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फेस्टिव सीजनः कारों पर भारी छूट की पेशकश
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 12 Oct 2013 12:56 PM IST
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कार खरीदने की चाहत रखने वालों के लिए त्योहारों का सीजन अच्छा माना जाता है। इस बार फेस्टिव सीजन कस्टमर के लिए और भी मुफीद हो सकता है।
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कई वर्षों के बाद पहली बार तकरीबन सभी तरह की कारों पर भारी छूट मिल रही है और डिलिवरी के लिए इंतजार करने की जरूरत भी नहीं है।
दरअसल, कार बनाने वाली कई कंपनियों के पास तकरीबन तीन महीनों की डीलर इन्वेंटरी (बिक्री के लिए पड़ी कारें) है। वर्ष 2008-09 के बाद इन्वेंटरी का यह सबसे ऊंचा स्तर है।
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आमतौर पर त्योहारों के मौसम में कारों की बिक्री 20-30 प्रतिशत बढ़ जाती है। इस साल अच्छी तेजी की उम्मीद कम नजर आ रही है।
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मारुति सुजुकी के पास फिलहाल 6 हफ्तों की इन्वेंटरी है, जबकि औसत इन्वेंटरी तीन सप्ताह की होती है। मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) के अध्यक्ष आरसी भर्गव ने कहा, "त्योहार शुरू होने से पहले डीलर आमतौर पर अतिरिक्त इन्वेंटरी रखते हैं।
लेकिन हमारी मौजूदा इन्वेंटरी 6 हफ्तों की है, जबकि पिछले साल त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले हमारी डीलर इन्वेंटरी औसतन 6 हफ्तों की थी।"
पैसेंजर कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया के सीओओ (सेल्स और मार्केटिंग) मयंक पारीका का कहना है, "सभी कंपनियों के पास स्टॉक बढ़ता जा रहा है।
हालांकि लगातार 7-8 महीने बहुत खराब बीतने के बाद बुकिंग में कुछ सुधार के संकेत मिले हैं, लेकिन अब भी इस बाजार की रफ्तार सामान्य स्तर पर नहीं आई है।"
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घरेलू पैसेंजर वाहन बाजार में मारुति की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है। दूसरी कंपनियों की हालत भी बेहतर नहीं है। टोयोटा, फोक्सवैगन और निसान जैसी कंपनियों के बारे में भी माना जा रहा है कि वे परेशानी में हैं। उनके पास संभवतः मारुति, हुंडई और फोर्ड की तुलना में ज्यादा बड़ी इन्वेंटरी है।
डिलिवरी हाथो-हाथ
कंपनी के डीलर के पास करीब दो महीनों की इन्वेंटरी है। हुंडई के एक डीलर ने बताया कि कुछ इलाकों में 2-3 महीनों की इन्वेंटरी है। "हमारे लिए ब्याज की लागत बढ़ती जा रही है और हमारी माली हालत खराब होती जा रही है।"
निसान के एक डीलर ने भी यह हकीकत कबूली कि बिक्री के लिए पड़े वाहनों का स्टॉक बहुत बढ़ गया है। साथ ही उम्मीद भी जताई कि जल्द ही ग्राहक शोरूम आने लगेंगे। "फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसो." का आकलन है कि वाहन कंपनियों के पास तकरीबन 20,000 करोड़ रुपए की इन्वेंटरी पड़ी है। मोटे तौर पर 4 लाख वाहनों की। पिछले साल इस महीने की इन्वेंटरी इसकी आधी थी।