी बनेगी Land Rover Defender? टाटा ग्रुप ने पेश किया प्रस्ताव
Defender Military Vehicle India: भारतीय सेना को जल्द ही लैंड रोवर डिफेंडर के रूप में एक नया और दमदार साथी मिल सकता है। बेहतरीन स्पेस, दमदार इंजन और शानदार ऑफ-रोडिंग क्षमता वाली इस एसयूवी को टाटा ग्रुप सेना के लिए पेश कर रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक मंजूरी अभी बाकी है। आइए जानते हैं कि पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान तक हर मुश्किल रास्ते को नापने वाली यह गाड़ी सेना के लिए कितनी खास साबित होगी।
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विस्तार
दुनिया भर में अपनी धाक जमाने वाली लग्जरी और दमदार एसयूवी, Land Rover Defender जल्द ही भारतीय सेना (इंडियन आर्मी) में एक नए अवतार में नजर आ सकती है। टाटा ग्रुप की डिफेंस कंपनी, 'टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड' इस धाकड़ एसयूवी को सेना के लिए एक 'स्पेशल यूटिलिटी मिलिट्री व्हीकल' के तौर पर पेश कर रही है। हालांकि, यह प्रपोजल अभी शुरुआती बातचीत और टेस्टिंग के दौर में है। सेना में इसकी आधिकारिक एंट्री होना अभी बाकी है। ऑटोमोबाइल के दीवानों और देशवासियों के लिए यह खबर काफी रोमांचक है। आइए समझते हैं कि अगर यह एसयूवी सेना में शामिल होती है तो यह कितनी खास होगी:
सेना को क्यों है इसकी जरूरत?
भारतीय सेना इन दिनों अपनी गाड़ियों के बेड़े को मॉडर्न और ज्यादा ताकतवर बनाने की कोशिश कर रही है। ग्लोबल लेवल पर देखें तो डिफेंडर का इस्तेमाल लंबे समय से सेना और मुश्किल रास्तों वाले अभियानों में होता आया है। अब टाटा ग्रुप (जिसके पास जगुआर लैंड रोवर का मालिकाना हक है) इसी शानदार अनुभव को भारतीय सेना के अभियानों का हिस्सा बनाना चाहता है।
अलग-अलग साइज और बेहतरीन स्पेस
भारत में लैंड रोवर डिफेंडर फिलहाल तीन अलग-अलग मॉडल्स- डिफेंडर 90, 110 और 130 में उपलब्ध है, जो इसे आकार और स्पेस के मामले में बेहद बहुमुखी बनाते हैं। इन मॉडल्स में 5 से लेकर 8 लोगों तक के बैठने की पर्याप्त जगह होती है, जिसकी वजह से यह जवानों की आवाजाही, गश्त और भारी सामान ढोने जैसे कार्यों के लिए एक आदर्श विकल्प बन जाती है।
इस एसयूवी का डिजाइन इतना लचीला है कि इसे सेना की विशिष्ट जरूरतों के अनुसार आसानी से बदला जा सकता है, फिर चाहे वह दुश्मनों की रेकी करना हो, रसद पहुंचाना हो या फिर इसे एक चलते-फिरते कम्युनिकेशन सेंटर के रूप में इस्तेमाल करना हो।
हथियारों और सेफ्टी गियर से लैस करने की सुविधा
डिफेंडर की सबसे बड़ी खूबी इसकी मॉड्यूलर बनावट है। सेना के मिशन की जरूरत के हिसाब से इस गाड़ी में स्पेशल कम्युनिकेशन सिस्टम, छोटे हथियार लगाने की जगह और एक्सट्रा सेफ्टी कवर आसानी से जोड़े जा सकते हैं।
पहाड़ हो या रेगिस्तान, हर मुश्किल रास्ते का 'बादशाह'
पहाड़ हों या तपते रेगिस्तान, लैंड रोवर डिफेंडर को हर मुश्किल रास्ते का 'बादशाह' माना जाता है। ऑफ-रोडिंग के मामले में इस गाड़ी का कोई मुकाबला नहीं है। क्योंकि यह शानदार ऑल-व्हील-ड्राइव (AWD) सिस्टम, एडवांस सस्पेंशन तकनीक और 'टेरेन रिस्पॉन्स मोड' जैसे आधुनिक फीचर्स से लैस है।
टेरेन रिस्पॉन्स मोड की मदद से गाड़ी अपनी सेटिंग्स को रास्ते की चुनौतियों के हिसाब से तुरंत बदल लेती है। यही वजह है कि यह गाड़ी उन ऊबड़-खाबड़ सरहदों, पथरीले पहाड़ों और रेतीले इलाकों में आसानी से दौड़ सकती है, जहां भारतीय सेना को अक्सर कड़े मिशनों को अंजाम देना पड़ता है।
इंजन में कितनी है पावर?
अगर इंजन की पावर की बात करें, तो आम ग्राहकों के लिए बाजार में उपलब्ध डिफेंडर के हुड के नीचे कई दमदार विकल्प मिलते हैं। इसमें 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल और 3.0-लीटर डीजल इंजन से लेकर 5.0-लीटर V8 पेट्रोल और हाई-परफॉर्मेंस OCTA मॉडल में मिलने वाला बेहद शक्तिशाली 4.4-लीटर ट्विनपावर टर्बो V8 इंजन शामिल है।
हालांकि, अगर इस एसयूवी को भारतीय सेना के बेड़े में शामिल किया जाता है तो इसकी इंजन ट्यूनिंग और स्पेसिफिकेशन को सेना की विशिष्ट और कठिन जरूरतों के हिसाब से कस्टमाइज किया जा सकता है। फिलहाल मिलिट्री-स्पेक वर्जन की आधिकारिक तकनीकी डिटेल्स का इंतजार है।