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Budget 2022 Expectations: दोपहिया वाहन निर्माताओं की बजट से क्या हैं उम्मीदें, ईवी की बिक्री बढ़ाने के सुझाए उपाए
Mon, 31 Jan 2022 09:03 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 31 Jan 2022 09:03 PM IST
सार
केंद्र सरकार केंद्रीय बजट 2022-23 पेश करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में ऑटोमोबाइल उद्योग ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपनी उम्मीदों को साझा करना शुरू कर दिया है।
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Ather Electric Scooter
- फोटो : For Reference Only
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विस्तार
केंद्र सरकार केंद्रीय बजट 2022-23 पेश करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में ऑटोमोबाइल उद्योग ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अपनी उम्मीदों को साझा करना शुरू कर दिया है। आगामी बजट में भारत में उभरते इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र पर मुख्य ध्यान देने के साथ ही ऑटो उद्योग के लिए कई उपायों का प्रस्ताव करने की उम्मीद है। FAME II सब्सिडी की मदद से EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) अपनाने के लिए सरकार के जोर का नतीजा है कि पिछले एक साल में इस सेगमेंट में भारी इजाफा हुआ है।
ईवी की बिक्री दोगुना बढ़ी
सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) (एसएमईवी) के अनुसार, भारत में पिछले 15 वर्षों में सामूहिक रूप से खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में 2021 में उससे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी की गई। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री 2020 में सिर्फ एक लाख यूनिट्स थी, जबकि इसकी तुलना में 2021 में लगभग 2.34 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ दो गुना बढ़ोतरी देखी गई।
FAME II स्कीम से मिली मदद
भारतीय दोपहिया निर्माता पहले ही बता चुके हैं कि कैसे केंद्र की FAME II योजना ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विकास में मदद की है। उनमें से लगभग सभी चाहते हैं कि केंद्र अगले वित्त वर्ष में भी रफ्तार बनाए रखने के लिए भविष्य में इस योजना को जारी रखे।
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ईवी की बिक्री दोगुना बढ़ी
सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) (एसएमईवी) के अनुसार, भारत में पिछले 15 वर्षों में सामूहिक रूप से खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में 2021 में उससे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी की गई। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री 2020 में सिर्फ एक लाख यूनिट्स थी, जबकि इसकी तुलना में 2021 में लगभग 2.34 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ दो गुना बढ़ोतरी देखी गई।
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FAME II स्कीम से मिली मदद
भारतीय दोपहिया निर्माता पहले ही बता चुके हैं कि कैसे केंद्र की FAME II योजना ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के विकास में मदद की है। उनमें से लगभग सभी चाहते हैं कि केंद्र अगले वित्त वर्ष में भी रफ्तार बनाए रखने के लिए भविष्य में इस योजना को जारी रखे।
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Ather 450
- फोटो : Ather
Ather Energy
बेंगलुरु स्थित Ather Energy (एथर एनर्जी) के सह-संस्थापक और सीईओ तरुण मेहता ने पहले कहा था, "इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी जारी है क्योंकि उपभोक्ताओं को FAME II सब्सिडी और टैक्स छूट से मिलने वाले फायदे मिलते हैं। उपभोक्ताओं की मांग को बनाए रखने और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए, हमें उम्मीद है कि FAME II सब्सिडी 2023 के बाद भी जारी रहेगी।"
