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वाहन मालिकों का फायदा: Parivahan वेबसाइट में जुड़ा नया वाहन रिकॉल पोर्टल, जानें कैसे है आपके लिए फायदेमंद
Wed, 14 Jul 2021 04:28 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 14 Jul 2021 04:28 PM IST
सार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Parivahan वेबसाइट पर एक समर्पित वाहन रिकॉल पोर्टल को शामिल किया है। जानें वाहन चालकों को इससे क्या फायदा होगा।
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Vehicles
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत पिछले कुछ वर्षों में देश में वाहन रिकॉल के संबंध में धीरे-धीरे, लेकिन लगातार अपने रुख और नीतियों को मजबूत कर रहा है। एक और उपाय है जिसे हम इस सूची में शामिल कर सकते हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत देश में वाहन मालिक अपने वाहनों में किसी भी खराबी के संबंध में सीधे भारत सरकार के पास शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Parivahan वेबसाइट पर एक समर्पित वाहन रिकॉल पोर्टल को शामिल किया है। इस नए पोर्टल के जरिए वाहन मालिकों अपने वाहनों की खराबियों के बारे में शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार हितधारकों के लिए व्हीकल रिकॉल की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपने रुख और नीतियों पर लगतार काम कर रही है। इसके साथ ही, इस तरह के कदम से सड़कों के सुरक्षित होने की उम्मीद है। यह फैसला 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हुआ।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Parivahan वेबसाइट पर एक समर्पित वाहन रिकॉल पोर्टल को शामिल किया है। इस नए पोर्टल के जरिए वाहन मालिकों अपने वाहनों की खराबियों के बारे में शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार हितधारकों के लिए व्हीकल रिकॉल की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपने रुख और नीतियों पर लगतार काम कर रही है। इसके साथ ही, इस तरह के कदम से सड़कों के सुरक्षित होने की उम्मीद है। यह फैसला 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी हुआ।
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इस व्हीकल रिकॉल पोर्टल का इस्तेमाल कर, उपयोगकर्ता अपने संबंधित वाहनों में मैन्युफैक्चरिंग के दोषों के बारे में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह वाहन का एक दोषपूर्ण हिस्सा या एक सॉफ्टवेयर समस्या भी हो सकती है। हालांकि, उपयोगकर्ता सिर्फ तभी शिकायत दर्ज कर सकता है जब उसका वाहन सात साल से कम पुराना हो।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद, MoRTH मामले की जांच करेगा और संबंधित वाहन निर्माता को वाहन के दोष की प्रकृति के आधार पर रिकॉल जारी करने का आदेश दे सकता है।
पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद, MoRTH मामले की जांच करेगा और संबंधित वाहन निर्माता को वाहन के दोष की प्रकृति के आधार पर रिकॉल जारी करने का आदेश दे सकता है।
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यह कदम काफी हद तक वैसा ही है जैसा अमेरिका में लागू है। अमेरिका में, राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) का भी ऐसा ही एक सिस्मट है। उपयोगकर्ता किसी भी वाहन संबंधी समस्या के बारे में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी द्वारा निरीक्षण किया जाता है और कई बार, NHTSA संबंधित वाहन निर्माताओं को इस मुद्दे पर कुछ वाहनों के लिए एक रिकॉल जारी करने का आदेश देता है।
भारत में इस समय वाहन निर्माताओं के लिए स्वैच्छिक रिकॉल नीति है। यह ओईएम को जब भी उनके संबंधित वाहनों में खराबी का पता चलता है, तो वे खुद ही रिकॉल जारी कर सकते हैं। सरकार काफी समय से वाहनों को रिकॉल करने की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाने की वकालत कर रही है। सरकार का नया कदम नजदीकी भविष्य में देश में वाहन रिकॉल की प्रक्रिया को अनिवार्य करने की दिशा में तेजी ला सकता है।