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Driving Skills: क्या आप अच्छी तरह से गाड़ी चलाना जानते हैं? ये एडवांस्ड तकनीकें आपको और भी बेहतर बना देंगी
Fri, 07 Mar 2025 08:51 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 07 Mar 2025 08:51 PM IST
सार
अगर आप गाड़ी अच्छी चलाना जानते हैं और इसे और भी बेहतर बनाना चाहते हैं, तो कुछ एडवांस्ड ड्राइविंग टेक्निक्स आपकी मदद कर सकती हैं। सही तकनीकों के इस्तेमाल से न सिर्फ आपकी गाड़ी की परफॉर्मेंस सुधरेगी बल्कि सेफ्टी भी बढ़ेगी।
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Car Driving
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
अगर आप गाड़ी अच्छी चलाना जानते हैं और इसे और भी बेहतर बनाना चाहते हैं, तो कुछ एडवांस्ड ड्राइविंग टेक्निक्स आपकी मदद कर सकती हैं। सही तकनीकों के इस्तेमाल से न सिर्फ आपकी गाड़ी की परफॉर्मेंस सुधरेगी बल्कि सेफ्टी भी बढ़ेगी। चाहे ट्रैफिक हो, घुमावदार सड़कें हों, या अचानक रुकने की जरूरत पड़े, इन तरीकों से आप एक प्रोफेशनल ड्राइवर की तरह ड्राइव कर सकते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही कुछ बेहतरीन ड्राइविंग टेक्निक्स के बारे में बता रहे हैं।
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डिफेंसिव ड्राइविंग
डिफेंसिव ड्राइविंग का मतलब होता है संभावित खतरों को पहले से भांपना और दुर्घटनाओं से बचने के लिए पहले से सतर्क रहना। इसके लिए हमेशा सेफ फॉलोइंग डिस्टेंस बनाए रखें और आगे की सड़क पर नजर रखें ताकि अचानक रुकावटों या ब्रेक लगाने की जरूरत हो तो आप पहले से तैयार रहें।
इसके अलावा, ब्लाइंड स्पॉट्स का ध्यान रखना और बार-बार मिरर्स चेक करना भी जरूरी होता है। अगर आप हर समय सतर्क और तैयार रहते हैं, तो दूसरों की गलतियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं से भी बच सकते हैं।
डिफेंसिव ड्राइविंग का मतलब होता है संभावित खतरों को पहले से भांपना और दुर्घटनाओं से बचने के लिए पहले से सतर्क रहना। इसके लिए हमेशा सेफ फॉलोइंग डिस्टेंस बनाए रखें और आगे की सड़क पर नजर रखें ताकि अचानक रुकावटों या ब्रेक लगाने की जरूरत हो तो आप पहले से तैयार रहें।
इसके अलावा, ब्लाइंड स्पॉट्स का ध्यान रखना और बार-बार मिरर्स चेक करना भी जरूरी होता है। अगर आप हर समय सतर्क और तैयार रहते हैं, तो दूसरों की गलतियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं से भी बच सकते हैं।
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रेव मैचिंग
रेव मैचिंग एक एडवांस्ड टेक्निक है जो डाउनशिफ्टिंग (गियर कम करने) के दौरान झटकों से बचने और पावर कंट्रोल बनाए रखने में मदद करती है। जब भी आप गियर डाउन करें, तो क्लच दबाते ही हल्का एक्सीलरेटर (थ्रॉटल) टैप करें ताकि इंजन का RPM अगले गियर के साथ मैच हो जाए।