भारतीय दोपहिया निर्माताओं को उम्मीद है कि केंद्र हाल ही में घोषित पीएलआई योजना के तहत अधिक प्लेयर्स को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
बेंगलुरु स्थित Ather Energy (एथर एनर्जी) के सह-संस्थापक और सीईओ तरुण मेहता ने पहले कहा था, "इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में बढ़ोतरी जारी है क्योंकि उपभोक्ताओं को FAME II सब्सिडी और टैक्स छूट से मिलने वाले फायदे मिलते हैं। उपभोक्ताओं की मांग को बनाए रखने और इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने के लिए, हमें उम्मीद है कि FAME II सब्सिडी 2023 के बाद भी जारी रहेगी।"
भारतीय दोपहिया निर्माताओं को उम्मीद है कि केंद्र हाल ही में घोषित पीएलआई योजना के तहत अधिक प्लेयर्स को शामिल करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
Hero Dash electric scooter
- फोटो : Hero Electric
Hero Electric
Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा, "हमारे पास केंद्र और राज्य स्तर पर पहले से ही मजबूत नीतियां हैं जो मांग पैदा करने और मैन्युफेक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छी हैं। लेकिन जब पीएलआई योजना की बात आती है, तो हम चाहते हैं कि इसे और अधिक समावेशी और व्यापक बनाया जाए ताकि अधिक ईवी निर्माताओं को इसका फायदा मिल सके। मौजूदा समय में, यह एक अत्यधिक सिलेक्टिव स्कीम (चयनात्मक योजना) है।"
Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) के प्रबंध निदेशक नवीन मुंजाल ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा, "हमारे पास केंद्र और राज्य स्तर पर पहले से ही मजबूत नीतियां हैं जो मांग पैदा करने और मैन्युफेक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छी हैं। लेकिन जब पीएलआई योजना की बात आती है, तो हम चाहते हैं कि इसे और अधिक समावेशी और व्यापक बनाया जाए ताकि अधिक ईवी निर्माताओं को इसका फायदा मिल सके। मौजूदा समय में, यह एक अत्यधिक सिलेक्टिव स्कीम (चयनात्मक योजना) है।"
Ather Electric Scooter
- फोटो : For Reference Only
PLI पर मेहता की राय मुंजाल जैसी
एथर एनर्जी के तरुण मेहता ने पीएलआई योजना पर मुंजाल की राय को दोहराया। उन्होंने कहा, "इस दृष्टिकोण में समावेशी होने की जरूरत है क्योंकि स्टार्टअप उद्योग के लिए क्षेत्र में विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए और ज्यादा अवसर खोलने में मदद करेंगे। इसी तरह, ईवी निर्माताओं ने जीएसटी इंवर्टेड स्ट्रक्चर के बारे में चिंताओं को उजागर किया है और इनपुट लागत पर टैक्स को कम करने का अनुरोध किया है।"
एथर एनर्जी के तरुण मेहता ने पीएलआई योजना पर मुंजाल की राय को दोहराया। उन्होंने कहा, "इस दृष्टिकोण में समावेशी होने की जरूरत है क्योंकि स्टार्टअप उद्योग के लिए क्षेत्र में विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए और ज्यादा अवसर खोलने में मदद करेंगे। इसी तरह, ईवी निर्माताओं ने जीएसटी इंवर्टेड स्ट्रक्चर के बारे में चिंताओं को उजागर किया है और इनपुट लागत पर टैक्स को कम करने का अनुरोध किया है।"
Hero Flash electric scooter
- फोटो : hero electric
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
भारत में ईवी की बिक्री बढ़ाने का एक अन्य महत्वपूर्ण कारक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना है। हालांकि कई निर्माताओं के पास अपना चार्जिंग नेटवर्क है, लेकिन उन्हें लगता है कि केंद्र को दूसरों को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहन की पेशकश करनी चाहिए।
मेहता ने कहा, "सभी मौजूदा और आगामी आवास परियोजनाओं और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की बेहद आवश्यकता है। इसके अलावा, मौजूदा आवासीय क्षेत्रों, आवास परिसरों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने को प्रोत्साहित करने से बुनियादी ढांचे की स्थापना में काफी मदद मिलेगी।"
