बैटरी है हर गाड़ी की जान, जरा सी लापरवाही बिगाड़ सकती है आपकी यात्रा
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वैसे तो हर गाड़ी में हर एक पार्ट काफी अहम् होता है, अगर एक पार्ट भी खराब हो जाये तो गाड़ी धोखा दे जाती है। इसलिए एक्सपर्ट यही सलाह देते हैं कि हमेशा अपनी गाड़ी को फिट रखें और हर जरूरी पार्ट्स को समय-समय पर चैक भी करते रहें। एक कार में बैटरी का काफी अहम रोल होता है, अक्सर देखने में आता है कि एक बार बैटरी इंस्टाल करने बाद लोग उसकी देखरेख करना भूल जाते हैं। वैसे आजकल मैनेटेंस फ्री बैटरी आने लगी हैं लेकीन कई बार इनकी भी देखरेख करना जरूरी हो जाता है। अक्सर कार की बैटरी में डिस्चार्ज प्रॉब्लम देखने को मिलती है। कई बार लम्बे समय से गाड़ी खड़ी रहने से भी ऐसा होता है। कुछ समय बाद सर्दी शुरू हो जाएगी और तब बैटरी में ज्यादा दिक्कतें देखने को मिलती हैं। ऐसे में हम आपको बैटरी रखरखाव को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं। आइये जानते हैं...
टर्मिनल पर ग्रीस से करें तौबा
अक्सर देखने में आता है लोकल जगह से गाड़ी की सर्विस कराते समय मैकेनिक बैटरी के टर्मिनल पर ग्रीस लगा देते हैं लेकिन बैटरी एक्सपर्ट बताते हैं कि ऐसा बिलकुल नहीं करना चाइये। टर्मिनल पर ग्रीस लगाने से बैटरी खराब हो सकती है। इसलिए ग्रीस की जगह पैट्रोलियम जैली या फिर वैसलीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। याद रखें हमेशा बैटरी टर्मिनल को साफ रखें।
महीने में दो बार टर्मिनल की जांच जरूरी
बैटरी एक्सपर्ट के मुताबिक महीने में दो बार बैटरी की जांच करना जरूर। अक्सर बैटरी टर्मिनल के पास एसिड जमा हो जाता है जिसे साफ करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह आपकी बैटरी का दुश्मन भी है। कार में बैटरी ही ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। अगर बैटरी मेंटेनेंस फ्री नहीं है और उसमें बैटरी वाटर का इस्तेमाल किये जाता है।
24 महीने में बदल लेनी चाइये बैटरी
आजकल जितनी भी बैटरी आ रही हैं उन पर 48 महीने की वारंटी मिलती है लेकिन सही मायनों में बैटरी एक साल के बाद ही खराब होने लगती हैं और बहुत अच्छा रखरखाव हो तो दो साल तक चल जाती हैं लेकिन फिर दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं। अगर आपकी कार की बैटरी भी 2 साल के भीतर दिक्कत करना शुरू कर रही है तो इसे समय रहते बदलवा लें।
गाड़ी के इंजन से भी है सीधा संपर्क
अगर आपकी कार चलते-चलते हीट हो जाए तो याद रखिये इसका असर कार की बैटरी पर भी पड़ता है। ऐसे में कार की बैटरी का पानी जल्दी सूख जाता है। इससे बैटरी जल्दी ऑक्सीडाइज्ड हो जाती है। इसलिए इंजन की देखभाल बेहद जरूरी है। अगर इंजन सही रहेगा तो बैटरी और अन्य पार्ट्स भी अपना काम ठीक से करेंगे।
सर्दी के मौसम में अक्सर कार स्टार्ट नहीं होती, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बैटरी खराब है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि बैटरी गर्मी के मौसम में ज्यादा खराब होती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि गर्मी में बैटरी जल्दी गर्म होती है और ओवरचार्ज होती है जिससे बैटरी जल्दी खराब होने लगती है।
बैटरी की खराब सेहत ऐसे पहचानें
रात में ड्राइव करते समय अगर हेडलाइट कम या ज्यादा हो रही हो, फिर हॉर्न की आवाज में कमजोरी नजर आये तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। बैटरी के टर्मिनल के आस-पास सफेद निशान देखने को मिले तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। अगर स्पीडो मीटर में बैटरी की लाइट ठीक से नहीं दिख रही तो भी यह इस बात का संकेत है कि बैटरी की सेहत खराब है।