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FASTag: FY 2023-24 में 5,000 करोड़ रुपये रहा मासिक टोल संग्रह, जिसमें 98.5 प्रतिशत था इलेक्ट्रॉनिक भुगतान
Wed, 14 Aug 2024 10:17 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 14 Aug 2024 10:17 PM IST
सार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की पिछले वित्तीय वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह 5000 करोड़ रुपये प्रति माह से ज्यादा रहा है।
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Toll Plaza
- फोटो : PTI
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विस्तार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की पिछले वित्तीय वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ETC) (ईटीसी) 5000 करोड़ रुपये प्रति माह से ज्यादा रहा है। जिसमें लगभग 98.5 प्रतिशत टोल का संग्रह इस जरिए किया गया है।
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रिपोर्ट में कहा गया है, "31 मार्च, 2024 तक, सामूहिक रूप से बैंकों ने 8.81 करोड़ से ज्यादा फास्टैग जारी किए हैं। ईटीसी के जरिए औसत दैनिक संग्रह बढ़कर 190.68 करोड़ रुपये हो गया है और कुल शुल्क संग्रह में 98.5 प्रतिशत की पैठ हो गई है। सभी लेन में ईटीसी इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ 1,365 राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और राज्य राजमार्ग शुल्क प्लाजा हैं।"
अगस्त 2023 तक, ईटीसी की पैठ का प्रतिशत 98 प्रतिशत थी, जो उसके बाद बढ़कर 99 प्रतिशत हो गई।
अगस्त 2023 तक, ईटीसी की पैठ का प्रतिशत 98 प्रतिशत थी, जो उसके बाद बढ़कर 99 प्रतिशत हो गई।
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रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कुल टोल संग्रह 64,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा। मार्च 2024 में सबसे अधिक 5,911 करोड़ रुपये का टोल संग्रह किया गया। जबकि जुलाई 2023 में सबसे कम 4966.07 करोड़ रुपये का संग्रह किया गया।
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, अंतिम वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2022 में सबसे ज्यादा 4918.4 करोड़ रुपये का संग्रह किया गया था। इससे पहले दिसंबर 2021 में यह सिर्फ 3674.98 करोड़ रुपये था।
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान, अंतिम वार्षिक रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2022 में सबसे ज्यादा 4918.4 करोड़ रुपये का संग्रह किया गया था। इससे पहले दिसंबर 2021 में यह सिर्फ 3674.98 करोड़ रुपये था।
वर्षों से, राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह में लगातार सुधार हुआ है। इसका मुख्य कारण मैनुअल टोल संग्रह से इलेक्ट्रॉनिक - फास्टैग में स्थानांतरण था। टोल संग्रह में बढ़ोतरी में योगदान देने वाले अन्य कारणों में ट्रैफिक में बढ़ोतरी, उपयोगकर्ता शुल्क दरों में संशोधन और नए टोल वाली सड़कों का बनना शामिल है।
MoRTH के आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह 2015-16 से 2022-23 के बीच लगभग तीन गुना बढ़कर 17,759.12 करोड़ रुपये से 48,028.22 करोड़ रुपये हो गया है।
MoRTH के आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह 2015-16 से 2022-23 के बीच लगभग तीन गुना बढ़कर 17,759.12 करोड़ रुपये से 48,028.22 करोड़ रुपये हो गया है।
वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि राजमार्ग उपयोगकर्ताओं द्वारा फास्टैग की लगातार बढ़ोतरी और अपनाना बहुत उत्साहजनक है। और इससे टोल संचालन में दक्षता बढ़ाने में मदद मिली है।
मंत्रालय ने कहा, "शुल्क प्लाजा के जरिए यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और फास्टैग का इस्तेमाल करके यूजर फीस के कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम को अखिल भारतीय स्तर पर लागू किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) केंद्रीय समाशोधन गृह (CCH) (सेंट्रल क्लीयरिंग हाउस) है। सड़क उपयोगकर्ताओं को फास्टैग जारी करने के लिए चालीस (40) बैंक (सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों सहित) जारीकर्ता बैंक के रूप में लगे हुए हैं। और शुल्क प्लाजा पर लेनदेन को संसाधित करने के लिए चौदह (14) अधिग्रहणकर्ता बैंक हैं।"
मंत्रालय ने कहा, "शुल्क प्लाजा के जरिए यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और फास्टैग का इस्तेमाल करके यूजर फीस के कलेक्शन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की प्रमुख पहल, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (NETC) कार्यक्रम को अखिल भारतीय स्तर पर लागू किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) केंद्रीय समाशोधन गृह (CCH) (सेंट्रल क्लीयरिंग हाउस) है। सड़क उपयोगकर्ताओं को फास्टैग जारी करने के लिए चालीस (40) बैंक (सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों सहित) जारीकर्ता बैंक के रूप में लगे हुए हैं। और शुल्क प्लाजा पर लेनदेन को संसाधित करने के लिए चौदह (14) अधिग्रहणकर्ता बैंक हैं।"