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दिल्ली में शराब पीकर गाड़ी चलाने पर नहीं होगी जांच, लेकिन इन हालात में नहीं छोड़ेगी पुलिस
Thu, 19 Mar 2020 06:07 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 19 Mar 2020 06:07 PM IST
सार
कुछ दिनों पहले ही दिल्ली सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट (मोटर वाहन अधिनियम) में संशोधन को अधिसूचित किया था, जिसके बाद ऐसा लग रहा था कि ट्रैफिक पुलिस का काम कुछ आसान हो जाएगा, लेकिन अब एक नई समस्या खड़ी हो गई है। नए कोरोनोवायरस (Covid-19) संक्रमण के डर से ड्राइवर Breath Analyser Test (ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट) कराने से कतरा रहे हैं। कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए पुलिस ने कुछ खास परिस्थितियों को छोड़कर फिलहाल इस टेस्ट को रोकने का फैसला किया है।
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Breath Analyser Test Delhi Traffic Police (File)
- फोटो : PTI
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विस्तार
ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट यानी सांसों में एल्कॉहल की मात्रा जांचने का परीक्षण, जो यह पता लगाता है कि वे चालक नशे में हैं या नहीं।
बता दें कि कुछ दिनों पहले दिल्ली सरकार की अधिसूचना से ट्रैफिक पुलिस के महीनों के कामकाज में कुछ राहत मिली थी। पहले शहर के सभी ट्रैफिक चालानों को अदालत में भेजा जाता था। अब कुछ मामलों में चालान ऑन द स्पॉट काटे जा सकते हैं। ऐसे में लोगों का ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट करने से इनकार करना ट्रैफिक पुलिस के लिए सिरदर्दी बन गया।
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बता दें कि कुछ दिनों पहले दिल्ली सरकार की अधिसूचना से ट्रैफिक पुलिस के महीनों के कामकाज में कुछ राहत मिली थी। पहले शहर के सभी ट्रैफिक चालानों को अदालत में भेजा जाता था। अब कुछ मामलों में चालान ऑन द स्पॉट काटे जा सकते हैं। ऐसे में लोगों का ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट करने से इनकार करना ट्रैफिक पुलिस के लिए सिरदर्दी बन गया।
कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए विशेषज्ञ लगातार इस बात का आग्रह कर रहे हैं कि लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। हाथ, आंख, नाक और मुंह समय-समय पर धुलते रहें। कोई भी खाने वाली चीज मुंह में डालने से पहले यह निश्चित कर लें कि वह साफ और स्वच्छ हो। कोरोनावायरस के बढ़ते खतरे के बीच ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की भूमिका पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
ड्रिंक ड्राइविंग पिकेट का प्रबंधन करने वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कई ड्राइवरों ने हर नए ड्राइवर के लिए मुंह के दिए जाने वाले कार्टेज को बदलने के आश्वासन के बावजूद ब्रेथ-एनालाइजर के इस्तेमाल को लेकर आशंका जताई है।
ड्रिंक ड्राइविंग पिकेट का प्रबंधन करने वाले ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कई ड्राइवरों ने हर नए ड्राइवर के लिए मुंह के दिए जाने वाले कार्टेज को बदलने के आश्वासन के बावजूद ब्रेथ-एनालाइजर के इस्तेमाल को लेकर आशंका जताई है।
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रात के समय शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों का टेस्ट करने के लिए पुलिस ब्रेथ एनलाइजर का इस्तेमाल करती है। इसके लिए एनलाइजर को ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति के मुंह के पास लाया जाता है। इसके बाद मशीन बता देती है कि ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति ने कितनी मात्रा में शराब का सेवन किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ने, जो अपनी पहचान जाहिर करना नहीं चाहते थे, कहा, "कई ड्राइवरों ने ब्रेथ-एनालाइजर परीक्षण से साफ इनकार कर दिया। चूंकि यह एक महामारी है, हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते हैं।"
दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि फरवरी की तुलना में मार्च के महीने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में चालान की संख्या बहुत कम हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक एक ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ने, जो अपनी पहचान जाहिर करना नहीं चाहते थे, कहा, "कई ड्राइवरों ने ब्रेथ-एनालाइजर परीक्षण से साफ इनकार कर दिया। चूंकि यह एक महामारी है, हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते हैं।"
दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि फरवरी की तुलना में मार्च के महीने शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामलों में चालान की संख्या बहुत कम हो गई।
कोरोना वायरस के लेकर बन रहे हालात के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कहा है कि फिलहाल ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट नहीं किए जाएंगे। यह टेस्ट उस स्थिति में ही किए जाएंगे, जब कोई व्यक्ति नशे में धुत्त ड्राइविंग करता हुआ दिखे या इस तरह से ड्राइविंग कर रहा हो कि उसकी या औरों की जिंदगी को खतरा पैदा हो जाए। पुलिस ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों का परीक्षण होगा तो वह सभी संभावित सावधानियों के साथ किया जाएगा।
हालांकि इससे पहले संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा था कि विभाग ने मुंह में डाले जाने वाले कार्टेज के अतिरिक्त स्टॉक का आदेश दे दिया है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि ड्रिंक ड्राइविंग टेस्ट के जरिए वायरस ना फैले।
बुंदेला ने कहा, "इससे पहले भी एक व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बाद एक कार्टेज को फेंक दिया जाता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में हम अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। हम अपने स्वयं के कर्मचारियों के लिए मास्क और सुरक्षात्मक गियर पहनाने भी सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि वे लोगों के साथ बातचीत करते समय जोखिम में न पड़ें।"
बुंदेला ने कहा, "इससे पहले भी एक व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए जाने के बाद एक कार्टेज को फेंक दिया जाता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में हम अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। हम अपने स्वयं के कर्मचारियों के लिए मास्क और सुरक्षात्मक गियर पहनाने भी सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि वे लोगों के साथ बातचीत करते समय जोखिम में न पड़ें।"
कुछ दिनों पहले ही वहीं, दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पत्र लिखकर इस बात की मांग की है कि जब तक दिल्ली से कोरोना वायरस का खतरा खत्म नहीं हो जाता, तब तक पुलिस को ब्रेथ एनलाइजर का इस्तेमाल करने से रोकने का निर्देश दिया जाए।
वहीं, कोरोनो वायरस मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने शराब पीकर ड्राइविंग के मामलों के परीक्षण के लिए ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट के उपयोग को फिलहाल निलंबित कर दिया है।
महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम व्यक्ति-से-व्यक्ति के संपर्क को कम कर वायरस को फैलने से रोकने की संभावनाओं को कम करना है। उन्होंने कहा, "हमने ब्रेथ-एनालाइजर उपकरण के इस्तेमाल को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है।"
महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम व्यक्ति-से-व्यक्ति के संपर्क को कम कर वायरस को फैलने से रोकने की संभावनाओं को कम करना है। उन्होंने कहा, "हमने ब्रेथ-एनालाइजर उपकरण के इस्तेमाल को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है।"
महाराष्ट्र राजमार्ग पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) विनय करगांवकर ने इस संबंध में एक सर्कुलर सोमवार को जारी किया।
सर्कुलर में कहा गया, "राज्य में कोरोनावायरस का प्रकोप बताया गया है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, पुलिस कर्मियों को उसके मुताबिक एहतियाती उपाय करने की जरूरत है। इसलिए, सभी पुलिस इकाइयों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मोटर चालकों द्वारा शराब की जांच के लिए ब्रेथ-एनालाइजर परीक्षण नहीं करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद यह परीक्षण फिर से शुरू किया जाएगा। करगांवकर ने नागपुर में पीटीआई को बताया कि कोरोनो वायरस संक्रमण के आगे फैलने से रोकने के लिए यह फैसला किया गया।
सर्कुलर में कहा गया, "राज्य में कोरोनावायरस का प्रकोप बताया गया है। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए, पुलिस कर्मियों को उसके मुताबिक एहतियाती उपाय करने की जरूरत है। इसलिए, सभी पुलिस इकाइयों में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मोटर चालकों द्वारा शराब की जांच के लिए ब्रेथ-एनालाइजर परीक्षण नहीं करना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद यह परीक्षण फिर से शुरू किया जाएगा। करगांवकर ने नागपुर में पीटीआई को बताया कि कोरोनो वायरस संक्रमण के आगे फैलने से रोकने के लिए यह फैसला किया गया।