इसके बाद क्लच धीरे-धीरे छोड़ें, जिससे गाड़ी बिना झटकों के स्मूथ तरीके से स्लो हो सके। यह टेक्निक मुड़ते समय या ओवरटेकिंग के दौरान गाड़ी को स्थिर बनाए रखने में मदद करती है और आपकी कार के ड्राइवट्रेन (इंजन और ट्रांसमिशन) की लाइफ बढ़ाती है।
रेव मैचिंग एक एडवांस्ड टेक्निक है जो डाउनशिफ्टिंग (गियर कम करने) के दौरान झटकों से बचने और पावर कंट्रोल बनाए रखने में मदद करती है। जब भी आप गियर डाउन करें, तो क्लच दबाते ही हल्का एक्सीलरेटर (थ्रॉटल) टैप करें ताकि इंजन का RPM अगले गियर के साथ मैच हो जाए।
इसके बाद क्लच धीरे-धीरे छोड़ें, जिससे गाड़ी बिना झटकों के स्मूथ तरीके से स्लो हो सके। यह टेक्निक मुड़ते समय या ओवरटेकिंग के दौरान गाड़ी को स्थिर बनाए रखने में मदद करती है और आपकी कार के ड्राइवट्रेन (इंजन और ट्रांसमिशन) की लाइफ बढ़ाती है।
ट्रेल ब्रेकिंग
ट्रेल ब्रेकिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें टर्न (मोड़) पर जाने से पहले ब्रेक लगाकर धीरे-धीरे उसे रिलीज किया जाता है। यह कार के वेट डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रैक्शन को बेहतर बनाता है, खासकर तीव्र मोड़ों पर।
जब भी आप किसी टर्न में एंटर करें, तो पहले ब्रेक लगाएं और जैसे-जैसे गाड़ी मुड़ रही हो, ब्रेक को धीरे-धीरे छोड़ें। जब टर्न पूरा हो जाए, तो धीरे से एक्सीलरेटर दबाएं। यह टेक्निक हिल स्टेशनों या घुमावदार रास्तों पर गाड़ी को ज्यादा स्थिर और कंट्रोल में रखने में मदद करती है।
ट्रेल ब्रेकिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमें टर्न (मोड़) पर जाने से पहले ब्रेक लगाकर धीरे-धीरे उसे रिलीज किया जाता है। यह कार के वेट डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रैक्शन को बेहतर बनाता है, खासकर तीव्र मोड़ों पर।
जब भी आप किसी टर्न में एंटर करें, तो पहले ब्रेक लगाएं और जैसे-जैसे गाड़ी मुड़ रही हो, ब्रेक को धीरे-धीरे छोड़ें। जब टर्न पूरा हो जाए, तो धीरे से एक्सीलरेटर दबाएं। यह टेक्निक हिल स्टेशनों या घुमावदार रास्तों पर गाड़ी को ज्यादा स्थिर और कंट्रोल में रखने में मदद करती है।
ओवरस्टेयर और अंडरस्टेयर को सही से हैंडल करें
गाड़ी चलाते समय अगर सड़क फिसलन भरी हो, तो ओवरस्टेयर या अंडरस्टेयर की समस्या आ सकती है। इसे सही से संभालना बेहद जरूरी है।
ओवरस्टेयर तब होता है जब गाड़ी का पिछला हिस्सा फिसलने लगता है और टेल स्लाइड करने लगती है। इसे कंट्रोल करने के लिए जिस दिशा में गाड़ी फिसल रही हो, उसी दिशा में स्टीयरिंग घुमाएं (इसे काउंटर-स्टीयरिंग कहते हैं)। इसके साथ ही, अचानक ब्रेक लगाने से बचें और एक्सीलरेटर को हल्का छोड़ दें ताकि कार का बैलेंस बना रहे।
अंडरस्टेयर तब होता है जब गाड़ी ठीक से मुड़ती नहीं है और सामने के पहियों का ग्रिप कम हो जाता है। यह समस्या फ्रंट-व्हील ड्राइव कारों में ज्यादा देखी जाती है। इसे ठीक करने के लिए एक्सीलरेटर हल्का छोड़ें और स्टेयरिंग को धीरे-धीरे एडजस्ट करें ताकि टायर दोबारा ग्रिप पकड़ सकें।
