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अगले महीने आ रही इलेक्ट्रिक Tata Tigor, सरकार ने दिया 10 हजार गाड़ियों का ऑर्डर
amarujala.com, Presented by: विशाल अहलावत
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:19 AM IST
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टाटा टिगोर एक्सएम के पेट्रोल वर्जन की कीमत 4.99 लाख रुपए है
टाटा मोटर्स अपनी कॉम्पेक्ट सेडान कार Tigor का इलेक्ट्रॉनिक वैरिएंट ला रही है। इसके लिए सरकार ने कंपनी को 10 हजार कारों का ऑर्डर दिया है। कार का प्रोडक्शन गुजरात स्थित साणंद प्लांट में शुरू होने जा रहा है। यह कारें सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के कर्मचारियों को दी जाएंगी। EESL की ओर से टाटा मोटर्स को 1120 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है।
पढ़ें: कार के टायर में रखें इतनी हवा, दुर्घटना का खतरा कम और माइलेज भी मिलेगा बढ़िया
ऑनलाइन मीडिया सूत्रों के मुताबिक, कार का प्रोडक्शन साणंद प्लांट में होना है। हालांकि कंपनी की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इस प्लांट में सामान्य टिगोर, हैचबैक कार टियागो और सबसे सस्ती कार नैनो का प्रोडक्शन किया जाता है। प्लांट की सालाना क्षमता 2.5 लाख यूनिट है।
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ऑनलाइन मीडिया सूत्रों के मुताबिक, कार का प्रोडक्शन साणंद प्लांट में होना है। हालांकि कंपनी की ओर से इस बात की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल इस प्लांट में सामान्य टिगोर, हैचबैक कार टियागो और सबसे सस्ती कार नैनो का प्रोडक्शन किया जाता है। प्लांट की सालाना क्षमता 2.5 लाख यूनिट है।
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दो फेज में होगी सप्लाई
टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक टिगोरा की सप्लाई दो फेज में करेगी। पहले फेज में अगले महीने यानी नवंबर तक 500 ई-कारों की सप्लाई की जाएगी, जबकी बची हुई 9500 इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को दूसरे फेज में दिया जाएगा। इन सभी 10 हजार कारों को 9 महीने के भीतर डिलीवर कर दिया जाएगा। EESL के मुताबिक, टाटा मोटर्स ने इन कारों की न्यूनतम कीमत 10.16 लाख रुपए रखी है। हालांकि इसमें जीएसटी टैक्स शामिल नहीं है।
इन कारों की वारंटी 5 साल की होगी। इन कारों का इस्तेमाल मंत्रालयों और सरकारी विभाग के कर्मचारी ही कर पाएंगे। कार को सीधे EESL से खरीदा जा सकेगा या लीज पर ले सकेंगे। टाटा मोटर्स को इंटरनेशनल कॉम्पीटिटव बिडिंग के जरिए चुना गया है जिसका मकसद भागीदारी को बढ़ाना है। बोली लगाने वाली कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और निसान भी शामिल थीं।
इन कारों की वारंटी 5 साल की होगी। इन कारों का इस्तेमाल मंत्रालयों और सरकारी विभाग के कर्मचारी ही कर पाएंगे। कार को सीधे EESL से खरीदा जा सकेगा या लीज पर ले सकेंगे। टाटा मोटर्स को इंटरनेशनल कॉम्पीटिटव बिडिंग के जरिए चुना गया है जिसका मकसद भागीदारी को बढ़ाना है। बोली लगाने वाली कंपनियों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) और निसान भी शामिल थीं।