{"_id":"652ab5f6e3c1a5c66b0ca7dc","slug":"autorickshaw-taxi-drivers-unions-protest-against-mp-tejasvi-surya-for-supporting-carpooling-in-bengaluru-2023-10-14","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Carpooling: कारपूलिंग पर सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान पर बवाल, ऑटो-कैब चालक संघों ने किया विरोध प्रदर्शन","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Carpooling: कारपूलिंग पर सांसद तेजस्वी सूर्या के बयान पर बवाल, ऑटो-कैब चालक संघों ने किया विरोध प्रदर्शन
Sat, 14 Oct 2023 09:08 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 14 Oct 2023 09:08 PM IST
विज्ञापन
Tejasvi Surya, Cab driver unions protest in Bengaluru
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगलूरु दक्षिण सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा बंगलूरु में कारपूलिंग का समर्थन करने के विरोध में ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों ने सांसद सूर्या के कार्यालय के सामने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया।
सांसद ने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य सरकार से कारपूलिंग की सुविधा के लिए नियमों में बदलाव लाने को कहा, जिससे यातायात को कम करने में मदद मिले। हालांकि, सूर्या का रुख टैक्सी और ऑटो यूनियनों को पसंद नहीं आया है।
कर्नाटक स्टेट ट्रैवल ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्ण होल्ला ने कहा कि सांसद का रुख पारंपरिक टैक्सी ऑपरेटर के खिलाफ है जो परमिट लेता है, टैक्स का भुगतान करता है, बीमा और अन्य खर्चों को उठाता है। उन्होंने कहा, "हम सरकारी नियमों का पालन कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर 2.5 लाख से ज्यादा मोटर कैब, मैक्सीकैब और कंपनियों के कर्मचारियों को ले जाने वाले वाहन हैं। यदि आप सभी को यात्रियों को ले जाने के लिए अपनी निजी कारों का इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं, तो ये ड्राइवर अपना व्यवसाय कैसे चला सकते हैं? सांसद का रुख भ्रामक है और ड्राइवरों के खिलाफ जाता है।"
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सांसद के इस्तीफे की मांग करते हुए तख्तियां लहराईं। विरोध के समय सूर्या अपने कार्यालय में नहीं थे।
विज्ञापन
सांसद ने हाल ही में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य सरकार से कारपूलिंग की सुविधा के लिए नियमों में बदलाव लाने को कहा, जिससे यातायात को कम करने में मदद मिले। हालांकि, सूर्या का रुख टैक्सी और ऑटो यूनियनों को पसंद नहीं आया है।
विज्ञापन
कर्नाटक स्टेट ट्रैवल ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्ण होल्ला ने कहा कि सांसद का रुख पारंपरिक टैक्सी ऑपरेटर के खिलाफ है जो परमिट लेता है, टैक्स का भुगतान करता है, बीमा और अन्य खर्चों को उठाता है। उन्होंने कहा, "हम सरकारी नियमों का पालन कर रहे हैं। शहर की सड़कों पर 2.5 लाख से ज्यादा मोटर कैब, मैक्सीकैब और कंपनियों के कर्मचारियों को ले जाने वाले वाहन हैं। यदि आप सभी को यात्रियों को ले जाने के लिए अपनी निजी कारों का इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं, तो ये ड्राइवर अपना व्यवसाय कैसे चला सकते हैं? सांसद का रुख भ्रामक है और ड्राइवरों के खिलाफ जाता है।"
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने सांसद के इस्तीफे की मांग करते हुए तख्तियां लहराईं। विरोध के समय सूर्या अपने कार्यालय में नहीं थे।
ऑटोवालों की हड़ताल
- फोटो : For Reference Only
किया जा चुका है बंगलूरु बंद
