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फ्यूल सेल बस: टाटा मोटर्स को इंडियन ऑयल से मिला हाइड्रोजन-बेस्ड 15 बसों का ऑर्डर
Wed, 30 Jun 2021 04:18 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 30 Jun 2021 04:18 PM IST
सार
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के टेंडर के लिए एक कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद टाटा मोटर्स को विजेता चुना गया। टाटा मोटर्स ने कहा है कि वह सभी 15 बसों को सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर की तारीख से 144 सप्ताह के भीतर सौंप देगा।
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Hydrogen fuel bus
- फोटो : Utility Center (For Representation only)
विस्तार
टाटा मोटर्स ने बुधवार को कहा कि उसे इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) से 15 हाइड्रोजन ईंधन आधारित बसों का ऑर्डर मिला है। टाटा मोटर्स भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल ऑटोमोबाइल कंपनी है जो बस उत्पादन के क्षेत्र में सबसे आगे है। टाटा मोटर्स ने कहा कि आईओसीएल ने दिसंबर 2020 में हाइड्रोजन आधारित प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन (पीईएम) ईंधन सेल बसों की आपूर्ति के लिए निविदा आमंत्रित की थीं। एक कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद टाटा मोटर्स को विजेता चुना गया। कंपनी ने एक बयान में कहा कि सभी 15 बसों को सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर की तारीख से 144 सप्ताह के भीतर सौंप दिया जाएगा।
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टाटा मोटर्स ने कहा कि बसों की आपूर्ति के अलावा वह वाणिज्यिक वाहनों के लिए ईंधन सेल प्रौद्योगिकी की क्षमता का अध्ययन करने के लिए आईओसीएल के अनुसंधान और विकास केंद्र के साथ भी सहयोग करेगा। इसके लिए, दोनों संस्थाएं दिल्ली–एनसीआर में वास्तविक संसार की स्थितियों में सार्वजनिक परिवहन के लिये इन बसों का परीक्षण, रख-रखाव और संचालन करेंगी। इन बसों को आईओसीएल द्वारा बनाई गई और वितरित की जाने वाली हाइड्रोजन से रिफ्यूल किया जाएगा।
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इंडियन ऑयल के चेयरमैन एस एम वैद्य ने कहा, "इंडियन ऑयल परिवहन समेत विभिन्न अनुप्रयोगों के लिये हाइड्रोजन इकोनॉमी में आगे बढ़ने के लिये राष्ट्रीय प्रयासों का अग्रणी रहा है। देश में इस तरह की यह पहली परियोजना देश के सबसे बड़े ईंधन आपूर्तिकर्ता और सबसे बड़े वाणिज्यिक वाहन उत्पादक को हाइड्रोजन और फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी को अगले स्तर पर पहुंचाने के लिए है। यह पहल इंडियन ऑयल के अन्य विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों के लिए भी अहम होगा, जो देश के विभिन्न प्रसिद्ध मार्गों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर हाइड्रोजन-आधारित परिवहन लाने का प्रस्ताव देते हैं। यह भविष्यगामी कदम हाइड्रोजन को असली नेट-जीरो फ्यूल बनाने के लिये सही दिशा में बढ़ रहे हैं।"
इस मौके पर टाटा मोटर्स की कमर्शियल व्हीकल बिजनेस यूनिट के प्रेसिडेंट गिरीश वाघ ने कहा, "हम आईओसीएल का यह प्रतिष्ठित टेंडर जीतकर खुश हैं, क्योंकि यह ज्यादा स्वच्छ और हरित सार्वजनिक परिवहन के लिए भविष्य के लिए तैयार टेक्नोलॉजी पेश करने की टाटा मोटर्स की समृद्ध विरासत से जुड़ा है। हमने एफएएमई 1 के अंतर्गत 215 ईवी बसों की सफलतापूर्वक आपूर्ति की है और एफएएमई 2 के अंतर्गत 600 ईवी बसों के ऑर्डर पाए हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी सम्मानित कंपनी से पीईएम फ्यूल सेल बसों की आपूर्ति का यह ऑर्डर मिलना भारत में परिवहन के भविष्य को बदलने के लिए भारत पर केंद्रित वैकल्पिक स्थायित्वपूर्ण ईंधनों को विकसित करने के हमारे मौजूदा प्रयासों को प्रोत्साहित करता है।"
इंडियन ऑयल के डायरेक्टर (शोध एवं विकास), डॉ. एसएसवी रामाकुमार ने टाटा मोटर्स लिमिटेड को बधाई देते हुए कहा कि इंडियन ऑयल के शोध एवं विकास दल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मजबूत सहयोग से इस संयुक्त विकासपरक और प्रदर्शन कार्यक्रम की कल्पना, योजना और निष्पादन के लिए कड़ी मेहनत की है। अत्याधुनिक शोध एवं विकास के माध्यम से इंडियन ऑयल भारत में हाइड्रोजन एनर्जी की उत्पादन एवं आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती देने के लिए प्रतिबद्ध है। हम फ्यूल सेल रिसर्च के लिये टाटा मोटर्स के साथ मिलकर काम करने के अलावा 4 खोजपरक तरीकों पर आधारित प्रतिदिन लगभग 1 टन हाइड्रोजन का उत्पादन करने वाले प्रायोगिक संयंत्रों की स्थापना करेंगे।