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कोरोना वायरस का कहर: ऑटो सेक्टर पर मार, बंद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा कार कारखाना
Fri, 07 Feb 2020 04:38 PM IST
अमर शर्मा
पीटीआई, सियोल
पीटीआई, सियोल
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 07 Feb 2020 04:38 PM IST
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Hyundai Car Plant South Korea
- फोटो : Social Media
दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motors (ह्यूंदै मोटर्स) ने शुक्रवार को अपना प्रोडक्शन प्लांट अस्थायी तौर पर बंद कर दिया। हुंदै ने अपने विशाल उलसान संयंत्र में काम बंद कर दिया है। यहीं नहीं चीन में Tata Motors (टाटा मोटर्स) ने भी प्लांट का परिचालन बंद कर अपने 3000 कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा है। चेरी जगुआर लैंड रोवर कंपनी का प्लांट, वुहान से लगभग 800 किमी दूर चांगशु में स्थित है। चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ने के कारण वाहनों के कल-पुर्जों की कमी होने लगी है।
बता दें कि यह घातक वायरस जो पहली बार मध्य चीनी शहर वुहान में सामने आया। वुहान, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में ऑटो इंडस्ट्री का केंद्र है। चीन के वुहान प्रांत से फैले कोरोनावायरस से अब तक 636 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 31,000 तक पहुंच चुकी है और यह 20 से ज्यादा देशों में फैल चुका है।
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ग्लोबल कार इंडस्ट्री एक-दूसरे के साथ मांग और आपूर्ति के कारण बहुत नजदीक से जुड़ी हुई है। हुंदै को इससे पहले 2011 में जापान में आई सुनामी के वक्त आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से अपना उत्पादन रोकना पड़ा था। उस समय कंपनी की आपूर्तिकर्ता रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स का कारखाना बंद हुआ था जो उसे एक अहम कंप्यूटर चिप की आपूर्ति करता है।
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बता दें कि यह घातक वायरस जो पहली बार मध्य चीनी शहर वुहान में सामने आया। वुहान, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में ऑटो इंडस्ट्री का केंद्र है। चीन के वुहान प्रांत से फैले कोरोनावायरस से अब तक 636 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 31,000 तक पहुंच चुकी है और यह 20 से ज्यादा देशों में फैल चुका है।
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ग्लोबल कार इंडस्ट्री एक-दूसरे के साथ मांग और आपूर्ति के कारण बहुत नजदीक से जुड़ी हुई है। हुंदै को इससे पहले 2011 में जापान में आई सुनामी के वक्त आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से अपना उत्पादन रोकना पड़ा था। उस समय कंपनी की आपूर्तिकर्ता रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स का कारखाना बंद हुआ था जो उसे एक अहम कंप्यूटर चिप की आपूर्ति करता है।
कोरोना वायरस के संक्रमण से उद्योग जगत भी प्रभावित होने लगा है। दुनिया में सर्वाधिक उत्पादन क्षमता वाला कार कारखाना शुक्रवार को अस्थायी तौर पर बंद हो गया। दक्षिण कोरिया की वाहन कंपनी हुंदै ने अपने विशाल उलसान संयंत्र का परिचालन रोक दिया है। चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ने के कारण वाहनों के कल-पुर्जों की कमी होने लगी है।
इस संयंत्र की क्षमता सालाना 14 लाख वाहन बनाने की है। यह संयंत्र समुद्री तट पर स्थित है। इससे यह आसानी से कल-पुर्जों का आयात और तैयार वाहनों का निर्यात कर पाता है।
कुछ दिनों पहले कंपनी ने उल्सान स्थित प्लांट नंबर 5 में Genesis sedans (जेनेसिस सेडान) के उत्पादन को अस्थायी तौर पर बंद करने का निर्णय लिया था और कहा था कि कंपनी अभी और लंबी अवधि के लिए काम रोकने के बारे में विचार कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह चीन में कोरोना वायरस की वजह से कलपुर्जों की आपूर्ति बाधित होना बताया था और अपनी एक असेंबली लाइन पर काम रोक दिया था।
इस संयंत्र की क्षमता सालाना 14 लाख वाहन बनाने की है। यह संयंत्र समुद्री तट पर स्थित है। इससे यह आसानी से कल-पुर्जों का आयात और तैयार वाहनों का निर्यात कर पाता है।
कुछ दिनों पहले कंपनी ने उल्सान स्थित प्लांट नंबर 5 में Genesis sedans (जेनेसिस सेडान) के उत्पादन को अस्थायी तौर पर बंद करने का निर्णय लिया था और कहा था कि कंपनी अभी और लंबी अवधि के लिए काम रोकने के बारे में विचार कर रही है। कंपनी ने इसकी वजह चीन में कोरोना वायरस की वजह से कलपुर्जों की आपूर्ति बाधित होना बताया था और अपनी एक असेंबली लाइन पर काम रोक दिया था।
