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10 Year Old Diesel Vehicles: 10 साल पुराने डीजल वाहन का क्या करें, दिल्ली सरकार का तोहफा, देश में इस तरह का पहला कदम
Sat, 20 Nov 2021 12:48 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 20 Nov 2021 12:48 PM IST
सार
यहि आप किसी 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी के मालिक हैं तो यह खबर आपको राहत पहुंचाने वाली है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 10 साल पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने का रास्ता साफ कर दिया है। जो देश में इस तरह का पहला कदम होगा।
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10 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन
- फोटो : राजन राय
विस्तार
10 Year Old Diesel Vehicles News in Delhi : यहि आप किसी 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी के मालिक हैं तो यह खबर आपको राहत पहुंचाने वाली है। आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 10 साल पुराने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने का रास्ता साफ कर दिया है। जो देश में इस तरह का पहला कदम होगा।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहला इसने पुराने डीजल वाहनों को ईवी में बदलने की इजाजद दे दी है ताकि उन्हें 10 साल बाद भी दिल्ली-एनसीआर में चलाया जा सके। और दूसरा, इलेक्ट्रिक-लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (ई-एलसीवी) को अब टाइम स्पेसिफिक (तय समय पर) मार्ग प्रतिबंधों और आइडल पार्किंग पर प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। इस समय दिल्ली में आइडल पार्किंग प्रतिबंध प्रदूषण को कम करने और शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए सभी गुड्स व्हीकल (माल वाहनों) पर लागू होते हैं।
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दिल्ली सरकार ने राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की संख्या बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहला इसने पुराने डीजल वाहनों को ईवी में बदलने की इजाजद दे दी है ताकि उन्हें 10 साल बाद भी दिल्ली-एनसीआर में चलाया जा सके। और दूसरा, इलेक्ट्रिक-लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (ई-एलसीवी) को अब टाइम स्पेसिफिक (तय समय पर) मार्ग प्रतिबंधों और आइडल पार्किंग पर प्रतिबंध से छूट दी जाएगी। इस समय दिल्ली में आइडल पार्किंग प्रतिबंध प्रदूषण को कम करने और शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए सभी गुड्स व्हीकल (माल वाहनों) पर लागू होते हैं।
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प्रदूषण पर लगेगी लगाम
लाइट कमर्शियल व्हीकल्स
- फोटो : Maruti Suzuki (For Reference Only)
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी दिल्ली सरकार के फैसले के मुताबिक इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि, नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के साथ कई दौर की चर्चा हुई और आखिरकार, अब इसे अधिसूचित कर दिया गया है।
ईवी को मिलेगा बढ़ावा
गहलोत ने बताया, "L5N श्रेणी के तिपहिया माल वाहक और N1 श्रेणी के माल वाहक जिनका ग्रॉस व्हीकल वेट (सकल वाहन भार) 3.5 टन से ज्यादा नहीं है, उन्हें अब किसी भी समय दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति होगी। पिछले साल अगस्त में दिल्ली ईवी नीति की शुरुआत के बाद से, ई-एलसीवी की सिर्फ 46 यूनिट्स की बिक्री बढ़कर 1,054 यूनिट्स हो गई है, जो पंजीकरण के मामले में 95.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हमें उम्मीद है कि इस फैसले से दिल्ली में सभी श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा मिलेगा।"
व्यस्त समय के दौरान भीड़भाड़ और बढ़ते वाहनों के प्रदूषण के कारण, "नो एंट्री" समय के दौरान दिल्ली में 250 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर कमर्शियल (वाणिज्यिक) वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है। इन सड़कों पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक लाइट कमर्शियल व्हीकल्स प्रतिबंधित हैं।
ईवी को मिलेगा बढ़ावा