गौरतलब है कि टैक्सी और ऑटो एसोसिएश की ओर से कारपूलिंग एप के संचालन को बंद करने की मांग हो रही है। एसोसिएशन का कहना है कि कारपूलिंग एप का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। ऑटोरिक्शा चालक संघ के साथ टैक्सी संघों ने बंगलूरु बंद का आयोजन किया था और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में से एक बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
जिसके बाद राज्य के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को सोशल मीडिया पर कहना पड़ा कि राज्य में कारपूलिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि रेड्डी ने यह साफ किया कि इन्हें कानूनी रूप से संचालित करने के लिए जरूरी अनुमति लेना जरूरी है।
रेड्डी ने ट्वीट किया, "कारपूलिंग पर प्रतिबंध नहीं है, यह झूठी खबर है। पहले, उन्हें अनुमति लेने दीजिए। जब उन्होंने अनुमति नहीं ली है तो प्रतिबंध लगाने का सवाल कहां है? सभी को नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए। यह अवैध है। कारपूलिंग उद्देश्यों के लिए सफेद नंबर प्लेट वाले गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों का इस्तेमाल करें। उचित दिशानिर्देशों का पालन करके पीले नंबर प्लेट वाले वाणिज्यिक वाहनों का उपयोग कारपूलिंग के लिए किया जा सकता है।"
गौरतलब है कि टैक्सी और ऑटो एसोसिएश की ओर से कारपूलिंग एप के संचालन को बंद करने की मांग हो रही है। एसोसिएशन का कहना है कि कारपूलिंग एप का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। ऑटोरिक्शा चालक संघ के साथ टैक्सी संघों ने बंगलूरु बंद का आयोजन किया था और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। ऑटोरिक्शा चालकों द्वारा रखी गई प्रमुख मांगों में से एक बाइक टैक्सियों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।
जिसके बाद राज्य के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी को सोशल मीडिया पर कहना पड़ा कि राज्य में कारपूलिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि रेड्डी ने यह साफ किया कि इन्हें कानूनी रूप से संचालित करने के लिए जरूरी अनुमति लेना जरूरी है।
रेड्डी ने ट्वीट किया, "कारपूलिंग पर प्रतिबंध नहीं है, यह झूठी खबर है। पहले, उन्हें अनुमति लेने दीजिए। जब उन्होंने अनुमति नहीं ली है तो प्रतिबंध लगाने का सवाल कहां है? सभी को नियमों और विनियमों का पालन करना चाहिए। यह अवैध है। कारपूलिंग उद्देश्यों के लिए सफेद नंबर प्लेट वाले गैर-व्यावसायिक निजी वाहनों का इस्तेमाल करें। उचित दिशानिर्देशों का पालन करके पीले नंबर प्लेट वाले वाणिज्यिक वाहनों का उपयोग कारपूलिंग के लिए किया जा सकता है।"
Carpooling
- फोटो : For Reference Only
क्यों हो रहा है विवाद
बंगलूरु में ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए कारपूलिंग को भी एक समाधान माना जाता है। शहर की सड़कों पर पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए लोग कारपूलिंग करते हैं। टेक कंपनियों के कर्मचारी दफ्तर जाने के लिए कारपूलिंग सर्विस का खूब इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में टैक्सी एसोसिएशनों ने चिंता जताई थी कि कारपूलिंग सर्विस उनके रोजाना के आय को प्रभावित कर रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार कारपूलिंग एप पर प्रतिबंध लगाए और उनकी समस्याओं का समाधान करे।
बंगलूरु में ट्रैफिक की समस्या के समाधान के लिए कारपूलिंग को भी एक समाधान माना जाता है। शहर की सड़कों पर पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए लोग कारपूलिंग करते हैं। टेक कंपनियों के कर्मचारी दफ्तर जाने के लिए कारपूलिंग सर्विस का खूब इस्तेमाल करते हैं। हाल ही में टैक्सी एसोसिएशनों ने चिंता जताई थी कि कारपूलिंग सर्विस उनके रोजाना के आय को प्रभावित कर रही है। एसोसिएशन ने मांग की है कि सरकार कारपूलिंग एप पर प्रतिबंध लगाए और उनकी समस्याओं का समाधान करे।