गाड़ी चलाते समय अगर सड़क फिसलन भरी हो, तो ओवरस्टेयर या अंडरस्टेयर की समस्या आ सकती है। इसे सही से संभालना बेहद जरूरी है।
ओवरस्टेयर तब होता है जब गाड़ी का पिछला हिस्सा फिसलने लगता है और टेल स्लाइड करने लगती है। इसे कंट्रोल करने के लिए जिस दिशा में गाड़ी फिसल रही हो, उसी दिशा में स्टीयरिंग घुमाएं (इसे काउंटर-स्टीयरिंग कहते हैं)। इसके साथ ही, अचानक ब्रेक लगाने से बचें और एक्सीलरेटर को हल्का छोड़ दें ताकि कार का बैलेंस बना रहे।
अंडरस्टेयर तब होता है जब गाड़ी ठीक से मुड़ती नहीं है और सामने के पहियों का ग्रिप कम हो जाता है। यह समस्या फ्रंट-व्हील ड्राइव कारों में ज्यादा देखी जाती है। इसे ठीक करने के लिए एक्सीलरेटर हल्का छोड़ें और स्टेयरिंग को धीरे-धीरे एडजस्ट करें ताकि टायर दोबारा ग्रिप पकड़ सकें।
स्मूथ एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग
अचानक एक्सीलरेट या ब्रेक लगाने से गाड़ी का कंट्रोल बिगड़ सकता है और इंजन, टायर और ब्रेक जल्दी खराब हो सकते हैं। स्मूथ एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग से न सिर्फ आपकी गाड़ी की स्टेबिलिटी बनी रहती है, बल्कि माइलेज भी बेहतर होता है।
जब भी आपको स्पीड बढ़ानी हो, तो धीरे-धीरे एक्सीलरेटर दबाएं, ताकि टायर में ज्यादा घर्षण न हो और गाड़ी स्मूथली आगे बढ़े। ब्रेकिंग के दौरान भी अचानक ब्रेक लगाने की बजाय उसे धीरे-धीरे दबाएं, ताकि गाड़ी स्थिर बनी रहे और पैसेंजर्स को झटके न लगें।
अचानक एक्सीलरेट या ब्रेक लगाने से गाड़ी का कंट्रोल बिगड़ सकता है और इंजन, टायर और ब्रेक जल्दी खराब हो सकते हैं। स्मूथ एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग से न सिर्फ आपकी गाड़ी की स्टेबिलिटी बनी रहती है, बल्कि माइलेज भी बेहतर होता है।
जब भी आपको स्पीड बढ़ानी हो, तो धीरे-धीरे एक्सीलरेटर दबाएं, ताकि टायर में ज्यादा घर्षण न हो और गाड़ी स्मूथली आगे बढ़े। ब्रेकिंग के दौरान भी अचानक ब्रेक लगाने की बजाय उसे धीरे-धीरे दबाएं, ताकि गाड़ी स्थिर बनी रहे और पैसेंजर्स को झटके न लगें।
एक प्रोफेशनल ड्राइवर बनें
अगर आप एक शानदार ड्राइवर बनना चाहते हैं, तो ये एडवांस्ड ड्राइविंग टेक्निक्स आपको मदद करेंगी। सही तरीके से ड्राइविंग करने से न सिर्फ आपकी गाड़ी का परफॉर्मेंस सुधरेगा, बल्कि आपकी और दूसरों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। तो अगली बार जब आप गाड़ी चलाएं, तो इन ट्रिक्स को अपनाकर देखें और फर्क महसूस करें।
अगर आप एक शानदार ड्राइवर बनना चाहते हैं, तो ये एडवांस्ड ड्राइविंग टेक्निक्स आपको मदद करेंगी। सही तरीके से ड्राइविंग करने से न सिर्फ आपकी गाड़ी का परफॉर्मेंस सुधरेगा, बल्कि आपकी और दूसरों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। तो अगली बार जब आप गाड़ी चलाएं, तो इन ट्रिक्स को अपनाकर देखें और फर्क महसूस करें।