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जनरल मोटर्स का भारत में आखिरी प्लांट क्रिसमस से एक दिन पहले हो जाएगा बंद, ये है कारण
Mon, 21 Dec 2020 02:48 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 21 Dec 2020 02:48 PM IST
सार
जीएम और ग्रेट वॉल के बीच सौदे की घोषणा जनवरी में की गई थी जब उन्होंने एक बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए थे, और यह वर्ष के दूसरे छमाही में बंद होना था। हालांकि, अप्रैल में, भारत ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों से निवेश के लिए सख्त नियम बनाए।
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General Motors Assembly Plant (For Representation Only)
- फोटो : General Motors
विस्तार
जनरल मोटर्स क्रिसमस से एक दिन पहले भारत में अपने आखिरी कारखाने को बंद कर देगी। कंपनी के इस कदम को भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा माना जा रहा है। जनरल मोटर्स (जीएम) अपने महाराष्ट्र स्थित कारखाने को चीन की सबसे बड़ी एसयूवी बनाने वाली कंपनी ग्रेट वॉल मोटर्स को 2,000 करोड़ रुपये में बेचना चाहती थी, लेकिन भारत ने इस सौदे को मंजूरी नहीं दी है।
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गुरुवार को तालेगांव प्लांट के बंद होने के साथ, जीएम 1996 में शुरू हुए अपने भारत के कामकाज को अलविदा कह देगा। जीएम ने 2017 में गुजरात के हलोल में स्थित अपने अन्य भारतीय कारखाने को पहले ही चीन के SAIC को बेच दिया था। इस प्लांट का इस्तेमाल अब एमजी मोटर कर रही है।
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रिपोर्ट के मुताबिक एक सूत्र ने कहा कि तालेगांव साइट पर 1,800 वेतनभोगी और घंटे के हिसाब से काम करने वाले कर्मचारी हैं।
जीएम और ग्रेट वॉल के बीच सौदे की घोषणा जनवरी में की गई थी जब उन्होंने एक बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए थे, और यह वर्ष के दूसरे छमाही में बंद होना था।
जीएम और ग्रेट वॉल के बीच सौदे की घोषणा जनवरी में की गई थी जब उन्होंने एक बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए थे, और यह वर्ष के दूसरे छमाही में बंद होना था।
हालांकि, अप्रैल में, भारत ने चीन और अन्य पड़ोसी देशों से निवेश के लिए सख्त नियम बनाए। और जून में, लद्दाख में 20 भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद, महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि यह जीएम-ग्रेट वॉल और दो अन्य सौदों (5,000 करोड़ रुपये की कीमत) को रोक लगा रही है।
दोनों देशों के बीच बढ़ती शत्रुता के बीच, सरकार ने पड़ोसी देशों से सभी निवेश निर्णयों की जांच करने का फैसला किया था, जिसका उद्देश्य चीन से आने वाले निवेश को रोकना था। तालेगांव संयंत्र का उपयोग कारों को निर्यात करने के लिए किया जा रहा था।
इस प्लांट में तैयार होने वाले Chevrolet Beat (शेवरले बीट) को मुख्य रूप से मैक्सिको निर्यात किया जाता था। यह अब बंद हो गया है, जिसके बाद कंपनी ग्रेट वाल के साथ बिना किसी सौदे के कारखाने को बंद करने के लिए मजबूर हो गई है।
इस प्लांट में तैयार होने वाले Chevrolet Beat (शेवरले बीट) को मुख्य रूप से मैक्सिको निर्यात किया जाता था। यह अब बंद हो गया है, जिसके बाद कंपनी ग्रेट वाल के साथ बिना किसी सौदे के कारखाने को बंद करने के लिए मजबूर हो गई है।