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Sand Taxi: झारखंड में जल्द ही शुरू की जाएगी रेत टैक्सी प्रणाली, अधिकारी ने दी जानकारी
Wed, 17 Jan 2024 08:44 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 17 Jan 2024 08:44 PM IST
सार
झारखंड सरकार अवैध रेत खनन और रेत माफिया से निपटने के लिए जल्द ही तेलंगाना की तरह एक सैंड टैक्सी सिस्टम (रेत टैक्सी प्रणाली) लागू करेगी। जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर रेत उपलब्ध कराई जा सके। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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Illegal sand mining
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
झारखंड सरकार अवैध रेत खनन और रेत माफिया से निपटने के लिए जल्द ही तेलंगाना की तरह एक सैंड टैक्सी सिस्टम (रेत टैक्सी प्रणाली) लागू करेगी। जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर रेत उपलब्ध कराई जा सके। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य का खान और भूविज्ञान विभाग जल्द ही एक रेत टैक्सी पोर्टल बनाएगा जहां पूरे राज्य से ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को पंजीकृत किया जाएगा।
खान निदेशक अर्वा राजकमल ने कहा, "इस सुविधा के जरिए उपभोक्ता ऑनलाइन रेत बुक कर सकेंगे। एक बार रेत बुक करने और परिवहन का तरीका चुनने के बाद, हम उसे 48 घंटे के भीतर उनके दरवाजे पर पहुंचा देंगे।"
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राजकमल ने आगे कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो यह प्रणाली अगले वित्तीय वर्ष में शुरू की जाएगी।
विभाग की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए, खान और भूविज्ञान विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीकी ने कहा कि रेत घाटों के लिए टेंडर को अब अंतिम रूप दिए गए हैं, जो लंबे समय से लंबित थे।
सिद्दीकी ने बताया, "हमने 216 रेत घाटों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है और बोली लगाने वालों को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिल गया है। एक बार जब वे संबंधित विभाग से मंजूरी ले लेते हैं, तो वे खनन शुरू कर सकते हैं।"
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अधिकारियों के अनुसार, राज्य का खान और भूविज्ञान विभाग जल्द ही एक रेत टैक्सी पोर्टल बनाएगा जहां पूरे राज्य से ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों को पंजीकृत किया जाएगा।
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खान निदेशक अर्वा राजकमल ने कहा, "इस सुविधा के जरिए उपभोक्ता ऑनलाइन रेत बुक कर सकेंगे। एक बार रेत बुक करने और परिवहन का तरीका चुनने के बाद, हम उसे 48 घंटे के भीतर उनके दरवाजे पर पहुंचा देंगे।"
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राजकमल ने आगे कहा कि अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो यह प्रणाली अगले वित्तीय वर्ष में शुरू की जाएगी।
विभाग की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए, खान और भूविज्ञान विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीकी ने कहा कि रेत घाटों के लिए टेंडर को अब अंतिम रूप दिए गए हैं, जो लंबे समय से लंबित थे।
सिद्दीकी ने बताया, "हमने 216 रेत घाटों के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है और बोली लगाने वालों को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिल गया है। एक बार जब वे संबंधित विभाग से मंजूरी ले लेते हैं, तो वे खनन शुरू कर सकते हैं।"
Illegal sand mining
- फोटो : For Reference Only
हालांकि, बोली लगाने वालों को खनन शुरू करने से पहले राज्य के पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) से मंजूरी की जरूरत होगी, जो वन विभाग के अधीन आता है। एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, दुर्भाग्य से, एसईआईएए वर्तमान में राज्य में गैर-परिचालन है।
सिद्दीकी ने दूसरी ओर कहा कि एसईआईएए (SEIAA) की स्थापना प्रगति पर है और उन्हें उम्मीद है कि यह कुछ महीनों के भीतर चालू हो जाएगा।
इसके अलावा, सिद्दीकी ने उल्लेख किया कि झारखंड में लिथियम के बड़े भंडार खोजे गए हैं, जो न सिर्फ राज्य के राजस्व को बढ़ाएंगे बल्कि नजदीकी भविष्य में इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रोफाइल भी ऊपर उठाएंगे।
कृषि विभाग के सचिव के रूप में भी कार्यरत सिद्दीकी ने बताया कि सरकार की योजना राज्य के हर पंचायत में रेन गेज लगाने की है।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला, "इस साल, सरकार ने पहले ही 264 में से 158 ब्लॉकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। पिछले वर्षों की तरह, प्रभावित परिवारों को 3,500 रुपये सूखा राहत के रूप में मिलेंगे।"
सिद्दीकी ने दूसरी ओर कहा कि एसईआईएए (SEIAA) की स्थापना प्रगति पर है और उन्हें उम्मीद है कि यह कुछ महीनों के भीतर चालू हो जाएगा।
इसके अलावा, सिद्दीकी ने उल्लेख किया कि झारखंड में लिथियम के बड़े भंडार खोजे गए हैं, जो न सिर्फ राज्य के राजस्व को बढ़ाएंगे बल्कि नजदीकी भविष्य में इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रोफाइल भी ऊपर उठाएंगे।
कृषि विभाग के सचिव के रूप में भी कार्यरत सिद्दीकी ने बताया कि सरकार की योजना राज्य के हर पंचायत में रेन गेज लगाने की है।
उन्होंने निष्कर्ष निकाला, "इस साल, सरकार ने पहले ही 264 में से 158 ब्लॉकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। पिछले वर्षों की तरह, प्रभावित परिवारों को 3,500 रुपये सूखा राहत के रूप में मिलेंगे।"