Uber की बिना ड्राइवर वाली कारों के भविष्य पर उठे सवाल, पैदल यात्रियों को नहीं पहचान पाता सॉफ्टवेयर
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पिछले साल कैब एग्रीगेटर ऊबर की एक सेल्फ ड्राइविंग कार का एक्सीसेंडट हुआ था जिसमें कार ने एक पैदल चलते यात्री को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर के बाद सेल्फ ड्राइविंग कारों के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। वहीं अब अमेरिकी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में एक नया खुलासा हुआ है।
मार्च 2018 में हुआ था हादसा
रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2018 को घटित ऊबर की सेल्फ ड्राइविंग कार के सॉफ्टवेयर में कमी पाई गई है। यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की तरफ से जारी 400 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि 49 वर्षीय एलेना हर्जबर्ग की उस समय हादसे में मौत हो गई थी, जब एरिजोना के टेंपे इलाके में रात में साइकिल से सड़क पार कर रही थीं।
5.6 सेकंड पहले दिया था संकेत
रिपोर्ट में बताया गया है कि ऊबर के सॉफ्टवेयर में खामियां थी, जिसके चलते हादसा हुआ। सॉफ्टवेयर में सबसे बड़ी खामी यह थी कि उसे इस तरह से डिजाइन नहीं किया गया था कि वह ट्रैफिक के दौरान सड़क पार कर रहे लोगों की पहचान कर सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हीकल के रेंडार सेंसर ने घटना से 5.6 सेकंड पहले लेन में घुसने से हर्जबर्ग को देख लिया था, लेकिन सिस्टम ने आखिरी वक्त में व्हीकल की क्लासिफिकेशन बदल दी, और यह भांपने में विफल रही कि वह टेस्ट एसयूवी के रास्ते को आ जाएगी।
हादसे के दौरान कार में था ड्राइवर
ऊबर की सेल्फ ड्राइविंग टेक्नोलॉजी की असफलता से यह साबित हो गया है कि सॉफ्टवेयर को इस मुताबिक डिजाइन ही नहीं किया गया कि मनुष्य कैसे काम करते हैं। हवाई जहाजों और बड़े ट्रक हादसों की जांच करने वाली अमेरिका की स्वतंत्र एजेंसी एनटीएसबी ने इस हादसे की लगभग 20 महीनों तक जांच की। हादसे दौरान एक ड्राइवर कार को ऑपरेशन और सॉफ्टवेयर को मॉनिटर कर रहा था। इसके अलावा कंपनी ने कार में बिल्ट-इन वॉल्वो ब्रेकिंग सिस्टम को बंद कर दिया था, जो कार हिट होने से पहले ही उसकी स्पीड को कम कर देता था।