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Traffic Violations: बंगलूरू-मैसूर हाईवे पर लगे हैं 22 कैमरे, 28 दिनों में दर्ज हुए 74,915 ट्रैफिक उल्लंघन
Sat, 01 Jun 2024 07:33 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 01 Jun 2024 07:33 PM IST
सार
बंगलूरू-मैसूर नेशनल हाईवे पर हर घंटे 100 से ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए गए। पिछले 28 दिनों में, 118 किलोमीटर के दोनों ओर लगाए गए 22 कैमरों द्वारा कुल 74,915 ट्रैफिक उल्लंघन पकड़े गए।
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Bengaluru-Mysuru National Highway
- फोटो : X/@nitin_gadkari
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विस्तार
बंगलूरू-मैसूर नेशनल हाईवे पर हर घंटे 100 से ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए गए। पिछले 28 दिनों में, 118 किलोमीटर के दोनों ओर लगाए गए 22 कैमरों द्वारा कुल 74,915 ट्रैफिक उल्लंघन पकड़े गए। ड्राइवरों और सह-यात्रियों के सीट बेल्ट नहीं पहनने के लिए सबसे ज्यादा उल्लंघन दर्ज किए गए, जिनकी संख्या 57,057 थी। इसके बाद 10,945 तेज रफ्तार के मामले, 6,046 लेन उल्लंघन के मामले और गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के 494 मामले सामने आए।
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एनएच-275 पर दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी और ट्रैफिक उल्लंघन को रोकने के लिए, पुलिस ने प्रत्येक दिशा में छह स्थानों पर एआई-आधारित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे लगाए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने भी प्रत्येक दिशा में पांच अन्य जगहों पर वीडियो कैमरे लगाए हैं और गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित की है। ये हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे ट्रैफिक उल्लंघन को रिकॉर्ड कर सकते हैं।
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कैमरों के बावजूद, हाईवे पर आने-जाने वाले लोग नियम तोड़ते रहते हैं और गति सीमा पार करते रहते हैं, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात और सड़क सुरक्षा) आलोक कुमार ने कहा कि सिर्फ 28 दिनों में 74,000 से अधिक अपराधों की रिकॉर्डिंग सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों की लापरवाही को दिखाती है। जो अपने और दूसरों के जीवन के लिए खतरा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पर दुर्घटना दर में थोड़ी कमी आई है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात और सड़क सुरक्षा) आलोक कुमार ने कहा कि सिर्फ 28 दिनों में 74,000 से अधिक अपराधों की रिकॉर्डिंग सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों की लापरवाही को दिखाती है। जो अपने और दूसरों के जीवन के लिए खतरा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पर दुर्घटना दर में थोड़ी कमी आई है।
कार चालक सीट बेल्ट नहीं पहनने, तेज रफ्तार और लेन उल्लंघन के लिए सबसे ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघनकर्ता थे। उसके बाद केएसआरटीसी और निजी बसों सहित भारी मालवाहक वाहन थे। सभी उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे। कैमरे रात के समय किए गए ट्रैफिक उल्लंघन को भी कैद करते हैं, जैसे कि ड्राइवरों द्वारा सीट बेल्ट नहीं पहनना।
कुमार ने कहा कि कुछ ही दिनों में, उल्लंघन के बाद चालकों के फोन पर रीयल-टाइम सूचनाएं भेजी जाएंगी, जिससे उन्हें उल्लंघन के बारे में पता चलेगा। उन्होंने कहा कि उल्लंघनकर्ताओं के वाहन टोल से बाहर निकलते समय उनके फास्टैग खाते से तुरंत जुर्माना काट लिया जाना चाहिए। एडीजीपी का मानना है कि "यह व्यवस्था हाईवे पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को कम कर सकती है।"