मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हो रहा है ‘खेल’, असली और नकली की ऐसे करें पहचान
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
देश में फर्जी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में 53.7 करोड़ रुपये की फर्जी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी बिकी हैं, वहीं ऐसे मामलों की संख्या 498 से बढ़ कर 1,192 तक पहुंच गई है।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
देश में फर्जी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो सालों में 53.7 करोड़ रुपये की फर्जी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी बिकी हैं, वहीं ऐसे मामलों की संख्या 498 से बढ़ कर 1,192 तक पहुंच गई है।
आंकड़ा 1192 के पार
नहीं मिलता क्लेम
चालान से बचने के लिये खरीदते हैं पॉलिसी
पॉलिसी पर फिक्स बार कोड्स, थ्रीडी होलोग्राम
गैंग भी बना रहे हैं निशाना
भारी छूट का देते हैं ऑफऱ
पॉलिसी रिन्यू कराने वालों को करते हैं टारगेट
असली-नकली का ऐसे लगाएं पता
- वहीं अगर आप भी मोटर इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं, तो आप भी उसके असली-नकली होने का पता लगा सकते हैं। पॉलिसी केवल जानकार लोगों से ही खरीदें। वहीं अगर ऑनलाइन खरीद रहे हैं, तो कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से ही खरीदें।
- ध्यान रखें कि पॉलिसी खरीदने के लिये चेक या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ही करें। केवल कंपनी के नाम पर ही चेक काटें, किसी निजी व्यक्ति के नाम पर चेक देने से बचें।
- वहीं अगर आपने किसी थर्ड पाटी या व्यक्ति से पॉलिसी ली है, तो आपके ईमेल पर उसकी डिटेल आएंगी। यदि नहीं आई हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी के कॉल सेंटर पर फोन करके पॉलिसी को वेरिफाई करें।
- किसी अंजान कंपनी से पॉलिसी खरीदने से बचें। अगर आपको कोई शक हो रहा है कि इरडा की वेबसाइट पर जाकर लाइसेंस वाली कंपनियों की लिस्ट में उस कंपनी का नाम चेक कर सकते हैं। साथ ही स्वीकृत पॉलिसी की डिटेल भी आपको वहीं मिल जाएगी।
- IRDAI ने कुछ साल पहले बीमा कंपनियों के लिए वाहन बीमा पॉलिसी पर एक QR कोड प्रिंट करना जरूरी कर दिया है, इससे आप पॉलिसी की डिटेल्स क्यूआर कोड के जरिये मोबाइल पर चेक सकते हैं। भारत में दिसंबर 2015 के बाद बिकने वाली मोटर बीमा पॉलिसियों में आम तौर पर एक क्यूआर कोड होता है।