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लॉकडाउन से मंदी का साया, 10 फीसदी ऑटो शोरूम्स पर लग सकता है ताला!
Thu, 16 Apr 2020 09:58 AM IST
अवधेश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Thu, 16 Apr 2020 09:58 AM IST
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Automobile sector
- फोटो : Social
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लॉकडान के कारण मंदी का सामना कर रहे कई छोटे और मध्यम श्रेणी के ऑटो डीलर अपने शोरूम बंद होने की संभावना को देखते हुए बड़े डीलरों के साथ अपने कारोबार को विलय करने पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि लॉकडाउन के बाद भी बिक्री होने की संभावना कम है।
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बता दें कि पूरे भारत में दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों को मिलाकर करीब 15 हजार ऑटो डीलरशिप हैं। माना जा रहा है कि लॉकडाउन के चलते अगले छह महीनों में इन डीलरों में से कम से कम 8-10 फीसदी बंद हो जाएंगे। इनका कहना है कि एक साल पहले भी 275 डीलरों को मंदी का हवाला देते हुए इनके शोरूम बंद करने के लिए मजबूर किया गया था।
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वहीं डीलर इस बात से सहमत हैं कि कारोबार को बड़ी डीलरशिप के साथ विलय करना इनके लिए एक फायदे का सौदा हो सकता है। फिलहाल ऐसे व्यापारी अपने काम में निरंतरता लाने के लिए इंवेंट्री फंडिंग प्राप्त करने में लगे हैं। इनमें ज्यादातर डीलरशिप महानगरों और टियर-1 बाजारों पर केंद्रित हैं। जहां मैनपावर और उनके संचालन में बहुत अधिक लागत आती है।
ऑटोमोटिव डीलर एसोसिएशन महासंघ के उपाध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान हमारी बिक्री बहुत धीमी हो जाएगी। हमारे टियर-3 कस्बों और मेट्रो सिटी में कई डीलरशिप हैं। उन्होंने कहा का आगामी समय में लागत में भी बढ़ोतरी हो सकती है।