एलन मस्क बोले, ज्यादा इंपोर्ट ड्यूटी से भारतीय नहीं खरीद पाएंगे Tesla की इलेक्ट्रिक कारें
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क हमेशा से ही टेस्ला इलेक्ट्रिक कारों की भारत में लॉन्चिंग की बात करते हैं। हाल में आईआईटी मद्रास के छात्रों के साथ एक संवाद में उन्होंने कहा था कि वे 2020 में भारत में कारें लॉन्च करेंगे। अब मस्क का कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी ज्यादा होने से टेस्ला की इलेक्ट्रिक कारें लोगों की पहुंच से बाहर रहेंगी।
ट्वीट पर दिया जवाब
हालांकि टेस्ला के सीईओ अकसर अपनी कंपनी की उपलब्धियों के बारे में ट्विटर पर बताते रहते हैं। लेकिन जब किसी ने उनसे सवाल पूछा कि टेस्ला भारत में कब एंट्री करेगी, तो एलन मस्क का जवाब था कि मुझे बताया गया है कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी बहुत ज्यादा है, जो 100 फीसदी तक है। इसके चलते हमारी कारें बेहद महंगी हो जाएंगी और लोगों की पहुंच से बाहर होंगी।
I’m told import duties are extremely high (up to 100%), even for electric cars. This would make our cars unaffordable.विज्ञापन विज्ञापन— E (@elonmusk) August 1, 2019
एंट्री लेवल कार मॉडल 3
टेस्ला इलेक्ट्रिक व्हीकल फिलहाल मॉडल 3, मॉडल एस और मॉडल एक्स बना रही है। वहीं टेस्ला की एंट्री लेवल कार मॉडल 3 है, जो तीन ट्रिम्स स्टैंडर्ड प्लस, लॉन्ग रेंज और परफॉरमेंस में मिलती है। इनमें स्टैंडर्ड प्लस की कीमत 38,990 डॉलर, लॉन्ग रेंज की कीमत 47,990 डॉलर और परफॉरमेंस की कीमत 54,990 डॉलर है।
क्रेश टेस्ट में पांच स्टार रेटिंग
ANCAP सेफ्टी रेटिंग में मॉडल 3 को पांच स्टार रेटिंग मिली है, जबकि यूरो NCAP क्रेश टेस्ट में भी इसे फाइव स्टार रेटिंग मिली है। वहीं एक दूसरे ट्वीट में मस्क ने कहा कि वे अन्य देशों के लिए वहां की स्थानीय फैक्टरी के जरिए पहले ही कारें बना कर हिस्सों में भुगतान करते हैं, जिससे मांग के बारे में भी पता चलता है। लेकिन भारत में मौजूदा नियम ऐसा करने से रोकते हैं, लेकिन हाल में सेल्स टैक्स में हुए बदलावों से कुछ उम्मीद जगी है।
Yes Elon. For car over $40k, import is 100%. For less than $40k, its 60%. So won't make sense. But having a small vehicle assembly plant can help. Import just 10-15%. And govt recently reduced GST on EV from 12% to 5% and on chargers also from 18% to 5%.— Tesla Club India (@TeslaClubIN) August 1, 2019
टेस्ला के शुरुआती मॉडल की कीमत 20 से 25 लाख के बीच
हालांकि ज्यादा टैक्स ड्यूटी के चलते फिलहाल टेस्ला कारों के भारत में आने पर संशय है। खबरों के मुताबिक अगर किसी कार की कीमत 27 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उस पर 100 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं इससे कम कीमत वाली कारों पर 60 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगेगी। टेस्ला के सबसे शुरुआती मॉडल की कीमत तकरीबन 20 से 25 लाख के बीच है, वहीं 60 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी लगने के बाद भारत में इसकी कीमत आसमान को छुएंगी।
इनकम टैक्स में 1.5 लाख तक की छूट
भारत सरकार की भी कोशिश है कि देश को इलेक्ट्रिक कारों का हब बनाया जाए। इसके लिए सरकार ने बजट में इलेक्ट्रिक कार पर लिए लोन के ब्याज पर इनकम टैक्स में 1.5 लाख तक की छूट देने का एलान किया है। साथ ही, हाल ही में सपंन्न हुई जीएसटी की बैठक में सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी रेट 12 फीसदी से घटा कर 5 फीसदी भी किया है, जिसका एलान वित्त मंत्री ने बजट में किया था।