भारत में ईवी की बिक्री बढ़ाने का एक अन्य महत्वपूर्ण कारक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना है। हालांकि कई निर्माताओं के पास अपना चार्जिंग नेटवर्क है, लेकिन उन्हें लगता है कि केंद्र को दूसरों को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहन की पेशकश करनी चाहिए।
मेहता ने कहा, "सभी मौजूदा और आगामी आवास परियोजनाओं और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने की बेहद आवश्यकता है। इसके अलावा, मौजूदा आवासीय क्षेत्रों, आवास परिसरों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने को प्रोत्साहित करने से बुनियादी ढांचे की स्थापना में काफी मदद मिलेगी।"
Simple One Electric Scooter
- फोटो : Simple Energy
Simple Energy
Simple Energy (सिंपल एनर्जी) के सीईओ और संस्थापक सुहास राजकुमार ने कहा, "चूंकि उपभोक्ता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सामान्य कमी के बारे में चिंतित हैं, इसलिए सरकार को इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है और इसे मुहैया कराना चाहिए। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने की सुविधा के लिए, हमें एक सहज ईवी बुनियादी ढांचे की जरूरत है जो बहुत ज्यादा सक्षम और कनेक्टेड, टिकाऊ और अधिक इंटेलिजेंट गतिशीलता परिदृश्य है।"
Simple Energy (सिंपल एनर्जी) के सीईओ और संस्थापक सुहास राजकुमार ने कहा, "चूंकि उपभोक्ता चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सामान्य कमी के बारे में चिंतित हैं, इसलिए सरकार को इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है और इसे मुहैया कराना चाहिए। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने की सुविधा के लिए, हमें एक सहज ईवी बुनियादी ढांचे की जरूरत है जो बहुत ज्यादा सक्षम और कनेक्टेड, टिकाऊ और अधिक इंटेलिजेंट गतिशीलता परिदृश्य है।"
Bounce Infinity Electric Scooter
- फोटो : Bounce
Bounce
Bounce (बाउंस) के सीईओ और सह-संस्थापक विवेकानंद हालेकेरे ने कहा, "चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीएसटी दरों को कम करने की जरूरत है, क्योंकि इस समय यह 18 प्रतिशत है।"
दोपहिया निर्माता ईवी की बिक्री बढ़ाने के लिए केंद्र से अधिक डिस्पोजेबल इनकम और अन्य उपायों की भी मांग करता है।
Bounce (बाउंस) के सीईओ और सह-संस्थापक विवेकानंद हालेकेरे ने कहा, "चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीएसटी दरों को कम करने की जरूरत है, क्योंकि इस समय यह 18 प्रतिशत है।"
दोपहिया निर्माता ईवी की बिक्री बढ़ाने के लिए केंद्र से अधिक डिस्पोजेबल इनकम और अन्य उपायों की भी मांग करता है।
Bajaj Chetak Electric Scooter
- फोटो : Bajaj Auto
Bajaj Auto
Bajaj Auto (बजाज ऑटो) के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि, "दोपहिया वाहन के दृष्टिकोण से, हमारे दो-तिहाई से ज्यादा ग्राहकों की औसत मासिक आय 50,000 रुपये से कम है और यह सेगमेंट पिछले दो वर्षों में काफी कमजोर हो गया है। डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाने और आबादी के इस वर्ग में विश्वास बढ़ाने के उपाय हमारे लिए मांग को बढ़ाएंगे।"
Bajaj Auto (बजाज ऑटो) के कार्यकारी निदेशक राकेश शर्मा ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कहा कि, "दोपहिया वाहन के दृष्टिकोण से, हमारे दो-तिहाई से ज्यादा ग्राहकों की औसत मासिक आय 50,000 रुपये से कम है और यह सेगमेंट पिछले दो वर्षों में काफी कमजोर हो गया है। डिस्पोजेबल इनकम बढ़ाने और आबादी के इस वर्ग में विश्वास बढ़ाने के उपाय हमारे लिए मांग को बढ़ाएंगे।"
Bounce Infinity Electric Scooter
- फोटो : Bounce
रेट्रोफिटिंग पर मिले छूट