चीन ने कोरोनावायरस के संक्रमण को और फैलने से रोकने के लिये कारखानों को बंद करने का आदेश दिया है। इसके कारण चीन में निर्मित कल-पुर्जों पर निर्भर उद्योगों के लिये परिचालन जारी रख पाना मुश्किल होने लगा है। हुंदै के पास वाहन संयंत्र के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को आपस में जोड़ने वाले सामानों की कमी हो गयी है।
इसके कारण दक्षिण कोरिया में हुंदै समेत अन्य कंपनियों ने परिचालन फिलहाल रोक दिया है। सिर्फ दक्षिण कोरिया में ही इस कारण करीब 25 हजार कामगारों को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है।
उलसान संयंत्र में काम करने वाले पार्क ने कहा, "यह शर्मिंदगी की बात है कि मैं काम पर नहीं आ सकता और वेतन में कटौती भी स्वीकार करनी होगी। यह बेहद असहज करने वाली बात है।"
इसके कारण दक्षिण कोरिया में हुंदै समेत अन्य कंपनियों ने परिचालन फिलहाल रोक दिया है। सिर्फ दक्षिण कोरिया में ही इस कारण करीब 25 हजार कामगारों को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है।
उलसान संयंत्र में काम करने वाले पार्क ने कहा, "यह शर्मिंदगी की बात है कि मैं काम पर नहीं आ सकता और वेतन में कटौती भी स्वीकार करनी होगी। यह बेहद असहज करने वाली बात है।"
विश्लेषकों का मानना है कि यह कोरोनावायरस के कारण चीन से बाहर कारखानों के बंद होने का पहला उदाहरण है। विश्लेषकों के अनुसार, हुंदै पर इसका गंभीर असर होने वाला है। कंपनी को 5 दिन संयंत्र बंद रखने से अनुमानित तौर पर कम-से-कम 600 अरब वॉन यानी 50 करोड़ डॉलर का नुकसान होगा।
हुंदै की अनुषंगी किआ मोटर्स ने सोमवार को 3 संयंत्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रेनॉ की दक्षिण कोरियाई अनुषंगी बुसान संयंत्र को अगले सप्ताह बंद रखने जा रही है। फिएट क्राइशलर ने भी कहा है कि उसे अपने एक यूरोपीय कारखाने का परिचालन फिलहाल बंद करने पर बाध्य होना पड़ सकता है।
दक्षिण कोरिया की इन्हा यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर चिओंग इन-क्यो ने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समस्या यह है कि चीन में इस संक्रमण को कैसे काबू किया जाएगा, हमें नहीं पता। दक्षिण कोरिया की कंपनियां कल-पुर्जों के लिये चीन पर वृहद स्तर पर निर्भर हैं। समस्या है कि यदि एक भी पुर्जे की कमी हुई तो आप परिचालन जारी नहीं रख सकते हैं।’’
हुंदै की अनुषंगी किआ मोटर्स ने सोमवार को 3 संयंत्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रेनॉ की दक्षिण कोरियाई अनुषंगी बुसान संयंत्र को अगले सप्ताह बंद रखने जा रही है। फिएट क्राइशलर ने भी कहा है कि उसे अपने एक यूरोपीय कारखाने का परिचालन फिलहाल बंद करने पर बाध्य होना पड़ सकता है।
दक्षिण कोरिया की इन्हा यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर चिओंग इन-क्यो ने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समस्या यह है कि चीन में इस संक्रमण को कैसे काबू किया जाएगा, हमें नहीं पता। दक्षिण कोरिया की कंपनियां कल-पुर्जों के लिये चीन पर वृहद स्तर पर निर्भर हैं। समस्या है कि यदि एक भी पुर्जे की कमी हुई तो आप परिचालन जारी नहीं रख सकते हैं।’’
उन्होंने सचेत किया, ‘‘यह महज शुरुआत है। यह संकट ऑटो सेक्टर के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी फैलेगा।’’
मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने कहा, ‘‘चीन वैश्विक विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और उसकी वैश्विक विनिर्माण में करीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। चीन में कारखाने बंद होने से सबसे पहले उसके पड़ोसी देश ताईवान और वियतनाम तथा उसके बाद मलेशिया और दक्षिण कोरिया प्रभावित होंगे।’’
आपूर्ति श्रृंखला की कड़ियां लंबी होने के कारण अमेरिका व विश्व के अन्य हिस्सों में इसका असर दिखने में कुछ समय लग सकता है।
मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने कहा, ‘‘चीन वैश्विक विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और उसकी वैश्विक विनिर्माण में करीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। चीन में कारखाने बंद होने से सबसे पहले उसके पड़ोसी देश ताईवान और वियतनाम तथा उसके बाद मलेशिया और दक्षिण कोरिया प्रभावित होंगे।’’
आपूर्ति श्रृंखला की कड़ियां लंबी होने के कारण अमेरिका व विश्व के अन्य हिस्सों में इसका असर दिखने में कुछ समय लग सकता है।