गहलोत ने बताया, "L5N श्रेणी के तिपहिया माल वाहक और N1 श्रेणी के माल वाहक जिनका ग्रॉस व्हीकल वेट (सकल वाहन भार) 3.5 टन से ज्यादा नहीं है, उन्हें अब किसी भी समय दिल्ली की सड़कों पर चलने की अनुमति होगी। पिछले साल अगस्त में दिल्ली ईवी नीति की शुरुआत के बाद से, ई-एलसीवी की सिर्फ 46 यूनिट्स की बिक्री बढ़कर 1,054 यूनिट्स हो गई है, जो पंजीकरण के मामले में 95.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। हमें उम्मीद है कि इस फैसले से दिल्ली में सभी श्रेणियों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने को बढ़ावा मिलेगा।"
व्यस्त समय के दौरान भीड़भाड़ और बढ़ते वाहनों के प्रदूषण के कारण, "नो एंट्री" समय के दौरान दिल्ली में 250 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर कमर्शियल (वाणिज्यिक) वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है। इन सड़कों पर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक लाइट कमर्शियल व्हीकल्स प्रतिबंधित हैं।
पुराने वाहन इलेक्ट्रिक में बदलेंगे
इलेक्ट्रिक वाहन
- फोटो : For Reference Only
डीजल वाहनों में होगी रेट्रोफिटिंग
गहलोत ने यह भी घोषणा की है कि दिल्ली सरकार शहर में डीजल वाहनों की रेट्रोफिटिंग की इजाजत देने जा रही है, जो देश में इस तरह का पहला कदम होगा। इस फैसले से 10 साल की निर्धारित समय अवधि के बाद भी डीजल वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
गहलोत ने कहा, "दिल्ली अब इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) की इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग के लिए तैयार है। डीजल वाहन, यदि फिट पाए जाते हैं, तो उन्हें अब रेट्रोफिटिंग द्वारा ईवी में बदला जा सकता है। परिवहन विभाग जल्द ही अनुमोदित परीक्षण एजेंसियों द्वारा शुद्ध इलेक्ट्रिक किट के निर्माताओं को सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) करेगा, जिससे डीजल वाहन यहां 10 साल से ज्यादा समय तक चलते रहें।"
गहलोत ने यह भी घोषणा की है कि दिल्ली सरकार शहर में डीजल वाहनों की रेट्रोफिटिंग की इजाजत देने जा रही है, जो देश में इस तरह का पहला कदम होगा। इस फैसले से 10 साल की निर्धारित समय अवधि के बाद भी डीजल वाहनों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
गहलोत ने कहा, "दिल्ली अब इंटरनल कंब्शन इंजन (ICE) की इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग के लिए तैयार है। डीजल वाहन, यदि फिट पाए जाते हैं, तो उन्हें अब रेट्रोफिटिंग द्वारा ईवी में बदला जा सकता है। परिवहन विभाग जल्द ही अनुमोदित परीक्षण एजेंसियों द्वारा शुद्ध इलेक्ट्रिक किट के निर्माताओं को सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) करेगा, जिससे डीजल वाहन यहां 10 साल से ज्यादा समय तक चलते रहें।"
नहीं चल सकते ये वाहन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : For Reference Only
कोर्ट का आदेश
साल 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, 10 साल से ज्यादा पुराने रजिस्टर्ड डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन सहित कोई भी वाहन दिल्ली-एनसीआर में नहीं चलाए जा सकते हैं।
साल 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, 10 साल से ज्यादा पुराने रजिस्टर्ड डीजल वाहन और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहन सहित कोई भी वाहन दिल्ली-एनसीआर में नहीं चलाए जा सकते हैं।
इतने वाहनों को होगा फायदा
10 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन
- फोटो : शुभम बंसल
पुराने वाहन कितने हैं
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा अब तक कम से कम 100,000 ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेश रद्द किया जा चुका है। यह संख्या बहुत कम है क्योंकि दिल्ली में 38 लाख पुराने वाहन हैं जो तकनीकी रूप से शहर की सड़कों पर नहीं चल सकते हैं। इन 38 लाख में से 35 लाख पेट्रोल वाहन हैं जो 15 साल या उससे अधिक पुराने हैं और लगभग 3 लाख डीजल वाहन हैं जो 10 साल या उससे अधिक पुराने हैं।
दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा अब तक कम से कम 100,000 ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेश रद्द किया जा चुका है। यह संख्या बहुत कम है क्योंकि दिल्ली में 38 लाख पुराने वाहन हैं जो तकनीकी रूप से शहर की सड़कों पर नहीं चल सकते हैं। इन 38 लाख में से 35 लाख पेट्रोल वाहन हैं जो 15 साल या उससे अधिक पुराने हैं और लगभग 3 लाख डीजल वाहन हैं जो 10 साल या उससे अधिक पुराने हैं।
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