हालेकेरे ने कहा, "हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि ICE बाइक को ईवी में बदलवाने के लिए फायदा दिया जाए। इस विकल्प के तहत पूंजीगत परिव्यय तुलनात्मक रूप से मामूली है और कंवर्जन लागत पर पूरी छूट ईवी अपनाने के लिए बहुत जरूरी प्रोत्साहन प्रदान करेगी।"
हालांकि इस बात पर बहुत बहस हुई है कि क्या केंद्र को इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क कम करने की जरूरत है, इस पर गहरी नजर होगी कि बजट 2022 क्या होगा। अमेरिका की दिग्गज ईवी निर्माता टेस्ला भारत में किसी भी कार को लॉन्च करने से पहले आयात शुल्क को कम करने के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रही है।
हालेकेरे ने कहा, "हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि ICE बाइक को ईवी में बदलवाने के लिए फायदा दिया जाए। इस विकल्प के तहत पूंजीगत परिव्यय तुलनात्मक रूप से मामूली है और कंवर्जन लागत पर पूरी छूट ईवी अपनाने के लिए बहुत जरूरी प्रोत्साहन प्रदान करेगी।"
हालांकि इस बात पर बहुत बहस हुई है कि क्या केंद्र को इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात शुल्क कम करने की जरूरत है, इस पर गहरी नजर होगी कि बजट 2022 क्या होगा। अमेरिका की दिग्गज ईवी निर्माता टेस्ला भारत में किसी भी कार को लॉन्च करने से पहले आयात शुल्क को कम करने के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रही है।
Greta Electric Scooters
- फोटो : Greta Electric Scooters
Greta Electric Scooters
Greta Electric Scooters (ग्रेटा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स) के फाउंडर राज मेहता ने भी सरकार से ऐसी ही उम्मदें लगाई हैं। उन्होंने कहा, "साल 2070 तक शून्य-उत्सर्जन के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को देखते हुए, ईवी ही आगे का रास्ता है। हम आगामी बजट में इस क्षेत्र के लिए और प्रोत्साहन की उम्मीद करते हैं। ईवी को उपभोक्ताओं के लिए पसंद का साधन बनाने के लिए सरकार से प्रोत्साहन की जरूरत है। यह टैक्स में छूट, उत्पादों पर सब्सिडी के लिहाज से दिए जा सकते हैं।"
मेहता का कहना है कि, "ईवी क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना की हालिया शुरूआत एक स्वागत योग्य कदम था। यह हमें बढ़ने और विकसित होने के लिए जरूरी नई टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने में FAME योजना का पूरक है। योजना में हाल ही में 115 ऑटोमोबाइल और ऑटोमोबाइल से संबंधित सहायक कंपनियों को शामिल करने से ईवी इकोसिस्टम में बढ़े हुए स्थानीयकरण और त्वरित निवेश का वादा किया गया है। यह हमारे विकास के लिए एक बहुत जरूरी सपोर्ट सिस्टम है। हालांकि मुझे अभी भी लगता है कि अधिक उद्यमियों को जोड़ने के लिए यहां सब्सिडी पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।"
Greta Electric Scooters (ग्रेटा इलेक्ट्रिक स्कूटर्स) के फाउंडर राज मेहता ने भी सरकार से ऐसी ही उम्मदें लगाई हैं। उन्होंने कहा, "साल 2070 तक शून्य-उत्सर्जन के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को देखते हुए, ईवी ही आगे का रास्ता है। हम आगामी बजट में इस क्षेत्र के लिए और प्रोत्साहन की उम्मीद करते हैं। ईवी को उपभोक्ताओं के लिए पसंद का साधन बनाने के लिए सरकार से प्रोत्साहन की जरूरत है। यह टैक्स में छूट, उत्पादों पर सब्सिडी के लिहाज से दिए जा सकते हैं।"
मेहता का कहना है कि, "ईवी क्षेत्र के लिए पीएलआई योजना की हालिया शुरूआत एक स्वागत योग्य कदम था। यह हमें बढ़ने और विकसित होने के लिए जरूरी नई टेक्नोलॉजी को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने में FAME योजना का पूरक है। योजना में हाल ही में 115 ऑटोमोबाइल और ऑटोमोबाइल से संबंधित सहायक कंपनियों को शामिल करने से ईवी इकोसिस्टम में बढ़े हुए स्थानीयकरण और त्वरित निवेश का वादा किया गया है। यह हमारे विकास के लिए एक बहुत जरूरी सपोर्ट सिस्टम है। हालांकि मुझे अभी भी लगता है कि अधिक उद्यमियों को जोड़ने के लिए यहां सब्सिडी पर फिर से विचार किया जाना चाहिए।"