Helmet अब बीआईएस स्टैंडर्ड के साथ, स्टीलबर्ड ने जारी किया फरमान
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स्टीलबर्ड हाई-टेक इंडिया, एशिया की सबसे बड़ी हेलमेट निर्माता, ने घोषणा की है कि वह अपने उत्पादों और सुविधाओं के लिए सर्टीफिकेशंस और अनुमतियां आदि प्राप्त करने वाला ऐसा पहला हेलमेट ब्रांड बन गया है जो कि हेलमेटस के लिए नए बीआईएस स्टैंडर्ड जैसे कि आईएस 4151ः 2015 को पूरा करता है।
स्टीलबर्ड भारत की पहली कंपनी है जो समय से आगे है और पहले से ही 15 जनवरी 2019 से लागू होने वाले नए मानक की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी निर्माण सुविधाओं, प्रयोगशालाओं और डिजाइनों को अपग्रेड कर चुकी है। इसने पूर्वनिर्धारित प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिए हैं और स्टीलबर्ड के सभी हेलमेटस नए दिशानिर्देशों के अनुसार बनाए जा रहे हैं।
नया हेलमेट मानक आईएस 4151ः 2015 मौजूदा आईएस 4151ः 1993 को बदल देगा। सुरक्षा स्तरों में सुधार और खराब गुणवत्ता वाले हेलमेट की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए यह एक स्वागत योग्य कदम है। नए मानकों के तहत, हेलमेट निर्माताओं को हेलमेट के चार भागों के बारे में बहुत ध्यान रखना पड़ता है जो कि खोल, एक्सपेंडेड पॉलीस्टाइनिन (ईपीएस), चिन स्ट्रैप्स और वाइजर हैं।
परिवहन मंत्रालय ने यह भी घोषणा की है कि अब गैर-आईएसआई मानक हेलमेट की बिक्री को अपराध माना जाएगा, जबकि नए हेलमेट को टू व्हीलर हेलमेट के रूप में तय किया जाएगा, जो मोटर साइकिल चालकों के लिए है, इसलिए बाईकर्स सिपर्फ आईएसआई मार्क वाले इंडस्ट्रियल हेलमेटस पहनकर कानून को दरकिनार नहीं करते हैं। इसके अलावा, परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों ने नए मोटरसाइकिल हेलमेट के परीक्षण के नियमों को संशोधित किया है।
इम्पेक्ट सहने की क्षमता के टेस्ट में कई नए इम्पेक्ट प्वाइंटस की संख्या बढ़ने के साथ ही, कर्बस स्टोन एविल के उपयोग आदि के साथ नए बदलाव संशोधित किए गए हैं। परीक्षणों में अब तापमान और आर्द्रता की विभिन्न स्थितियों के तहत सामने प्रभाव परीक्षण शामिल हैं। एक दुर्घटना के दौरान हेलमेट के स्टिमुलेट और एब्रिरेजन के साथ उनके रिटेंशन सिस्टम की प्रभावशीलता को प्रोत्साहित करने के लिए नए परीक्षण जोड़े गए हैं। चिन स्ट्रेप, के लिए एक अतिरिक्त माइक्रो-स्लिप टेस्ट और घर्षण टेस्ट भी होगा। रिटेंशन सिस्टम की त्वरित रिलीज तंत्र के लिए एक और परीक्षण नए दिशानिर्देशों के तहत जोड़ा गया है।
यह मानक दो पहिया सवारों द्वारा रोजमर्रा के उपयोग के लिए सुरक्षात्मक हेलमेट के साथ सामग्री (निर्माण, कारीगरी, फिनिश और प्रदर्शन के लिए या कम फेस कवर के लिए) की आवश्यकताओं को तय करता है। इस मानक द्वारा कवर किए गए हेलमेट हाई-स्पीड वाली प्रतिस्पर्धी आयोजनों के लिए उपयोग में नहीं लाए जा सकते हैं। मानक आकार 500 मिमी, 520 मिमी, 540 मिमी, 560 मिमी, 570 मिमी, 580 मिमी, 600 मिमी और 620 मिमी के हेलमेट को तय करता है जो कि सिर के रूपों का मिलान करने के लिए हैं।
इस नए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राजीव कपूर, एमडी, स्टीलबर्ड हेलमेट्स ने बताया कि हमारे लिए इस मानक को लागू करना सबसे चुनौतीपूर्ण काम था क्योंकि हमारे पास हेलमेट के 60 से अधिक मॉडल हैं जो प्रत्येक 3 अलग-अलग आकारों में बने हैं। तो किसी भी प्वाइंट पर हमारे पास 180 हेलमेट हैं जिन्हें नए मानकों के अनुसार तैयार करने के लिए परीक्षण और टेस्ट किए गए थे और हमें गर्व है कि हम सफल हुए हैं और समय से बहुत आगे हैं।
श्री कपूर ने कहा कि “अनिवार्य प्रमाणन व्यवस्था के तहत नए दोपहिया हेलमेट हल्के और हवादार हैं, लेकिन यह सख्त गुणवत्ता जांच से गुजर रहे हैं। स्टीलबर्ड में प्रति दिन 22,000 हेलमेट्स का उत्पादन करने की एक स्थापित क्षमता है और सभी हेलमेट नए आईएसआई मानकों को पूरा करेंगे। नए मानक को लागू करने की समय सीमा 15 जनवरी 2019 है और स्टीलबर्ड में हम आज से ही इसे लागू कर उत्पादों को लॉन्च करने के लिए तैयार हैं जो आईएस 4151ः 2015 मानक को पूरा करेंगे।”
श्री कपूर ने आगे कहा कि “हमने दूसरों के अनुसरण के लिए एक आदर्श उदाहरण स्थापित किया है। यह निश्चित रूप से हमारे लिए गर्व का क्षण है और हमारे उत्पादों में नए आईएसआई मानकों के बदलाव और समावेश इस उद्योग को तेजी से आगे बढ़ाएंगे। हमने अपने परिवर्तन के साथ बहुत तेजी से काम करने के लिए कड़ी मेहनत की है और नई नीति के साथ तालमेल रखने के लिए बहुत सतर्क हैं। ”मूल विचार यह है कि एक गैर-विनियमित बाजार से एक नए युग के बाजार में आगे बढ़ने में मदद की जाए जो नियमों का पालन करता है और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है।”
अंत में श्री राजीव कपूर ने कहा कि “नॉन-आईएसआई मार्क वाले हेलमेट बेचना नकली दवा बेचने के बराबर है। और जिस तरह नकली दवाएं हानिकारक और जहरीली होती हैं, उसी तरह नकली हेलमेट भी जानलेवा साबित होते हैं। नीति निर्माताओं के इस निर्णय का एक बड़ा और गहरा प्रभाव है।”