फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Auto News ›   Indian auto companies will reduce the import of autoparts from China

ऑटो सेक्टर को 'आत्मनिर्भर' बनाने के लिए भारतीय कंपनियों ने कसी कमर, ड्रैगन की होगी छुट्टी

Wed, 19 Aug 2020 02:47 PM IST
श्रीधर मिश्रा ऑटो डेस्क, अमर उजाला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Wed, 19 Aug 2020 02:47 PM IST
विज्ञापन
Indian auto companies will reduce the import of autoparts from China
फाइल फोटो - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर मुहिम में अब भारतीय ऑटो सेक्टर और कंपनियां भी शामिल हो गई हैं। यही कारण है कि चीन में बने सामान पर निर्भरता खत्म करने के लिए वाहन कंपनियां ऑटो पार्ट्स बनाने वाली भारतीय कंपनियों को तकनीक और कौशल से मदद करेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो मारुति, महिंद्रा, टाटा, हीरो मोटोकॉर्प, टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो जैसी दिग्गज भारतीय कंपनियों ने अपने वाहनों में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स को चीन से आयात करने के बजाए देश में तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए ये बड़ी कंपनियां छोटी कंपनियों को मदद करेंगी।

विज्ञापन

ड्रैगन पर कितना निर्भर है भारतीय ऑटो सेक्टर?

 
  • साल 2018-19 में चीन से 4.75 अरब डॉलर के ऑटो पार्ट का आयात किया गया।
  • वाहनों को बनाने के लिए 60 फीसदी रॉ-मैटेरियल का आयात चीन से होता है।
  • भारतीय ऑटो सेक्टर में चीनी ऑटो पार्ट्स की 27 फीसदी हिस्सेदारी है। 
  • रिपोर्ट्स की मानें तो करीब 300 चीनी कंपनियां भारत में कारोबार के लिए आना चाहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

आपदा को बनाया अवसर


कोरोना से भले ही भारतीय ऑटो सेक्टर को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, लेकिन इस महामारी की वजह से अब सालों पुराना तरीका बदलने जा रहा है। दरअसल कोरोना के कारण सप्लाई चैन रुक गया था, जिसके कारण भारतीय ऑटो सेक्टर को कलपुर्जों की कमी से जूझना पड़ा। यही कारण है कि दोबारा ऐसी नौबत न आए इसके लिए कंपनियां दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता को कम कर रही हैं।

ऑटो इंडस्ट्री की निर्भरता को इस तरह से समझा जा सकता है कि वित्तवर्ष 2018-19 में भारत ने वाहनों को बनाने के लिए 17.6 अरब डॉलर के कलपुर्जो का आयात किया था, जिसमें से 25 फीसदी आयात चीन से किया गया था।


बढ़ेगा खर्च, लेकिन कंपनियां तैयार


अगर भारतीय कंपनियां चीन से कलपुर्जों का आयात करने के बजाए भारत में ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों से सामान लेती हैं, तो इससे पुर्जों की लागत बढ़ जाएगी। लेकिन, कंपनियां इसके लिए तैयार हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed