सीएनजी पर फोकस: Maruti की सबसे ज्यादा बिकने वाली सबकॉम्पैक्ट SUV जल्द आ सकती है CNG विकल्प में, इसके बाद सेडान की बारी
देश की टॉप कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने पिछले साल 1,58,000 सीएनजी कारें बेची थीं। जबकि 2019 में यह संख्या 1,06,000 सीएनजी कारों की रही। वहीं देश में इन दिनों 300 शहरों में 3500 से ज्यादा सीएनजी स्टेशन हैं और पहले ही तुलना में सीएनजी ईंधन मिलना ज्यादा सुलभ हो गया है...
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सस्ती इलेक्ट्रिक कारों पर फोकस
दरअसल पेट्रोल के दाम इन दिनों अपने उच्च स्तर पर हैं। वहीं पेट्रोल कारें डीजल या सीएनजी कारों के मुकाबले माइलेज भी कम देती हैं। लेकिन जिस तरह से तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, ऐसे में आने वाले समय में लोग पेट्रोल कारों से दूसरी बना सकते हैं। वहीं दूसरी वजह पर्यावरण प्रदूषण भी है। कई कार मेकर अब इलेक्ट्रिक कारों पर फोकस कर रहे हैं। ह्यूंदै और टाटा मोटर्स पहले ही इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों के सेगमेंट में कूद चुके हैं। वहीं महिंद्रा भी जल्द ही इस लिस्ट में शामिल होने की तैयारी कर रही है।
हालांकि देश की कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी हाल फिलहाल में इलेक्ट्रिक कारों पर फोकस करती नहीं दिख रही है। कई बार टेस्टिंग के दौरान स्पॉट हो चुकी इलेक्ट्रिक वैगनआर की लॉन्चिंग को कंपनी पहले ही टाल चुकी है और संभव है कि अगले साल तक इसे लॉन्च करे। कंपनी को लगता है कि देश में सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की जरूरत है और फिलहाल इसकी कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है। वहीं कंपनी अभी सीएनजी और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली कारों पर फोकस कर रही है। कंपनी से जुडे़ सूत्रों का कहना है कि जब तक ईवी टेक्नोलॉजी सस्ती नहीं हो जाती कंपनी सीएनजी वाहनों पर ही फोकस करेगी।
2020 में बेचीं 1,58,000 सीएनजी कारें
मारुति पिछले साल 1,58,000 सीएनजी कारें बेच चुकी हैं, जबकि 2019 में 1,06,000 सीएनजी कारों की बिक्री हुई थी। आंकड़े देख कर पता चलता है कि लोग सीएनजी कारें खरीदना पसंद कर रहे हैं। वहीं कंपनी अब इस बिक्री को और बढ़ाना चाहती है। कंपनी की योजना है कि सीएनजी लाइनअप में सियाज और विटारा ब्रेजा को भी शामिल किया जाए और दोनों कारों को सीएनजी के साथ उतारा जाए। कंपनी के लिए इसमें इंजन को लेकर भी कोई समस्या नहीं है, क्योंकि कंपनी पहले ही 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन पावरट्रेन में अपनी एमपीवी कार अर्टिगा में सीएनजी का विकल्प दे रही है। इस टेक्नोलॉजी को कंपनी ब्रेजा और सियाज में भी इस्तेमाल कर सकती है।
वहीं कंपनी का कहना है कि पिछले कुछ सालों में सीएनजी कारों की मांग बढ़ने के पीछे पेट्रोल के दाम बढ़ना तो मुख्य वजह है ही, साथ ही सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ना भी है। देश में इन दिनों 300 शहरों में 3500 से ज्यादा सीएनजी स्टेशन हैं। और पहले ही तुलना में सीएनजी ईंधन मिलना ज्यादा सुलभ हो गया है। अब सीएनजी स्टेशनों पर लंबी लंबी कतारें नहीं दिखती हैं। जिसकी वजह से लोग सीएनजी कारें खरीदना पसंद कर रहे हैं।