टायर्स के ब्लास्ट होने का खतरा 90 फीसदी तक कम कर देती है नाइट्रोजन गैस, जानें फायदे
अगर टायर्स में समय-समय पर हवा डलवाते रहें तो टायर्स की लाइफ और परफॉरमेंस हमेशा सही रहती है लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप टायर्स में कौन सी हवा भरवाते हैं। आजकल नाइट्रोजन हवा काफी चलन में है आप इसे नाइट्रोजन हवा या गैस भी कह सकते हैं, नार्मल हवा के मुकाबले यह थोड़ी महंगी जरूर होती है। लेकिन इससे टायर की लाइफ और वाहन की परफॉर्मेंस भी बेहतर होती है। आज कल ये तकरीबन हर पेट्रोल पंप पर उपलब्घ है बल्कि कुछ पेट्रोल पम्प पर तो यह अब फ्री में मिलने लगी है। चलिए आपको बताते हैं क्या हैं इसके फायदे
रिम को नहीं होता कोई नुकसान
नाइट्रोजन रासायनिक रूप से एक गैर-ज्वलनशील, गैर विषैले अक्रिय गैस है। यह किसी भी तापमान पर किसी अन्य गैस के साथ फ्यूज नहीं होती है। जिसके चलते टायर में न्यूनतम नमी रखने में मदद करती है। नाइट्रोजन हवा टायर में आद्रता यानी की नमी को कम करती है। जिससे टायर के रिम को कोई नुकसान नहीं होता। जबकि नार्मल हवा में ऑक्सीजन की मात्रा ज्यादा होती है जिसकी वजह से नमी की मात्रा बढ़ जाती है जिससे रिम को नुकसान पहुंचाता है।
हर मौसम के लिए बेहतर
नाइट्रोजन हवा नार्मल हवा की तुलना में अधिक ठंडी रहती है। जिसकी वजह से टायर्स हर मौसम में बेहतर परफॉर्म करते हैं सतह ही ड्राइव करने में सुविधा रहती है।
टायर के भीतर का तापमान रहता है एक समान
टायर में नाइट्रोजन हवा डलवाने से टायर के भीतर का तापमान एक समान बना रहता है जिससे इसके रिवास होने के चांस भी कम होते हैं। यानी जब टायर्स में हवा का दबाव एक समान रहेगा तो माइलेज और परफॉर्मेंस दोनों बेहतर होंगी। और गाड़ी भी हल्की चलती है।
टायर्स के ब्लास्ट होने का खतरा 90 फीसदी तक कम
खास बात यह है कि यदि आप टायर में नार्मल हवा भरवाते हैं तो लंबे समय तक ड्राइव करने के दौरान उच्च तापमान के कारण टायर्स के ब्लास्ट होने का खतरा बढ़ जाता है। जबकि नाइट्रोजन गैस के इस्तेमाल से टायर के फटने की संभावना करीब 90 फीसदी तक कम हो जाती है। इतना ही नहीं हाइवे पर टायर्स सुरक्षित रहते हैं।
फ्री में नाइट्रोजन गैस
नाइट्रोजन हवा किसी भी पेट्रोल पम्प पर आसानी से मिल जाती है। प्रति टायर के लिए आपको 20 से 25 तक देने होते हैं लेकिन कुछ पेट्रोल पम्प पर यह फ्री में भरी जाती है। और यदि आप पहले से इस गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम होने पर टॉप अप भी करवा सकते हैं और इसमें कम खर्च भी आता है। नार्मल हवा की तुलना में नाइट्रोजन हवा टायर्स में लम्बे समय तक रहती है इसलिए बार-बार इसे डलवाने की जरूरत नहीं पड़ती। जानकारी के लिए बता दें कि फॉर्मूला वन रेस में जो सुपर कारें होती हैं उन सभी के टायर्स में नाइट्रोजन गैस का ही प्रयोग किया जाता है ताकि टायर ब्लास्ट न हो और परफॉरमेंस बेहतर मिले।
दिल्ली के इंडियन ऑयल पेट्रोल पम्प पर फ्री में नाइट्रोजन गैस भरवा सकते हैं